Google पर ये 5 चीजें सर्च की तो सीधा जाएंगे जेल! इन शब्दों से करें परहेज

Google Search Warning: आज के समय में गूगल हमारे हर सवाल का जवाब देने वाला सबसे तेज और भरोसेमंद टूल बन चुका है, लेकिन इसकी एक छोटी-सी गलती आपको बड़ी मुसीबत में डाल सकती है. भारत में कुछ सर्च टर्म ऐसे हैं जिन्हें गूगल पर टाइप करना भी कानूनी जाल में फंसा सकता है. कई बार लोग अनजाने में ऐसी जानकारी सर्च कर लेते हैं, जिसके चलते उनके IP की निगरानी शुरू हो जाती है और मामला पुलिस या साइबर सेल तक पहुंच सकता है. ऐसे में यह जानना जरूरी है कि कौन सी 5 चीजें 2025 में भी गूगल पर बिल्कुल नहीं सर्च करनी चाहिए.Google Search Warning, Google search mistakes, what not to search on Google, Google illegal searches India, Google search warning 2025, dangerous Google searches, Google safety rules India.

पायरेटेड फिल्म?
भारत में पाइरेसी को गंभीर अपराध की श्रेणी में रखा गया है और किसी भी पायरेटेड फिल्म, लिंक, या डाउनलोड टर्म को गूगल पर सर्च करना आपको सीधे कानूनी परेशानी में डाल सकता है. फिल्म पाइरेसी एक्ट के तहत तीन साल तक की जेल और 10 लाख रुपये तक का भारी जुर्माना लग सकता है. कई लोग केवल “फ्री मूवी डाउनलोड” जैसे शब्द टाइप कर देते हैं, जबकि यह भी संदिग्ध कैटेगरी में आता है. सरकार ने ऐसे मामलों की निगरानी के लिए साइबर टीमों को पहले से एक्टिव रखा है.

बम या हथियार बनाने की जानकारी?
गूगल पर बम, विस्फोटक सामग्री या हथियार बनाने से जुड़े कीवर्ड सर्च करना राष्ट्रीय सुरक्षा के खिलाफ गतिविधि माना जाता है. ऐसा करने पर आपका IP एड्रेस तुरंत सुरक्षा एजेंसियों के रडार पर चला जाता है. कई मामले ऐसे सामने आए हैं जहां लोग सिर्फ जिज्ञासा में यह कंटेंट सर्च कर बैठे और बाद में जांच टीमों को सफाई देनी पड़ी. कानून के अनुसार इस तरह की जानकारी सर्च करना भी गलत इरादे के रूप में देखा जा सकता है.

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गर्भपात से जुड़ी अवैध जानकारी?
भारत में बिना डॉक्टर की अनुमति या बिना मेडिकल मानक के गर्भपात करना अपराध है, इसलिए गूगल पर इसका तरीका, दवाएं या घरेलू उपाय खोजने पर भी जोखिम बढ़ जाता है. ऐसी सर्च पर सिस्टम इसे रेड-फ्लैग कंटेंट मानकर अलर्ट करता है. हेल्थ से जुड़े ऐसे मामलों में गलत जानकारी के आधार पर कोई भी कदम उठाना बेहद खतरनाक और कानूनी रूप से भी गलत है. कई बार ऐसे कंटेंट पर निगरानी साइबर टीमों तक चली जाती है.

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चाइल्ड पॉर्न या चाइल्ड क्राइम सर्च करना कड़ा अपराध है
भारत में पॉक्सो एक्ट 2012 की धारा 14 के तहत चाइल्ड पॉर्न या चाइल्ड क्राइम से जुड़ा कोई भी कंटेंट सर्च करना, शेयर करना या देखना गंभीर अपराध माना जाता है. इसके लिए 5 से 7 साल तक जेल की सजा का प्रावधान है. गूगल और सरकार दोनों इस तरह के कीवर्ड पर बेहद सख्त निगरानी रखते हैं. ऐसा कंटेंट सर्च करते ही यूजर का डेटा और गतिविधि ट्रैक की जा सकती है.

दुष्कर्म पीड़िता की पहचान खोजने पर कानूनी कार्रवाई
भारत में किसी भी दुष्कर्म पीड़िता की पहचान, नाम, पता या किसी भी तरह की निजी जानकारी उजागर करना कानूनन प्रतिबंधित है. गूगल पर इस तरह के शब्द या जानकारी सर्च करने को भी संवेदनशील अपराध से जुड़ा माना जाता है. IPC और IT Act के तहत ऐसे मामलों में कड़ी कार्रवाई की जा सकती है. पीड़िता की जानकारी ढूंढना या शेयर करना न सिर्फ कानून बल्कि नैतिकता के भी खिलाफ है.

लेखक के विषय में

मनीशंकर पांडेय Picture

मणिशंकर पांडेय National Jagat Vision के संस्थापक, मालिक एवं मुख्य संपादक हैं। वे निष्पक्ष, सटीक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता के लिए प्रतिबद्ध हैं। उनका उद्देश्य देश-दुनिया की सच्ची और विश्वसनीय खबरें पाठकों तक पहुँचाना है।

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