गणित शिक्षक की कमी पर भड़का छात्रों का गुस्सा, स्कूल में तालाबंदी कर सड़क पर उतरे विद्यार्थी; समाधान का इंतजार
आरंग। पढ़ाई का सबसे अहम विषय माना जाने वाला गणित जब शिक्षक की कमी के कारण प्रभावित होने लगा, तो तमासिवनी के सरकारी स्कूल के विद्यार्थियों का सब्र जवाब दे गया। शासकीय हायर सेकेंडरी स्कूल तमासिवनी में गणित शिक्षक की मांग को लेकर छात्र-छात्राओं ने स्कूल के मुख्य द्वार पर तालाबंदी कर विरोध प्रदर्शन किया। विद्यार्थियों के साथ उनके परिजन भी प्रदर्शन में शामिल हुए। छात्रों ने साफ कहा कि लंबे समय से गणित शिक्षक नहीं होने के कारण उनकी पढ़ाई प्रभावित हो रही है और अब वे सिर्फ आश्वासन नहीं, बल्कि जल्द समाधान चाहते हैं।
शिक्षक नहीं तो पढ़ाई कैसे होगी?
प्रदर्शन कर रहे विद्यार्थियों के मुताबिक स्कूल में लंबे समय से गणित विषय के शिक्षक की कमी बनी हुई है। इसका सीधा असर नियमित पढ़ाई पर पड़ रहा है।छात्रों का कहना है कि गणित ऐसा विषय है, जिसमें लगातार कक्षाएं और अभ्यास जरूरी है। शिक्षक की अनुपलब्धता के कारण उनका पाठ्यक्रम प्रभावित हो रहा है और परीक्षा की तैयारी को लेकर भी चिंता बढ़ रही है।
स्कूल गेट पर तालाबंदी, सड़क पर बैठे छात्र
समस्या का समाधान नहीं होने से नाराज विद्यार्थियों ने स्कूल के मुख्य द्वार पर तालाबंदी कर दी। इसके बाद छात्र और उनके परिजन विरोध प्रदर्शन में शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन से मांग की कि स्कूल में जल्द से जल्द गणित शिक्षक की नियुक्ति की जाए। जब तक स्थायी शिक्षक की व्यवस्था नहीं होती, तब तक वैकल्पिक शिक्षक उपलब्ध कराने की मांग भी उठाई गई।
अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर की बातचीत
स्कूल में तालाबंदी और प्रदर्शन की जानकारी मिलते ही प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने विद्यार्थियों और उनके परिजनों से चर्चा की। स्कूल प्रबंधन और जिला पंचायत सदस्य से भी समस्या को लेकर बातचीत की गई। अधिकारियों की ओर से विद्यार्थियों की समस्या को समझते हुए समाधान की दिशा में कदम उठाने की बात कही गई है।
छात्रों की मांग पर अब फैसले का इंतजार
फिलहाल प्रदर्शन समाप्त होने के बाद सबसे बड़ा सवाल यही है कि तमासिवनी स्कूल में गणित शिक्षक की कमी कब तक दूर होगी? विद्यार्थियों का कहना है कि उनकी मांग किसी सुविधा की नहीं, बल्कि बेहतर पढ़ाई के अधिकार से जुड़ी है। ऐसे में अब नजर प्रशासन के अगले कदम पर है। अगर जल्द शिक्षक की व्यवस्था नहीं होती है, तो छात्रों ने अपना आंदोलन आगे बढ़ाने की चेतावनी दी है।
