एक कार, तीन बड़े चेहरे और बंद कमरे की बातचीत… युवा कांग्रेस चुनाव में क्या पक रही है सियासी खिचड़ी?
रायपुर। छत्तीसगढ़ में युवा कांग्रेस के चुनाव को लेकर कांग्रेस संगठन के भीतर राजनीतिक गतिविधियां तेज होती नजर आ रही हैं। ऑनलाइन वोटिंग के जरिए होने वाले चुनाव ने युवा नेताओं और दावेदारों के बीच प्रतिस्पर्धा को रोचक बना दिया है। संगठनात्मक चुनाव होने के बावजूद इसकी हलचल अब पार्टी की व्यापक राजनीति से भी जुड़ती दिखाई दे रही है। खासतौर पर युवा कांग्रेस के चुनाव के बीच भिलाई विधायक देवेंद्र यादव की सक्रियता और वरिष्ठ नेताओं के साथ उनकी मुलाकातों ने कांग्रेस के भीतर संभावित लामबंदी को लेकर चर्चाओं को हवा दे दी है।
देवेंद्र यादव इन दिनों प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में जाकर युवा कार्यकर्ताओं और संगठन से जुड़े लोगों के साथ संपर्क बढ़ा रहे हैं। युवा कांग्रेस के चुनाव में ऑनलाइन वोटिंग होने के कारण उम्मीदवारों और उनके समर्थकों के सामने ज्यादा से ज्यादा कार्यकर्ताओं तक पहुंच बनाने की चुनौती है। ऐसे में प्रदेशभर में संपर्क अभियान और नेताओं की सक्रियता को चुनावी रणनीति का अहम हिस्सा माना जा रहा है। हालांकि, चुनाव में कौन किस उम्मीदवार के साथ खड़ा है, इसे लेकर पार्टी की ओर से अभी कोई स्पष्ट आधिकारिक तस्वीर सामने नहीं आई है।
देवेंद्र यादव के घर पहुंचे महंत और सिंहदेव
इसी राजनीतिक हलचल के बीच आज एक मुलाकात ने कांग्रेस के भीतर चर्चाओं को और तेज कर दिया है। नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरण दास महंत और पूर्व उप मुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव, देवेंद्र यादव के साथ सेक्टर-5 स्थित उनके निवास पहुंचे। बताया जा रहा है कि देवेंद्र यादव दोनों वरिष्ठ नेताओं को अपनी कार से लेकर उनके निवास पहुंचे। इसके बाद तीनों नेताओं के बीच बंद कमरे में काफी देर तक बातचीत हुई।
इस मुलाकात की तस्वीरें और नेताओं की मौजूदगी सामने आने के बाद कांग्रेस के राजनीतिक गलियारों में इसके अलग-अलग मायने निकाले जाने लगे है। हालांकि, बैठक में किन मुद्दों पर चर्चा हुई, इसको लेकर नेताओं की ओर से कोई आधिकारिक जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है। यही वजह है कि युवा कांग्रेस चुनाव के ठीक पहले हुई इस मुलाकात को लेकर राजनीतिक अटकलों का दौर शुरू हो गया है।
क्या युवा कांग्रेस चुनाव बनी बातचीत की वजह?
कांग्रेस के भीतर चर्चा है कि बैठक में युवा कांग्रेस चुनाव से जुड़े संगठनात्मक मुद्दों पर बातचीत हो सकती है। चुनाव में कई युवा चेहरे अपनी दावेदारी को मजबूत करने में जुटे हैं और प्रदेशभर में कार्यकर्ताओं से संपर्क साध रहे हैं। ऐसे में वरिष्ठ नेताओं की भूमिका और उनके संभावित समर्थन को चुनावी समीकरण में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
हालांकि, यह स्पष्ट नहीं है कि बैठक का एजेंडा केवल युवा कांग्रेस चुनाव तक सीमित था या इसमें पार्टी की व्यापक संगठनात्मक और राजनीतिक रणनीति पर भी चर्चा हुई। वरिष्ठ नेताओं की ओर से किसी उम्मीदवार के समर्थन में सार्वजनिक बयान नहीं आया है। इसलिए किसी खास प्रत्याशी या गुट को समर्थन दिए जाने की चर्चा को फिलहाल राजनीतिक कयास के तौर पर ही देखा जाना चाहिए।
महंत-सिंहदेव की मौजूदगी ने बढ़ाई हलचल
इस मुलाकात की खास बात यह भी रही कि कांग्रेस के दो वरिष्ठ और प्रभावशाली नेताओं की एक साथ मौजूदगी देखने को मिली। डॉ. चरण दास महंत और टीएस सिंहदेव दोनों ही प्रदेश कांग्रेस की राजनीति में लंबे समय से महत्वपूर्ण भूमिका निभाते रहे हैं। ऐसे में युवा नेता देवेंद्र यादव के निवास पर दोनों नेताओं की एक साथ मौजूदगी को सामान्य मुलाकात से आगे जोड़कर देखा जा रहा है।
राजनीतिक जानकारों की नजर में संगठनात्मक चुनाव अक्सर पार्टी के भीतर जमीनी नेटवर्क और नेतृत्व की स्वीकार्यता को परखने का माध्यम भी बनते हैं। युवा कांग्रेस का चुनाव भी इसी लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि इसमें चुने जाने वाले पदाधिकारी आने वाले वर्षों में कांग्रेस के जमीनी संगठन में सक्रिय भूमिका निभा सकते हैं।
गुटीय समीकरणों के बीच युवा नेतृत्व पर नजर
छत्तीसगढ़ कांग्रेस में समय-समय पर अलग-अलग नेताओं के समर्थक समूहों और संगठनात्मक समीकरणों को लेकर चर्चा होती रही है। ऐसे में युवा कांग्रेस का चुनाव सिर्फ संगठन के एक पद के लिए होने वाला चुनाव नहीं रह जाता, बल्कि यह देखने का अवसर भी बनता है कि पार्टी के भीतर कौन से युवा चेहरे किस वरिष्ठ नेतृत्व के करीब हैं और किस तरह का संगठनात्मक आधार तैयार कर रहे हैं।
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से जुड़े कार्यकर्ताओं की सक्रियता और अन्य वरिष्ठ नेताओं के समर्थकों की संभावित लामबंदी ने भी इस चुनाव को राजनीतिक रूप से दिलचस्प बना दिया है। हालांकि, किसी भी उम्मीदवार को किसी विशेष वरिष्ठ नेता या गुट से जोड़ने के लिए आधिकारिक समर्थन या स्पष्ट राजनीतिक बयान जरूरी होगा। ऐसी स्थिति सामने नहीं आई है, इसलिए समीकरणों को लेकर चल रही चर्चाओं को संभावनाओं और राजनीतिक आकलन के रूप में ही देखा जा रहा है।
