अब स्कूल की फीस भरते वक्त नहीं चलेगा पुराना तरीका, सीबीएसई ने जारी किए नए निर्देश
नई दिल्ली : सीबीएसई से संबद्ध स्कूलों में अब फीस और दूसरी वित्तीय गतिविधियों के भुगतान का तरीका बदलने की तैयारी है। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने स्कूलों में पारदर्शी, सुरक्षित और डिजिटल भुगतान व्यवस्था को बढ़ावा देने के लिए नए निर्देश जारी किए हैं। 30 सितंबर को जारी सर्कुलर में बोर्ड ने स्कूलों के प्राचार्यों को फीस के साथ कैंटीन, लाइब्रेरी और अन्य भुगतान में डिजिटल माध्यमों का इस्तेमाल बढ़ाने की सलाह दी है।
कम इंटरनेट भी नहीं बनेगा अड़चन
सीबीएसई ने उन क्षेत्रों का भी ध्यान रखा है जहां इंटरनेट कनेक्टिविटी कमजोर रहती है। ऐसे इलाकों में भुगतान के लिए यूपीआई लाइट, यूपीआई लाइट एक्स और यूपीआई 123 पे जैसे विकल्प अपनाने का सुझाव दिया गया है। इसका उद्देश्य यह है कि कमजोर नेटवर्क के कारण अभिभावकों और छात्रों को भुगतान के दौरान परेशानी न हो।
फीस जमा करने की व्यवस्था भी होगी डिजिटल
बोर्ड ने स्कूलों को फीस कलेक्शन को ज्यादा आसान और सुरक्षित बनाने के लिए भारत बिल भुगतान प्रणाली (बीबीपीएस) से जुड़ने की सलाह दी है। इसके अलावा स्कूल अपने स्कूल मैनेजमेंट सॉफ्टवेयर को डिजिटल पेमेंट सिस्टम से जोड़ सकते हैं। इससे फीस भुगतान और उसके रिकॉर्ड को व्यवस्थित रखने में मदद मिलेगी।
छात्रों-अभिभावकों को भी सिखाया जाएगा डिजिटल लेन-देन
सीबीएसई ने केवल भुगतान का तरीका बदलने पर ही जोर नहीं दिया है, बल्कि डिजिटल वित्तीय साक्षरता को भी महत्वपूर्ण माना है। स्कूलों में विद्यार्थियों, अभिभावकों और शिक्षकों को सुरक्षित डिजिटल लेन-देन के प्रति जागरूक करने के लिए अभियान और प्रशिक्षण कार्यक्रम चलाने की बात कही गई है।
तकनीकी दिक्कत आई तो स्कूल को देनी होगी मदद
डिजिटल व्यवस्था लागू करने के साथ ही स्कूलों को तकनीकी समस्याओं से निपटने के लिए सहायता प्रणाली तैयार करने को भी कहा गया है। यानी भुगतान के दौरान किसी तरह की परेशानी होने पर छात्रों और अभिभावकों को सहायता मिल सकेगी। सीबीएसई के इस कदम से स्कूलों में होने वाले वित्तीय लेन-देन को कैशलेस, पारदर्शी और ज्यादा सुरक्षित बनाने की दिशा में बदलाव तेज होने की उम्मीद है।
