‘नीर, नारी, निधि’ पुस्तक का विमोचन, मुख्यमंत्री साय ने किया विमोचन, जल संरक्षण की उपलब्धियां दर्ज
रायपुर : छत्तीसगढ़ में नदियों के उद्गम स्थलों के संरक्षण, संवर्धन और नदियों के पुनर्जीवन के उद्देश्य से 19 अगस्त को एक दिवसीय स्रोत महोत्सव का आयोजन किया गया । कार्यक्रम का आयोजन छत्तीसगढ़ शासन के जल संसाधन विभाग द्वारा मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के मुख्य आतिथ्य में किया गया । इस अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने ‘नीर, नारी, निधि’ नामक पुस्तक का विमोचन किया। पुस्तक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के राष्ट्रव्यापी अभियान ‘जल शक्ति अभियान : कैच द रेन’ के तहत छत्तीसगढ़ में जल संरक्षण को लेकर किए गए कार्यों और राज्य की उपलब्धियों का उल्लेख किया गया है ।
पुस्तक में बताया गया है कि ‘जल संचय, जन भागीदारी’ अभियान के तहत छत्तीसगढ़ में जल संरक्षण को लेकर व्यापक स्तर पर कार्य किए गए । अभियान में राज्य की उल्लेखनीय उपलब्धियों के लिए वर्ष 2025 में छत्तीसगढ़ को देशभर में दूसरा स्थान प्राप्त हुआ । इस उपलब्धि के लिए राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू द्वारा राज्य सरकार को सम्मानित भी किया गया ।
जल संरक्षण में महिलाओं की अहम भूमिका
‘नीर, नारी, निधि’ पुस्तक में जल संरक्षण के क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी को विशेष रूप से रेखांकित किया गया है। राज्य में जल संरक्षण की योजनाओं, प्रशासनिक प्रयासों और जनभागीदारी के साथ महिलाओं द्वारा निभाई गई अग्रणी भूमिका को भी पुस्तक में स्थान दिया गया है । पुस्तक को जल संसाधन विभाग के सचिव राजेश सुकुमार टोप्पो के मार्गदर्शन में तैयार किया गया । जल शक्ति अभियान के सहायक नोडल अधिकारी एवं मुख्य अभियंता आई ए सिद्दीकी और सहयोगी कार्यपालन अभियंता उत्तम कुमार सूरज के निरंतर प्रयासों से पुस्तक का संकलन एवं प्रकाशन संभव हुआ ।
अधिकारियों का किया गया सम्मान
स्रोत महोत्सव के दौरान पुस्तक तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले आई ए सिद्दीकी और उत्तम कुमार सूरज को स्मृति चिन्ह प्रदान कर सम्मानित किया गया । कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ की नदियों और उनके उद्गम स्थलों के संरक्षण के साथ जल स्रोतों को पुनर्जीवित करने की आवश्यकता पर भी जोर दिया गया । स्रोत महोत्सव को राज्य में जल संरक्षण के लिए शासन, प्रशासन और आम जनता की भागीदारी को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल के रूप में देखा जा रहा है ।
