Vatika Group Money Laundering Case: ED ने मांगे थे 7 दिन, कोर्ट ने मंजूर किए सिर्फ 3; भल्ला बंधुओं की रिमांड बढ़ी
गुरुग्राम। वाटिका ग्रुप से जुड़े कथित मनी लॉन्ड्रिंग मामले में अनिल भल्ला और गौतम भल्ला की मुश्किलें फिलहाल खत्म होती नजर नहीं आ रही हैं। चार दिन की प्रवर्तन निदेशालय (ED) कस्टडी पूरी होने के बाद दोनों को गुरुग्राम की विशेष पीएमएलए अदालत में पेश किया गया। ईडी ने जांच आगे बढ़ाने के लिए दोनों की सात दिन की अतिरिक्त हिरासत मांगी थी, लेकिन अदालत ने तीन-तीन दिन की और ED कस्टडी मंजूर की। अदालत के आदेश के मुताबिक अब दोनों आरोपियों को 5 अक्टूबर को शाम 4 बजे दोबारा पेश किया जाएगा।
चार दिन की पूछताछ के बाद भी जांच जारी
सुनवाई के दौरान ईडी ने अदालत को बताया कि पिछली चार दिनों की कस्टडी के दौरान आरोपियों से मामले से जुड़े कई पहलुओं पर पूछताछ की गई। इसके अलावा PMLA की धारा 50 के तहत कई संबंधित लोगों के बयान भी दर्ज किए गए हैं। जांच एजेंसी के मुताबिक मामले में दस्तावेजों, वित्तीय लेन-देन और अन्य रिकॉर्ड की मात्रा काफी अधिक है। उपलब्ध दस्तावेजों के आधार पर आरोपियों से आगे भी पूछताछ की जरूरत है।
10 लोगों को नोटिस, बयानों से जुड़े सवाल
ईडी ने अदालत में बताया कि जांच से जुड़े करीब 10 अन्य लोगों को नोटिस जारी कर पूछताछ के लिए बुलाया गया है। एजेंसी के अनुसार इन लोगों के बयान धारा 50 के तहत दर्ज किए जाने हैं। ईडी का कहना था कि इन बयानों और जांच के दौरान सामने आने वाली जानकारियों को आरोपियों के सामने रखकर पूछताछ करना जरूरी हो सकता है। एजेंसी का दावा है कि इस प्रक्रिया से लेन-देन और दस्तावेजों से जुड़े तथ्यों की पुष्टि करने में मदद मिलेगी।
बचाव पक्ष ने किया अतिरिक्त हिरासत का विरोध
वहीं, बचाव पक्ष की ओर से अतिरिक्त कस्टडी का विरोध किया गया। अदालत में दलील दी गई कि चार दिन तक आरोपियों से पर्याप्त पूछताछ हो चुकी है और अब उन्हें आगे हिरासत में रखने की आवश्यकता नहीं है। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद विशेष न्यायाधीश एवं पीएमएलए अदालत के जज नरेंद्र सुरा ने जांच अधिकारी की ओर से प्रस्तुत केस फाइल और अब तक की जांच की प्रगति का अवलोकन किया।
7 दिन की मांग, अदालत ने दी सिर्फ 3 दिन की मंजूरी
अदालत ने माना कि जांच में अभी कुछ अन्य व्यक्तियों के बयान दर्ज किए जाने हैं और उनके बयानों तथा दस्तावेजों के आधार पर आरोपियों से आगे पूछताछ की आवश्यकता हो सकती है। हालांकि, अदालत ने ईडी की सात दिन की अतिरिक्त कस्टडी की मांग को पूरी तरह स्वीकार नहीं किया। दोनों आरोपियों को केवल तीन दिन की अतिरिक्त ईडी हिरासत में भेजने का आदेश दिया गया।
मेडिकल जांच और वकील-परिजनों से मुलाकात की अनुमति
अदालत ने कस्टडी के दौरान आरोपियों के अधिकारों और स्वास्थ्य को लेकर भी निर्देश जारी किए हैं। ईडी को पूछताछ शुरू करने से पहले दोनों का मेडिकल परीक्षण कराने के लिए कहा गया है। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि उसकी अनुमति के बिना आरोपियों की कस्टडी किसी दूसरी एजेंसी को नहीं सौंपी जाएगी। इसके अलावा वकील और परिवार के सदस्यों से हर दिन सुबह 9 से 10 बजे तक मुलाकात की अनुमति दी गई है। किसी भी चिकित्सकीय जरूरत की स्थिति में दवा और आवश्यक उपचार उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए गए हैं।
28 सितंबर को हुई थी गिरफ्तारी
ईडी ने अनिल भल्ला और गौतम भल्ला को 28 सितंबर को गिरफ्तार किया था। इसके अगले दिन, यानी 29 सितंबर को दोनों को अदालत में पेश किया गया था, जहां अदालत ने चार दिन की ईडी रिमांड मंजूर की थी। चार दिन की अवधि समाप्त होने के बाद दोनों को फिर अदालत के समक्ष पेश किया गया। अब अदालत के ताजा आदेश के बाद जांच एजेंसी को पूछताछ के लिए तीन दिन और मिल गए हैं। मामले में आगे की कार्रवाई और जांच से सामने आने वाले तथ्यों पर अब नजर रहेगी।
