छग में मंत्रियों की संख्या पर फिर फंसा मामला, 14वें मंत्री की नियुक्ति को हाई कोर्ट में चुनौती

छग में मंत्रियों की संख्या पर फिर फंसा मामला, 14वें मंत्री की नियुक्ति को हाई कोर्ट में चुनौती

बिलासपुर : छत्तीसगढ़ में मंत्रिपरिषद के आकार को लेकर चल रहा कानूनी विवाद एक बार फिर सुर्खियों में है। राज्य में 14वें मंत्री की नियुक्ति को चुनौती देने वाली जनहित याचिका पर अब बिलासपुर हाई कोर्ट में आगे सुनवाई का रास्ता साफ हो गया है। याचिकाकर्ता वासुदेव चक्रवर्ती ने संविधान में तय सीमा का हवाला देते हुए मंत्रिपरिषद की संख्या पर प्रश्न उठाया है। याचिका में तर्क दिया गया है कि छत्तीसगढ़ विधानसभा में कुल 90 सदस्य हैं और संविधान के अनुच्छेद 164(1क) के अनुसार मंत्रिपरिषद की संख्या विधानसभा की कुल सदस्य संख्या के 15 प्रतिशत से अधिक नहीं हो सकती। याचिकाकर्ता का दावा है कि तीन नए मंत्रियों को शामिल किए जाने के बाद मंत्रिपरिषद की संख्या 14 हो जाएगी, जिसे संवैधानिक सीमा के अनुरूप नहीं माना जा सकता।

राज्य सरकार को जवाब दाखिल करने का समय

1 सितंबर 2026 को हुई सुनवाई में हाई कोर्ट के सामने यह स्पष्ट किया गया कि इसी विषय से जुड़ा सुप्रीम कोर्ट का मामला अब समाप्त हो चुका है। इसके बाद हाई कोर्ट ने राज्य सरकार को मौजूदा जनहित याचिका पर अपना जवाब दाखिल करने के लिए समय दे दिया। राज्य सरकार का जवाब आने के बाद याचिकाकर्ता को अपना पक्ष रखने के लिए रिज्वाइंडर दाखिल करने का अवसर मिलेगा। दोनों पक्षों की लिखित प्रक्रिया पूरी होने के बाद मामले को दोबारा सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया जाएगा।

Read More छत्तीसगढ़ में खुली जेल के नियम तय: अच्छे आचरण वाले कैदियों को मिलेगी ‘खुली हवा’, हत्या-बलात्कार और POCSO मामलों के दोषियों की नो एंट्री

पहले सुप्रीम कोर्ट की वजह से रुकी थी कार्यवाही

Read More अदालतें सिर्फ इमारतें नहीं…’, विदाई पर भावुक हुए चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा, बोले- न्याय का पवित्र मंदिर हैं, देखे वीडियो

इस मामले की सुनवाई पहले भी हाई कोर्ट में हो चुकी है। 2 सितंबर 2025 को राज्य सरकार की ओर से अदालत को बताया गया था कि याचिका में उठाया गया मुद्दा सुप्रीम कोर्ट में लंबित एक समान मामले से जुड़ा है। इसके बाद हाई कोर्ट ने सुप्रीम कोर्ट की कार्यवाही का इंतजार किया था। बाद में 18 फरवरी 2026 को सुप्रीम कोर्ट में संबंधित मामले की सुनवाई के दौरान बताया गया कि राज्य विधानसभा के चुनाव हो चुके हैं और इस कारण वह याचिका निरर्थक हो गई है। सुप्रीम कोर्ट ने इस आधार पर मामले का निपटारा कर दिया। साथ ही उससे जुड़े लंबित अंतरिम और हस्तक्षेप आवेदनों को भी समाप्त कर दिया गया।

याचिकाकर्ता की पात्रता पर भी उठे थे सवाल

मामले में इससे पहले याचिकाकर्ता वासुदेव चक्रवर्ती की जनहित याचिका दायर करने की पात्रता और उनके सामाजिक कार्यों को लेकर भी अदालत ने जानकारी मांगी थी। 29 अगस्त 2025 को हाई कोर्ट ने उन्हें अपने सामाजिक कार्यों और गतिविधियों का विवरण शपथपत्र के जरिए पेश करने के निर्देश दिए थे। इसके बाद उन्होंने संबंधित दस्तावेज और तस्वीरें अदालत में प्रस्तुत की थीं।

14 मंत्रियों की नियुक्ति पर टिकी निगाहें

जनहित याचिका में सामान्य प्रशासन विभाग के साथ मंत्रिपरिषद के सभी 14 सदस्यों को पक्षकार बनाया गया है। अब राज्य सरकार के जवाब से यह स्पष्ट होगा कि वह मंत्रिपरिषद की संख्या को लेकर उठाई गई संवैधानिक आपत्ति पर क्या रुख अपनाती है।

याचिकाकर्ता की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता किशोर भादुड़ी के साथ अधिवक्ता अभ्युदय सिंह ने पैरवी की। वहीं राज्य सरकार की ओर से अतिरिक्त महाधिवक्ता प्रवीण दास और शशांक ठाकुर अदालत में उपस्थित रहे।

अब इस मामले में अगली सुनवाई के दौरान सरकार के जवाब और याचिकाकर्ता के रिज्वाइंडर पर आगे की कानूनी प्रक्रिया तय होगी। ऐसे में 14वें मंत्री की नियुक्ति को लेकर दायर यह याचिका आने वाले दिनों में छत्तीसगढ़ की राजनीति के साथ-साथ संवैधानिक बहस का भी अहम मुद्दा बन सकती है।

 

Error on ReusableComponentWidget
Tags:

Latest News

छग में मंत्रियों की संख्या पर फिर फंसा मामला, 14वें मंत्री की नियुक्ति को हाई कोर्ट में चुनौती छग में मंत्रियों की संख्या पर फिर फंसा मामला, 14वें मंत्री की नियुक्ति को हाई कोर्ट में चुनौती
बुरखे में लूट की साजिश, पिस्टल तानकर रेलवे कर्मचारी से लूट और घर में डकैती का खुलासा, 6 आरोपी गिरफ्तार
चाकू दिखाकर आईफोन लूटने वाला आरोपी गिरफ्तार, दूसरा साथी फरार, लूटा गया मोबाइल और वारदात में इस्तेमाल चाकू बरामद
महापौर पर कथित आपत्तिजनक वीडियो पड़ा भारी! यूट्यूबर सोमा देवांगन गिरफ्तार, कांग्रेस ने थाने में दिया धरना
Bomb Threat: अहमदाबाद-सूरत की अदालतों को बम से उड़ाने की धमकी, ईमेल मिलते ही मचा हड़कंप; खाली कराए गए परिसर
महानदी में मलबा डंपिंग पर बड़ा एक्शन, हाई कोर्ट की सख्ती के बाद निस्दा के सभी खनन पट्टे रद्द
Swatantra Bhardwaj Arrest: जंतर-मंतर मारपीट केस में स्वतंत्र भारद्वाज गिरफ्तार, 1 दिन की पुलिस रिमांड; POCSO FIR से बढ़ी मुश्किलें
एक कार, तीन बड़े चेहरे और बंद कमरे की बातचीत… युवा कांग्रेस चुनाव में क्या पक रही है सियासी खिचड़ी?
हॉस्टल में रैगिंग का खौफनाक चेहरा! 11वीं के दो छात्रों के सिर पर लोहे के कड़े से हमला, 4 नाबालिगों पर केस
झीरम घाटी नरसंहार: 13 वर्ष लंबे संघर्ष के बाद NIA कोर्ट का फैसला, बचे हुए सभी 10 आरोपित दोषी करार
खाता किसी का, खेल किसी और का! साइबर ठगी की रकम खपाने वाला म्यूल अकाउंट नेटवर्क बेनकाब, 2 गिरफ्तार
अदालतें सिर्फ इमारतें नहीं…’, विदाई पर भावुक हुए चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा, बोले- न्याय का पवित्र मंदिर हैं, देखे वीडियो