भाजपा युवा मोर्चा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष रवि भगत ने छोड़ी पार्टी: व्यक्तिगत कारणों का दिया हवाला, संगठन में मची हलचल

भाजपा युवा मोर्चा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष रवि भगत ने छोड़ी पार्टी: व्यक्तिगत कारणों का दिया हवाला, संगठन में मची हलचल

रायगढ़। भाजपा युवा मोर्चा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष और आदिवासी समाज के चर्चित नेता रवि भगत ने भारतीय जनता पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है। अपने बयानों और सोशल मीडिया वीडियो को लेकर अक्सर चर्चा में रहने वाले रवि भगत के इस फैसले ने रायगढ़ सहित प्रदेश की राजनीतिक हलचल बढ़ा दी है। उन्होंने अपना त्यागपत्र भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष, प्रदेश अध्यक्ष और रायगढ़ जिला अध्यक्ष को भेजते हुए पार्टी छोड़ने की घोषणा की है। हालांकि, अपने इस्तीफे में उन्होंने किसी राजनीतिक मतभेद का उल्लेख नहीं किया है और व्यक्तिगत कारणों का हवाला देते हुए पार्टी की प्राथमिक सदस्यता छोड़ने की बात कही है।

पार्टी में मिले सम्मान के लिए जताया आभार
अपने त्यागपत्र में रवि भगत ने भाजपा के प्रति आभार व्यक्त करते हुए लिखा है कि पार्टी ने उन्हें पहचान, सम्मान और संगठन में काम करने का अवसर दिया। उन्होंने कहा कि भाजपा के साथ काम करते हुए उन्हें संगठन और कार्यकर्ताओं का भरपूर सहयोग मिला, जिसके लिए वे पार्टी नेतृत्व और कार्यकर्ताओं के प्रति आभारी हैं। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि निजी कारणों से उन्होंने यह निर्णय लिया है और इसी वजह से पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे रहे हैं।

लंबे समय तक संगठन में निभाई अहम भूमिका
रवि भगत भाजपा युवा मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष रह चुके हैं और संगठन में सक्रिय भूमिका निभाते रहे हैं। आदिवासी समाज में उनकी अच्छी पकड़ मानी जाती है। पिछले कुछ वर्षों में वे कई सामाजिक और राजनीतिक मुद्दों पर मुखर रहे, जिसके चलते वे कई बार सुर्खियों में भी आए। उनके बयान और सोशल मीडिया पर जारी वीडियो अक्सर चर्चा का विषय बने रहे, जिससे वे प्रदेश की राजनीति में एक पहचान बनाने में सफल रहे।Untitl_2026_07_02_113930

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लैलूंगा क्षेत्र में मजबूत मानी जाती है पकड़
रायगढ़ जिले की लैलूंगा विधानसभा में रवि भगत का अच्छा जनाधार माना जाता है। स्थानीय राजनीति और आदिवासी समाज में उनकी सक्रियता के कारण उन्हें क्षेत्र के प्रभावशाली नेताओं में गिना जाता है। ऐसे में उनके इस्तीफे को राजनीतिक रूप से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि  रवि भगत भविष्य में किसी नई राजनीतिक रणनीति के साथ आगे बढ़ते हैं, तो उसका असर क्षेत्रीय राजनीति पर देखने को मिल सकता है। हालांकि उन्होंने अपने भविष्य की राजनीतिक योजना को लेकर कोई संकेत नहीं दिया है।

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भाजपा की ओर से नहीं आई आधिकारिक प्रतिक्रिया
रवि भगत के इस्तीफे की प्रतिलिपि भाजपा के राष्ट्रीय नेतृत्व, प्रदेश संगठन और जिला इकाई को भेजी गई है। हालांकि, खबर लिखे जाने तक भाजपा की ओर से उनके इस्तीफे पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई थी। फिलहाल, यह देखना दिलचस्प होगा कि पार्टी नेतृत्व रवि भगत के इस्तीफे को लेकर क्या रुख अपनाता है और क्या उन्हें मनाने की कोई कोशिश की जाती है या फिर संगठन इसे सामान्य प्रक्रिया मानकर आगे बढ़ता है।

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