सूरजपुर में Gen-Alpha का गुस्सा! छात्रावास की छात्राएं सड़क पर उतरीं, भोजन की कमी का आरोप; अधीक्षिका हटाने की मांग, देखे वीडियो
सूरजपुर। अपनी सुविधाओं और अधिकारों को लेकर मुखर हो रही Gen-Alpha पीढ़ी की आवाज अब छात्रावास तक भी पहुंच गई है। जिले के प्री-मैट्रिक छात्रावास भुनेश्वरपुर की छात्राओं ने भोजन और जरूरी सुविधाओं की कथित कमी को लेकर सड़क पर उतरकर विरोध प्रदर्शन किया। छात्राओं ने आरोप लगाया कि छात्रावास में उन्हें नियमित और पर्याप्त भोजन नहीं मिल रहा है। मेस की व्यवस्था भी उनकी जरूरतों के मुताबिक नहीं है। नाराज छात्राओं ने व्यवस्थाओं में सुधार के साथ अधीक्षिका को हटाने की मांग भी रखी।
भोजन की कमी का आरोप, छात्राओं ने कहा- बाहर से खाना पड़ता है
प्रदर्शनकारी छात्राओं के मुताबिक, छात्रावास में कई बार भोजन और रोजमर्रा की जरूरी सामग्री पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध नहीं होती। ऐसे में उन्हें अपनी जरूरतों के लिए खुद पैसे खर्च करने पड़ते हैं और कभी-कभी बाहर से खाना खरीदना पड़ता है। छात्राओं का कहना है कि जब वे छात्रावास में रह रही हैं तो उन्हें भोजन और मूलभूत सुविधाओं के लिए इस तरह परेशान नहीं होना चाहिए।
सड़क पर उतरीं छात्राएं, पुलिस पहुंची मौके पर
समस्याओं से नाराज छात्राओं ने सड़क पर धरना शुरू कर दिया। प्रदर्शन की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया। छात्राओं ने अपनी मांगों को लेकर अधिकारियों के सामने भी आवाज उठाई और छात्रावास की व्यवस्थाओं में तत्काल बदलाव की मांग की।
ट्राइबल विभाग ने सुनी Gen-Alpha की बात
मामले की जानकारी मिलने पर ट्राइबल विभाग के सहायक संचालक मौके पर पहुंचे। उन्होंने प्रदर्शन कर रही छात्राओं से बातचीत की और उनकी शिकायतों को सुना। छात्राओं ने भोजन, मेस व्यवस्था और अन्य जरूरी सुविधाओं के साथ अधीक्षिका की कार्यप्रणाली को लेकर भी अपनी नाराजगी जाहिर की।
आश्वासन के बाद खत्म हुआ प्रदर्शन
अधिकारियों ने छात्राओं को व्यवस्थाओं में सुधार का भरोसा दिलाया। समस्याओं के समाधान का आश्वासन मिलने के बाद छात्राओं ने अपना धरना समाप्त कर दिया। हालांकि छात्राओं ने साफ किया कि उन्हें सिर्फ आश्वासन नहीं, बल्कि जमीनी स्तर पर बदलाव चाहिए।
Gen-Alpha की आवाज ने उठाया बड़ा सवाल
यह प्रदर्शन सिर्फ छात्रावास की व्यवस्था का मुद्दा नहीं है, बल्कि यह सवाल भी खड़ा करता है कि सरकारी छात्रावासों में रहने वाले बच्चों को भोजन, सुरक्षा और बुनियादी सुविधाएं कितनी बेहतर तरीके से मिल रही हैं। अब देखना होगा कि छात्राओं के प्रदर्शन के बाद प्रशासन व्यवस्था में क्या बदलाव करता है और उनकी शिकायतों का स्थायी समाधान कब तक होता है।
