कुसमुंडा खदान में फिर बड़ा हादसा! आमने-सामने टकराए दो ट्रेलर, एक ड्राइवर की मौत; मुआवजे को लेकर परिजनों का प्रदर्शन
कोरबा। कुसमुंडा खदान क्षेत्र में एक बार फिर भीषण सड़क हादसे ने सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। खदान के भीतर दो भारी ट्रेलरों की आमने-सामने जोरदार टक्कर हो गई। भिड़ंत इतनी जबरदस्त थी कि एक ट्रेलर का केबिन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और चालक उसमें फंस गया। हादसे में चालक की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दूसरे ट्रेलर का चालक गंभीर रूप से घायल बताया जा रहा है।
टक्कर के बाद केबिन में फंसा रहा चालक
हादसे में जान गंवाने वाले चालक की पहचान रेलिया निवासी विश्व प्रसाद बिट्टू के रूप में हुई है। टक्कर के बाद वाहन का अगला हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया, जिसके चलते चालक काफी देर तक केबिन के अंदर फंसा रहा। घटना के बाद खदान क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। आसपास मौजूद लोगों और कर्मचारियों ने राहत एवं बचाव की कोशिश शुरू की। वहीं घायल चालक को उपचार के लिए अस्पताल भेजे जाने की जानकारी सामने आई है।
खदान में वाहनों की आवाजाही पर उठे सवाल
बताया जा रहा है कि दुर्घटनाग्रस्त दोनों ट्रेलर नीलकंठ कंपनी के पेटी ठेकेदार PKS कंपनी से जुड़े हुए हैं। हादसे के बाद खदान के भीतर भारी वाहनों की आवाजाही, ड्राइविंग व्यवस्था और सुरक्षा मानकों को लेकर सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय लोगों और परिजनों की ओर से आरोप लगाया गया है कि खदान क्षेत्र में सुरक्षा नियमों का पर्याप्त पालन नहीं होने के कारण इस तरह की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। हालांकि, इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
मुआवजा और नौकरी की मांग पर प्रदर्शन
हादसे की खबर मिलते ही मृतक चालक के परिजन और स्थानीय लोग मौके पर पहुंच गए। परिजनों ने मृतक के परिवार के लिए उचित मुआवजा और आश्रित को नौकरी देने की मांग को लेकर प्रदर्शन शुरू कर दिया। प्रदर्शन के चलते कुछ समय के लिए खदान क्षेत्र में तनावपूर्ण स्थिति बन गई। लोगों ने सुरक्षा इंतजामों की समीक्षा और भविष्य में इस तरह के हादसों को रोकने के लिए ठोस कदम उठाने की मांग भी की।
पुलिस की समझाइश के बाद मामला शांत
घटना की सूचना मिलते ही कुसमुंडा थाना प्रभारी मृत्युंजय पांडे पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने प्रदर्शन कर रहे लोगों और मृतक के परिजनों से बातचीत कर स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया। पुलिस और प्रशासन की समझाइश के बाद प्रदर्शन शांत हुआ। फिलहाल हादसे की परिस्थितियों की जांच की जा रही है। पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि दोनों ट्रेलर किस परिस्थिति में आमने-सामने आए और दुर्घटना के पीछे किसी तरह की लापरवाही थी या नहीं।
हादसे ने फिर खड़े किए सुरक्षा के सवाल
कुसमुंडा खदान क्षेत्र में हुए इस हादसे के बाद एक बार फिर भारी वाहनों के संचालन और श्रमिकों की सुरक्षा को लेकर चर्चा तेज हो गई है। अब जांच के बाद ही स्पष्ट होगा कि दुर्घटना की वास्तविक वजह क्या थी और इसके लिए जिम्मेदारी किसकी तय होती है।
