1000 रुपए के लिए दोस्त का कत्ल! कार में बैठाकर जंगल ले गया, सिर पर लकड़ी से वार कर मौत के घाट उतारा; सबूत मिटाने नदी में धोई कार
जशपुर। छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले में महज एक हजार रुपए के लेन-देन को लेकर दोस्त की हत्या का सनसनीखेज मामला सामने आया है। पुलिस के मुताबिक, सेकंड हैंड मोबाइल के बकाया पैसे को लेकर हुए विवाद के बाद आरोपी ने अपने दोस्त को कार में बैठाया और जंगल ले गया। वहां कथित तौर पर लकड़ी के फाड़े से सिर पर वार कर उसकी जान ले ली।
हत्या के बाद आरोपी ने पुलिस से बचने के लिए सबूत मिटाने की कोशिश भी की। पुलिस का दावा है कि उसने खून से सने कपड़े और मृतक का मोबाइल नदी में फेंक दिया, जबकि कार पर पड़े खून के निशान पानी से धोकर साफ किए। करीब एक सप्ताह की जांच के बाद पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है।
जंगल में मिला था खून से सना शव
पुलिस के अनुसार, 23 सितंबर को जुरगुम-तुर्रापानी जंगल क्षेत्र में रपटा पुलिया के पास एक अज्ञात युवक का शव मिलने की सूचना मिली थी। सूचना पर पुलिस टीम मौके पर पहुंची और घटनास्थल की जांच शुरू की।
मृतक के सिर के पिछले हिस्से में गंभीर चोट के निशान मिले थे। उसके कपड़ों के आधार पर तत्काल पहचान नहीं हो सकी। पुलिस ने पंचनामा कार्रवाई के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा और मर्ग कायम कर अज्ञात आरोपी के खिलाफ जांच शुरू की।
पहचान होते ही दोस्त पर गहराया शक
जांच के दौरान पुलिस ने आसपास के गांवों में पूछताछ की और मृतक की पहचान राजेश दास (29) निवासी ग्राम विमड़ा के रूप में की। राजेश खेती-किसानी करता था। जांच आगे बढ़ी तो पुलिस की निगाह उसके परिचित कृष्णा उर्फ कैलाश यादव पर गई। आरोपी ग्राम झगरपुर का रहने वाला बताया गया है। पुलिस ने उससे पूछताछ की तो मोबाइल की खरीद-बिक्री और बकाया रकम को लेकर दोनों के बीच विवाद की जानकारी सामने आई।
6 हजार का मोबाइल, 1000 रुपए ने बिगाड़ा रिश्ता
पुलिस के मुताबिक, कैलाश ने राजेश को ओप्पो कंपनी का सेकंड हैंड मोबाइल 6 हजार रुपए में दिया था। राजेश ने कथित तौर पर 5 हजार रुपए चुका दिए थे, जबकि एक हजार रुपए बाकी थे। इसी बकाया रकम को लेकर दोनों के बीच विवाद चल रहा था। पुलिस का कहना है कि यही आर्थिक विवाद बाद में हिंसक घटना में बदल गया।
कार में बैठाकर जंगल ले गया, फिर किया हमला
पुलिस जांच के मुताबिक, 23 सितंबर को आरोपी राजेश को अपनी कार में बैठाकर जुरगुम जंगल की ओर ले गया। वहां दोनों के बीच बकाया रकम को लेकर बहस हुई। आरोप है कि विवाद बढ़ने के बाद कैलाश ने राजेश को कार से बाहर उतारा और जमीन पर पड़े लकड़ी के फाड़े से उसके सिर पर दो बार हमला किया। गंभीर चोट लगने के बाद राजेश मौके पर ही गिर पड़ा और उसकी मौत हो गई। इसके बाद आरोपी ने कथित तौर पर शव को जंगल के अंदर एक गहरे स्थान पर फेंक दिया।
हत्या के बाद सबूत मिटाने की कोशिश
पुलिस के अनुसार, घटना के बाद आरोपी ने अपनी पहचान और अपराध से जुड़े सबूत छिपाने का प्रयास किया। हत्या में इस्तेमाल लकड़ी का फाड़ा और मृतक का मोबाइल मैनी नदी में फेंकने की बात जांच में सामने आई है। इसके अलावा घटना के दौरान पहने गए कपड़ों को भी आरोपी ने डोड़की नदी में फेंक दिया। पुलिस का दावा है कि कार पर लगे खून के छींटों को मिटाने के लिए आरोपी ने वाहन को नदी के पानी से धोया। पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर उसके घर से लाल रंग की स्विफ्ट कार बरामद की है। अब वाहन और अन्य बरामद सामग्री को जांच का हिस्सा बनाया गया है।
एक हफ्ते में पुलिस ने सुलझाई हत्या की गुत्थी
मामले में पुलिस ने घटनास्थल, मृतक की पहचान, आपसी लेन-देन और संदिग्धों से पूछताछ को जोड़ते हुए जांच आगे बढ़ाई। पुलिस के मुताबिक, पूछताछ के दौरान आरोपी ने घटना में अपनी भूमिका स्वीकार की। पर्याप्त साक्ष्य जुटाने के बाद आरोपी कृष्णा उर्फ कैलाश यादव को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया।
हत्या के साथ सबूत मिटाने की धारा भी जुड़ी
ASP राकेश कुमार पाटनवार के अनुसार, मामले में आरोपी के खिलाफ BNS की धारा 103(1) के तहत हत्या का अपराध दर्ज किया गया है। पुलिस के मुताबिक, अपराध के बाद सबूत नष्ट करने के प्रयास को देखते हुए BNS की धारा 238 भी जोड़ी गई है। पुलिस अब बरामद कार और अन्य साक्ष्यों की जांच के साथ मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई कर रही है।
