केंद्रीय जेल में 4 कैदियों की मौत के बाद हाई अलर्ट, कलेक्टर ने दिए स्वास्थ्य परीक्षण के निर्देश
बिलासपुर : केंद्रीय जेल बिलासपुर में हाल ही में चार कैदियों की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के बाद जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए कलेक्टर संजय अग्रवाल ने जेल परिसर में तत्काल विशेष स्वास्थ्य शिविर आयोजित करने के निर्देश जारी किए हैं। प्रशासन का उद्देश्य जेल में बंद सभी कैदियों के स्वास्थ्य की व्यापक जांच कर उनकी वास्तविक स्वास्थ्य स्थिति का आकलन करना और किसी भी संभावित बीमारी की समय रहते पहचान सुनिश्चित करना है।
कलेक्टर के निर्देशानुसार स्वास्थ्य विभाग की टीम जेल पहुंचकर प्रत्येक कैदी का अनिवार्य स्वास्थ्य परीक्षण करेगी। इस दौरान सामान्य स्वास्थ्य जांच के साथ-साथ रक्तचाप, शुगर, संक्रमण संबंधी लक्षणों और अन्य गंभीर बीमारियों की भी जांच की जाएगी। जिन कैदियों में किसी प्रकार की स्वास्थ्य संबंधी समस्या पाई जाएगी, उन्हें तत्काल आवश्यक उपचार उपलब्ध कराया जाएगा तथा जरूरत पड़ने पर उच्च चिकित्सा संस्थान में रेफर करने की व्यवस्था भी की जाएगी।
हाल के घटनाक्रम को देखते हुए कैदियों में हृदय संबंधी बीमारियों के जोखिम का भी विशेष आकलन किया जाएगा। इसके लिए जेल परिसर में ईसीजी (ECG) मशीन उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि हृदय रोग से जुड़े संभावित मामलों की समय पर पहचान हो सके और आवश्यक चिकित्सा सहायता तुरंत प्रदान की जा सके। इसके अलावा नियमित स्वास्थ्य निगरानी की व्यवस्था को भी और अधिक प्रभावी बनाने पर जोर दिया गया है।
प्रशासन का मानना है कि नियमित स्वास्थ्य परीक्षण और समय पर इलाज से न केवल गंभीर बीमारियों का समय रहते पता लगाया जा सकेगा, बल्कि भविष्य में किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना या चिकित्सकीय लापरवाही की आशंका को भी काफी हद तक रोका जा सकेगा। जिला प्रशासन ने स्वास्थ्य विभाग और जेल प्रबंधन को समन्वय के साथ कार्य करने तथा शिविर की विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश भी दिए हैं।
ज्ञात हो कि पिछले एक माह में ही बिलासपुर केंद्रीय जेल में बंद 4 कैदी की मौत हो गई। जिससे कैदियों की स्वास्थ्य सुविधाओं और आपातकालीन चिकित्सा व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं। सोमवार को ही एक कैदी की मौत हो गई थी l जिसकी पहचान 31 वर्षीय प्रभु कुमार मनहर निवासी विद्याडीह टांगर, पचपेड़ी के रूप में हुई है। वह नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में दोषी ठहराए जाने के बाद 20 वर्ष के कठोर कारावास की सजा काट रहा था। जेल प्रशासन के अनुसार प्रभु की तबीयत कई दिनों से खराब थी और 15 जुलाई से उसका इलाज जेल अस्पताल में चल रहा था।
सोमवार को सीने में तेज दर्द की शिकायत के बाद उसे प्राथमिक उपचार दिया गया, लेकिन हालत में सुधार नहीं होने पर सिम्स रेफर किया गया। अस्पताल पहुंचने से पहले ही उसकी मौत हो गई।
