Manicure-Pedicure के बाद न करें ये 5 गलतियां, वरना बढ़ सकती है टैनिंग और त्वचा हो सकती है रूखी
मैनीक्योर और पेडीक्योर सिर्फ हाथ-पैरों की खूबसूरती बढ़ाने तक सीमित नहीं हैं। इस प्रक्रिया में नाखूनों और क्यूटिकल्स की सफाई, डेड स्किन को हटाना, स्क्रबिंग और त्वचा को मॉइस्चराइज करना शामिल होता है। इसके बाद हाथ-पैर साफ, मुलायम और बेहतर दिख सकते हैं।
हालांकि, ट्रीटमेंट के बाद की देखभाल भी उतनी ही जरूरी है। एक्सफोलिएशन के बाद त्वचा कुछ समय के लिए संवेदनशील महसूस कर सकती है। ऐसे में अगर तुरंत धूप, गंदगी, कठोर केमिकल या ज्यादा पानी के संपर्क में आते हैं, तो जलन, रूखापन या टैनिंग जैसी परेशानी हो सकती है। आइए जानते हैं मैनीक्योर-पेडीक्योर के बाद किन बातों का ध्यान रखना चाहिए।
1. पेडीक्योर के तुरंत बाद न चलें नंगे पैर
पेडीक्योर के बाद पैरों की त्वचा साफ और मुलायम होती है। इस दौरान सीधे धूल-मिट्टी या गंदी सतह के संपर्क में आने से बचना बेहतर है। खासकर बाहर निकलते समय साफ और आरामदायक फुटवियर पहनें। इसी तरह मैनीक्योर के बाद भी हाथों को गंदगी और कठोर केमिकल से बचाएं। अगर आपको बर्तन धोने या सफाई जैसे काम करने हैं, तो घरेलू ग्लव्स का इस्तेमाल किया जा सकता है।
2. हाथ-पैरों पर सनस्क्रीन लगाना न भूलें
अक्सर लोग चेहरे पर सनस्क्रीन लगाते हैं, लेकिन हाथों और पैरों को नजरअंदाज कर देते हैं। मैनीक्योर-पेडीक्योर के बाद भी हाथ-पैरों की खुली त्वचा को धूप से बचाना जरूरी है।बाहर निकलते समय हाथों और पैरों के खुले हिस्से पर उपयुक्त ब्रॉड-स्पेक्ट्रम सनस्क्रीन लगाया जा सकता है। इससे यूवी एक्सपोजर से होने वाली टैनिंग और त्वचा को होने वाले नुकसान से बचाव में मदद मिलती है।
3. तुरंत मेहंदी या रंग लगाने से बचें
मैनीक्योर या पेडीक्योर के तुरंत बाद त्वचा पर मेहंदी, हेयर डाई या अन्य रंगीन उत्पाद लगाने से बचना बेहतर है, खासकर अगर त्वचा संवेदनशील हो या एक्सफोलिएशन के बाद जलन महसूस हो रही हो। हर व्यक्ति की त्वचा अलग होती है, इसलिए किसी भी नए प्रोडक्ट को इस्तेमाल करने से पहले उसके इंग्रीडिएंट्स और अपनी त्वचा की संवेदनशीलता का ध्यान रखें।
4. मॉइस्चराइजर लगाना न भूलें
स्क्रबिंग और एक्सफोलिएशन के बाद त्वचा की ऊपरी परत से डेड स्किन हटाई जाती है। इसके बाद त्वचा में रूखापन महसूस हो सकता है। इसलिए हाथ-पैरों को अच्छी तरह मॉइस्चराइज करना जरूरी है। नाखूनों और क्यूटिकल्स के आसपास भी मॉइस्चराइजर या क्यूटिकल ऑयल का इस्तेमाल किया जा सकता है। इससे त्वचा को मुलायम बनाए रखने में मदद मिलती है और रूखापन कम हो सकता है।
5. ज्यादा पानी और केमिकल के संपर्क से बचें
ट्रीटमेंट के तुरंत बाद लंबे समय तक हाथों को पानी में रखने या कठोर क्लीनिंग प्रोडक्ट्स के संपर्क में आने से त्वचा और क्यूटिकल्स रूखे हो सकते हैं। बर्तन धोने या घर की सफाई के दौरान ग्लव्स पहनना बेहतर विकल्प है। हाथ धोने के लिए बहुत कठोर साबुन के बजाय माइल्ड क्लींजर का इस्तेमाल करें और हाथों को साफ करने के बाद मॉइस्चराइजर जरूर लगाएं।
त्वचा को जोर से रगड़ने की गलती न करें
मैनीक्योर-पेडीक्योर के बाद त्वचा को बार-बार स्क्रब करना या जोर से रगड़ना सही नहीं है। ऐसा करने से त्वचा में जलन, लालिमा और संवेदनशीलता बढ़ सकती है। अगर पैरों या हाथों पर फिर से डेड स्किन दिखाई देने लगे तो तुरंत दोबारा हार्ड स्क्रब करने के बजाय त्वचा को पर्याप्त समय दें और नियमित मॉइस्चराइजिंग पर ध्यान दें।
घर पर मैनीक्योर-पेडीक्योर करते समय भी रखें सावधानी
मैनीक्योर और पेडीक्योर घर पर भी किया जा सकता है, लेकिन इस्तेमाल किए जाने वाले टूल्स साफ और सैनिटाइज्ड होने चाहिए। नाखूनों के आसपास कट लगने या त्वचा को ज्यादा काटने से संक्रमण का जोखिम बढ़ सकता है। हर 20-25 दिन में इसे करना जरूरी है, ऐसा कोई सार्वभौमिक नियम नहीं है। इसकी जरूरत आपकी त्वचा, नाखूनों और व्यक्तिगत ग्रूमिंग रूटीन पर निर्भर करती है।
कब डॉक्टर या त्वचा विशेषज्ञ से सलाह लें?
अगर मैनीक्योर या पेडीक्योर के बाद लगातार लालिमा, सूजन, तेज जलन, दर्द, पस, फफोले या संक्रमण जैसे लक्षण दिखाई दें, तो घरेलू उपायों के बजाय डॉक्टर या त्वचा विशेषज्ञ से सलाह लेना बेहतर है। मैनीक्योर-पेडीक्योर के बाद थोड़ी सावधानी रखने से हाथ-पैरों की त्वचा को स्वस्थ और मुलायम बनाए रखने में मदद मिल सकती है। धूप से बचाव, नियमित मॉइस्चराइजिंग, साफ-सफाई और कठोर केमिकल से दूरी बनाना इस देखभाल का अहम हिस्सा है। वहीं त्वचा को जरूरत से ज्यादा स्क्रब करने या बार-बार एक्सफोलिएट करने से बचना चाहिए।
