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सोलर की आस में बिजली का झटका: 3400 से ज्यादा घरों की सब्सिडी फंसी, आवेदनों का अंबार और सुस्त रफ्तार
रायपुर। प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना के तहत अपने घरों की छतों पर सोलर पैनल लगवाकर बिजली बिल जीरो करने का सपना देखने वाले छत्तीसगढ़ के हजारों उपभोक्ताओं को तगड़ा झटका लगा है। राज्य में करीब 3484 लोगों की सब्सिडी सरकारी फाइलों में दबी हुई है। इनमें से 2133 उपभोक्ताओं का पैसा राज्य सरकार के पास अटका है तो 1351 लोग केंद्र की मदद का इंतजार कर रहे हैं। मजे की बात यह है कि एक साल में करीब 96 हजार से ज्यादा लोगों ने उत्साह में आवेदन तो कर दिया लेकिन कछुआ चाल से चल रहे विभाग के कारण अब तक सिर्फ 14 हजार घरों में ही पैनल लग पाए हैं। बाकी के हजारों लोग अब भी बिजली बोर्ड के चक्कर काट रहे हैं।
हाल ही में विधानसभा में दी गई जानकारी से पता चला है कि सरकारी दावों और जमीनी हकीकत में जमीन आसमान का फर्क है। विभाग कह रहा है कि लोग वेंडर नहीं चुन पा रहे हैं लेकिन हकीकत यह है कि पैनल लगने के बाद भी अफसरों के पास निरीक्षण करने का समय नहीं है जिसकी वजह से सब्सिडी का पैसा लोगों के बैंक खातों तक नहीं पहुंच पा रहा है।
टारगेट बड़ा पर काम आधा अधूरा
बिजली बोर्ड ने साल 2025-26 के लिए तीन लाख घरों में सोलर पैनल लगाने का भारी भरकम लक्ष्य रखा है। लेकिन पिछले दो सालों का रिकॉर्ड देखें तो यह मुंगेरी लाल के हसीन सपने जैसा लगता है। जब दो साल में विभाग केवल 14 हजार पैनल लगा सका है तो एक साल में तीन लाख का आंकड़ा कैसे छुएगा यह समझ से परे है। उपभोक्ताओं का कहना है कि काम पूरा होने के बाद भी महीनों तक अधिकारी फाइल दबाए बैठे रहते हैं जिससे आम आदमी परेशान हो रहा है।
सब्सिडी का गणित और अड़चनें
नियम के मुताबिक तीन किलोवॉट तक का सिस्टम लगाने पर ही सब्सिडी मिलती है। राज्य सरकार एक किलोवॉट पर 15 हजार और उससे ज्यादा पर 30 हजार रुपये तक की मदद देती है। वहीं केंद्र की ओर से करीब 78 हजार रुपये तक का फायदा मिलता है। लेकिन यह फायदा तभी मिलेगा जब बिजली विभाग की सुस्ती टूटेगी। 47 हजार से ज्यादा पात्र आवेदनों में से आधे से ज्यादा लोग अभी भी लाइन में खड़े हैं।
विभाग का गोलमोल जवाब
सीएसपीडीसीएल के एमडी भीम सिंह कंवर ने बताया कि प्रक्रिया पूरी होते ही लोगों को पैसा मिल रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि अगर कुछ लोगों की सब्सिडी रुकी है तो वे इसे चेक करवाएंगे। हालांकि साहब के इस आश्वासन से उन उपभोक्ताओं को राहत नहीं मिल रही है जो महीनों से अपनी गाढ़ी कमाई फंसाकर बैठे हैं।
- योजना की सुस्त चाल पर एक नजर
- कुल मिले आवेदन 96 हजार 410
- जितने घरों में लगे सोलर पैनल 14 हजार 028
- सब्सिडी का इंतजार कर रहे लोग 3 हजार 484
- अगले साल का टारगेट 03 लाख घर
छत्तीसगढ़ में कुल 65 लाख से ज्यादा बिजली उपभोक्ता हैं जिनमें से 51 लाख से ज्यादा घरेलू कनेक्शन हैं। इतनी बड़ी आबादी को सोलर से जोड़ने का दावा करने वाला विभाग फिलहाल खुद ही अंधेरे में हाथ-पांव मारता नजर आ रहा है।
लेखक के विषय में
मणिशंकर पांडेय National Jagat Vision के संस्थापक, मालिक एवं मुख्य संपादक हैं। वे निष्पक्ष, सटीक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता के लिए प्रतिबद्ध हैं। उनका उद्देश्य देश-दुनिया की सच्ची और विश्वसनीय खबरें पाठकों तक पहुँचाना है।
