हथौड़ा लेकर पहुंचा हत्यारा... रेलवे ठेकेदार के सुपरवाइजर की बेरहमी से हत्या, सीसीटीवी में कैद हुआ संदिग्ध, चोरी या पुरानी रंजिश, पुलिस दोनों एंगल से कर रही जांच
बिलासपुर : तोरवा थाना क्षेत्र की आरपीएफ कॉलोनी के पास गुरुवार सुबह उस वक्त सनसनी फैल गई, जब रेलवे निर्माण कार्य से जुड़े सामान की रखवाली करने वाले सुपरवाइजर का शव खून से लथपथ हालत में मिला। मृतक के सिर पर भारी वस्तु से वार किए जाने के निशान हैं। वारदात के बाद से इलाके में दहशत का माहौल है। मृतक की पहचान नरेश कुमार गुप्ता के रूप में हुई है। वह मूल रूप से बिहार के आरा जिले का रहने वाला था और पिछले करीब दो साल से बिलासपुर में रहकर रेलवे ठेकेदार के लिए काम कर रहा था। नरेश रेलवे स्टेशन के निर्माण कार्य से जुड़े सामान के गोदाम की चौकीदारी करता था।
हथौड़ा लेकर पहुंचा संदिग्ध
हत्या की जांच में सामने आया सीसीटीवी फुटेज पुलिस के लिए अहम सुराग बन गया है। फुटेज में करीब 25 से 30 साल का एक संदिग्ध युवक दिखाई दे रहा है। उसके हाथ में हथौड़ा नजर आ रहा है और वह नरेश की ओर बढ़ता दिखाई देता है। हालांकि कैमरे में हमला करते हुए दृश्य साफ तौर पर रिकॉर्ड नहीं हुआ है, लेकिन फुटेज में नरेश की चीखें सुनाई देने की बात सामने आई है। यही वजह है कि पुलिस अब सीसीटीवी फुटेज के हर हिस्से को खंगाल रही है और संदिग्ध की पहचान करने में जुटी है।
सुबह पानी टंकी के पास मिला शव
बताया गया कि गुरुवार सुबह आरपीएफ कॉलोनी में पानी टंकी के पास नरेश का शव पड़ा मिला। उसके सिर से खून बह रहा था। सूचना मिलते ही जीआरपी, आरपीएफ और तोरवा पुलिस की टीमें मौके पर पहुंचीं। घटनास्थल को सुरक्षित कर जांच शुरू की गई। एफएसएल और डॉग स्क्वायड की टीम ने मौके से महत्वपूर्ण साक्ष्य जुटाए हैं। आसपास के क्षेत्र में लगे अन्य सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी पुलिस खंगाल रही है, ताकि हमलावर के आने-जाने के रास्ते का पता लगाया जा सके।
चोरी की कोशिश या रंजिश?
पुलिस हत्या के पीछे दो प्रमुख एंगल पर जांच कर रही है। पहला संदेह चोरी की नीयत को लेकर है, जबकि दूसरा एंगल आपसी रंजिश से जुड़ा हुआ है। पुलिस यह भी पता लगा रही है कि वारदात से पहले नरेश का किसी से विवाद हुआ था या नहीं। ठेकेदार के मुताबिक नरेश उसके गांव का ही रहने वाला था और काम के सिलसिले में उसे बिलासपुर लाया गया था। पुलिस ठेकेदार, कर्मचारियों और आसपास रहने वाले लोगों से भी पूछताछ कर रही है।
रेलवे इलाके की सुरक्षा पर उठे सवाल
आरपीएफ कॉलोनी रेलवे स्टेशन से सटा हुआ संवेदनशील इलाका है। यहां आरपीएफ और जीआरपी के साथ स्थानीय पुलिस की भी निगरानी रहती है। इसके बावजूद इस तरह की हत्या की वारदात सामने आने के बाद रेलवे स्टेशन और आसपास की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठने लगे हैं।
फिलहाल आरोपी पुलिस की पकड़ से बाहर हैं। पुलिस की अलग-अलग टीमें सीसीटीवी फुटेज और घटनास्थल से मिले साक्ष्यों के आधार पर संदिग्ध तक पहुंचने में जुटी हैं। हत्या की असली वजह और वारदात में कितने लोग शामिल थे, इसका खुलासा पुलिस जांच पूरी होने के बाद ही होगा।
