सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई से पहले छत्तीसगढ़ में कोचिंग सेंटरों की जांच, कलेक्टरों से तीन दिन में मांगी रिपोर्ट
बिलासपुर : सुप्रीम कोर्ट में 18 अगस्त को प्रस्तावित सुनवाई से पहले छत्तीसगढ़ में निजी कोचिंग संस्थानों की जांच तेज कर दी गई है । उच्च शिक्षा विभाग ने प्रदेशभर के कलेक्टरों को पत्र जारी कर सभी निजी कोचिंग सेंटरों की विस्तृत जानकारी जुटाने के निर्देश दिए हैं । कलेक्टरों से तीन दिन के भीतर निर्धारित बिंदुओं पर रिपोर्ट तैयार कर भेजने को कहा गया है l
उच्च शिक्षा विभाग के सचिव अविनाश चंपावत की ओर से जारी पत्र में सुप्रीम कोर्ट के 25 जुलाई 2025 के आदेश का हवाला दिया गया है । इसके तहत प्रदेश में संचालित निजी कोचिंग संस्थानों में विद्यार्थियों की सुरक्षा, मानसिक स्वास्थ्य और शिकायत निवारण व्यवस्था की स्थिति की जानकारी मांगी गई है ।
छह बिंदुओं पर जुटाई जाएगी जानकारी
कलेक्टरों को प्रत्येक निजी कोचिंग संस्थान के संबंध में छह प्रमुख बिंदुओं पर जानकारी तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं । इसमें कोचिंग संस्थान का नाम और पता, पंजीयन की तिथि एवं उससे संबंधित जानकारी, विद्यार्थियों की सुरक्षा से जुड़े निर्धारित मापदंडों की स्थिति, शिकायत निवारण तंत्र, मानसिक स्वास्थ्य परामर्श एवं सुरक्षा उपाय तथा सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के पालन की वर्तमान स्थिति शामिल है । विभाग का उद्देश्य यह पता लगाना है कि निजी कोचिंग संस्थानों में विद्यार्थियों के लिए आवश्यक सुरक्षा और मानसिक स्वास्थ्य संबंधी व्यवस्थाएं वास्तव में लागू हैं या नहीं ।
100 से अधिक विद्यार्थियों वाले संस्थानों में काउंसलर जरूरी
सुप्रीम कोर्ट ने 25 जुलाई 2025 के अपने फैसले में शैक्षणिक संस्थानों में विद्यार्थियों के मानसिक स्वास्थ्य को लेकर कई महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए थे । कोर्ट ने 100 या उससे अधिक विद्यार्थियों वाले संस्थानों में कम से कम एक योग्य काउंसलर, मनोवैज्ञानिक या सोशल वर्कर की व्यवस्था करने पर जोर दिया था । इसके अलावा विद्यार्थियों पर उनकी क्षमता से अनुपातहीन शैक्षणिक लक्ष्य थोपने से बचने, प्रदर्शन के आधार पर विद्यार्थियों को अलग-अलग बैच में बांटने और किसी छात्र को सार्वजनिक रूप से शर्मिंदा करने जैसी गतिविधियों से बचने के निर्देश भी दिए गए थे ।
रिपोर्ट के आधार पर होगी आगे की कार्रवाई
सुप्रीम कोर्ट की आगामी सुनवाई को देखते हुए राज्य में कोचिंग संस्थानों की स्थिति का पूरा ब्यौरा तैयार किया जा रहा है । कलेक्टरों से प्राप्त रिपोर्ट के आधार पर प्रदेश के निजी कोचिंग संस्थानों में सुरक्षा, मानसिक स्वास्थ्य और न्यायसंगत शैक्षणिक वातावरण से जुड़े निर्देशों के पालन की स्थिति स्पष्ट होगी । इससे यह भी सामने आएगा कि किन संस्थानों में व्यवस्थाएं पूरी हैं और किन जगहों पर सुधार की आवश्यकता है ।
