नदी प्रदूषण पर हाईकोर्ट की सख्ती: शराब फैक्ट्रियों की होगी जांच, कोर्ट कमिश्नर नियुक्त
बिलासपुर. छत्तीसगढ़ की नदियों में बढ़ते प्रदूषण को लेकर हाईकोर्ट ने कड़ा रुख अपनाया है। शराब फैक्ट्रियों से निकलने वाले कथित प्रदूषित अपशिष्ट के मामले में सुनवाई करते हुए मुख्य न्यायाधीश की खंडपीठ ने वास्तविक स्थिति जानने के लिए दो अधिवक्ताओं को कोर्ट कमिश्नर नियुक्त किया है।
हाईकोर्ट के निर्देशानुसार कोर्ट कमिश्नर राज्य की तीन डिस्टलरी इकाइयों का संयुक्त निरीक्षण करेंगे। निरीक्षण के दौरान पर्यावरणीय मानकों, अपशिष्ट प्रबंधन व्यवस्था और प्रदूषण नियंत्रण उपायों की समीक्षा की जाएगी। जांच रिपोर्ट 30 दिनों के भीतर अदालत में प्रस्तुत करनी होगी।
मामले की अगली सुनवाई 6 जुलाई को निर्धारित की गई है। कोर्ट कमिश्नरों की रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई और आवश्यक निर्देश जारी किए जा सकते हैं। इस मामले पर पर्यावरण संरक्षण और औद्योगिक गतिविधियों के बीच संतुलन को लेकर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
गौरतलब है कि बिलासपुर क्षेत्र में शिवनाथ नदी में बड़ी संख्या में मछलियों की मौत और प्रदूषण संबंधी मीडिया रिपोर्टों को हाईकोर्ट ने स्वतः संज्ञान में लिया था। इसके बाद संबंधित विभागों से जवाब तलब किया गया और अब मामले की स्वतंत्र जांच के लिए कोर्ट कमिश्नरों की नियुक्ति की गई है।
