LPG सिलेंडर पर बढ़ा दबाव! सरकार बोली- हर घरेलू सिलेंडर पर 700 रुपये तक का नुकसान, फिर भी दुनिया में सबसे सस्ती गैस भारत में...
नई दिल्ली। घरेलू एलपीजी सिलेंडर की बढ़ती लागत को लेकर केंद्र सरकार ने बड़ा खुलासा किया है। पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय के मुताबिक 14.2 किलोग्राम वाले घरेलू गैस सिलेंडर की वास्तविक आपूर्ति लागत 1,600 रुपये से अधिक पहुंच चुकी है, जबकि उपभोक्ताओं को यह काफी कम कीमत पर उपलब्ध कराया जा रहा है। मंत्रालय का कहना है कि प्रत्येक सिलेंडर पर करीब 700 रुपये की अंडर-रिकवरी हो रही है, जिसका बोझ सरकार और सार्वजनिक क्षेत्र की तेल विपणन कंपनियां उठा रही हैं।
सरकार के अनुसार अंतरराष्ट्रीय बाजार में एलपीजी की कीमतों में तेज उछाल इसकी प्रमुख वजह है। होर्मुज स्ट्रेट में उत्पन्न परिस्थितियों और मध्य-पूर्व से होने वाले निर्यात पर असर के कारण सऊदी अरामको की एलपीजी कॉन्ट्रैक्ट प्राइस में फरवरी से जून के बीच लगभग 46 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई। इससे आयातित एलपीजी की लागत लगातार बढ़ती गई और घरेलू बाजार पर भी इसका सीधा असर पड़ा।
कीमतों में वृद्धि के बावजूद सरकार का दावा है कि भारत में घरेलू गैस सिलेंडर दुनिया के कई देशों की तुलना में अब भी काफी सस्ता है। दिल्ली में सामान्य उपभोक्ता को 14.2 किलो का सिलेंडर 942 रुपये में मिलता है, जबकि प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों को सब्सिडी मिलने के बाद प्रभावी कीमत लगभग 642 रुपये पड़ती है। मंत्रालय के मुताबिक यह अंतरराष्ट्रीय बाजार मूल्य की तुलना में काफी कम है और गरीब परिवारों को राहत देने के उद्देश्य से सब्सिडी जारी रखी गई है।
वेस्ट एशिया में जारी संकट और बढ़ती लागत के बीच सरकार ने हाल ही में घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमत में 29 रुपये की बढ़ोतरी की है। मंत्रालय का अनुमान है कि वित्त वर्ष 2025-26 के अंत तक घरेलू एलपीजी पर कुल अंडर-रिकवरी 60,000 करोड़ रुपये तक पहुंच सकती है। इसी को देखते हुए केंद्र सरकार ने तेल विपणन कंपनियों को राहत देने के लिए 30,000 करोड़ रुपये के मुआवजा पैकेज को मंजूरी दी है।
मंत्रालय ने यह भी बताया कि होर्मुज क्षेत्र में चुनौतियों के बावजूद भारत की एलपीजी सप्लाई प्रभावित नहीं हुई। अमेरिका, कनाडा और अल्जीरिया जैसे देशों से आयात बढ़ाकर आपूर्ति को स्थिर रखा गया, जबकि घरेलू उत्पादन में भी उल्लेखनीय वृद्धि की गई। साथ ही, सब्सिडी वाले सिलेंडरों के दुरुपयोग को रोकने के लिए OTP आधारित डिलीवरी वेरिफिकेशन और अन्य निगरानी उपायों को और मजबूत किया गया है। सरकार ने उपभोक्ताओं से ऊर्जा बचत के उपाय अपनाने और एलपीजी के जिम्मेदार उपयोग की अपील भी की है।
