शराब घोटाले में बड़ा एक्शन: भिलाई की CA फर्म पर EOW-ACB की रेड, व्हाट्सएप चैट से खुलेंगे अफसरों के नाम!
भिलाई.छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित शराब घोटाले की जांच की आंच अब चार्टर्ड अकाउंटेंट तक पहुंच गई है। जांच की प्रक्रिया लगातार आगे बढ़ रही है। इसी कड़ी में शनिवार को आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा (ईओडब्ल्यू) और भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) की संयुक्त टीम ने नेहरू नगर पूर्व स्थित चार्टर्ड अकाउंटेंट फर्म पीएसपीसी एंड एसोसिएट्स के दफ्तर में छापा मारा। टीम ने मौके से कई दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस जब्त किए हैं, ताकि घोटाले में इस फर्म की भूमिका की बारीकी से पड़ताल की जा सके।
कार्रवाई में शामिल अधिकारियों के मुताबिक, शराब दुकानों के टेंडर से संबंधित कागजात और मोबाइल के वाट्सएप चैट रिकवर किए गए हैं। इन सबूतों के आधार पर यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि सीए फर्म को किस अधिकारी से निर्देश मिल रहे थे और फर्म ने किसके इशारे पर क्या-क्या काम किया है। विभागीय सूत्रों की मानें तो इस फर्म को फाइनेंशियल ऑडिट का काम भी एपी त्रिपाठी के माध्यम से ही सौंपा गया था।
ऑडिट रोककर सिंडिकेट ने छिपाई गड़बड़ियां
जांच एजेंसी के अनुसार, सीएसएमसीएल ने शराब दुकानों की ऑडिट रिपोर्ट तैयार करने वाली पांच अलग-अलग फर्मों की रिपोर्ट को एक जगह संकलित करने का जिम्मा पीएसपीसी एंड एसोसिएट्स को दिया था। आरोप है कि शराब घोटाले का संचालन करने वाले सिंडिकेट ने इस फर्म को कई दुकानों का ऑडिट करने से जानबूझकर रोक दिया। इसके पीछे की मुख्य मंशा यह थी कि अवैध शराब की बिक्री और वित्तीय गड़बड़ियों का खुलासा न हो सके। ईओडब्ल्यू-एसीबी की टीम ने फर्म के पार्टनर अजय सोमानी और प्रदीप पाल के भिलाई स्थित कार्यालय से जो कागजात और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण अपने कब्जे में लिए हैं, उनकी जांच के आधार पर ही मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई तय की जाएगी।
लॉकडाउन में 8400 पेटी शराब का अवैध खेल
दस्तावेजों की जांच में यह भी सामने आया है कि कोरोना लॉकडाउन के समय, यानी मार्च-अप्रैल 2020 में एक बड़ा खेल किया गया था। उस दौरान एमबी डिस्टलरीज से करीब 8400 पेटी शराब का अवैध परिवहन और विक्रय किया गया। सिंडिकेट ने ट्रक क्रमांक सीजी 04 एमसी-2593 के जरिए इस शराब को चोरी-छिपे विभिन्न होटलों और बार तक पहुंचाया।
इसके साथ ही, जानबूझकर निम्न गुणवत्ता की शराब तैयार करने और बाद में उसे पीने योग्य नहीं बताकर कागजों में नष्ट किए जाने के भी आरोप हैं, ताकि घोटाले पर पर्दा डाला जा सके। अवैध शराब परिवहन पर शिकंजा कसते हुए ईओडब्ल्यू-एसीबी ने इस मामले में इस्तेमाल किए गए एक और ट्रक को भी जब्त कर लिया है। जप्ती और पूछताछ के आधार पर आने वाले दिनों में और भी खुलासे होने की उम्मीद है।
