Bilaspur Electricity Scam: फर्जी अटेंडेंस से 93 लाख का भुगतान! जांच पूरी, मगर 8 माह से रिपोर्ट पेंडिंग

Bilaspur Electricity Scam: फर्जी अटेंडेंस से 93 लाख का भुगतान! जांच पूरी, मगर 8 माह से रिपोर्ट पेंडिंग

Bilaspur News: छत्तीसगढ़ के बिलासपुर बिजली विभाग में करोड़ों रुपये की वित्तीय अनियमितता का मामला प्रकाश में आया है। सिटी सर्किल में फ्यूज कॉल ऑपरेटर और मेंटेनेंस श्रमिकों की फर्जी अटेंडेंस शीट और संदिग्ध दस्तावेजों के आधार पर ठेकेदारों को 93 लाख रुपये का भुगतान किए जाने का खुलासा विभागीय जांच में हुआ है। जांच समिति अपनी रिपोर्ट सौंप चुकी है, लेकिन आठ महीने बीत जाने के बाद भी किसी अधिकारी या ठेकेदार के विरुद्ध कार्रवाई नहीं होने से पूरे मामले को लेकर तरह तरह की चर्चाएं हो रही है। 

6 साल से दो ठेकेदारों के भरोसे था पूरा काम काज 
जानकारी के अनुसार, पिछले छह वर्षों से सिटी सर्किल के पूर्व और पश्चिम संभाग में फ्यूज कॉल और बिजली सुधार कार्य का जिम्मा केवल दो ठेकेदारों के पास था। शिकायत मिलने के बाद गठित जांच समिति, (जिसमें जेएस नेताम और वीआर मौर्य शामिल थे) ने दस्तावेजों की जांच की। जांच में पाया गया कि श्रमिकों की फर्जी उपस्थिति दर्ज कराकर और गलत रिकॉर्ड तैयार कर ठेकेदारों ने विभाग से करीब 93 लाख रुपये का भुगतान हासिल किया।

एक कर्मचारी कई जगह कर रहा था नौकरी, रिकॉर्ड में 36 घंटे तक ड्यूटी
जांच रिपोर्ट में कई चौंकाने वाली बाते सामने आई हैं। आरोप है कि एक ही श्रमिक को एक ही दिन में दो से तीन अलग-अलग जोनों में कार्यरत दिखाया गया। इतना ही नहीं, कुछ रिकॉर्ड में कर्मचारियों से 24 से 36 घंटे तक लगातार काम कराने का उल्लेख भी मिला, जो श्रम कानून और विभागीय नियमों के विपरीत है। जांच में यह भी सामने आया कि कई स्थानों पर वास्तविक से कम कर्मचारी रखे गए, लेकिन भुगतान पूरे स्टाफ के नाम पर लिया गया।

Read More सूरजपुर में गुरुकुल पैरामेडिकल इंस्टीट्यूट सील, पूरी फीस लेने के बाद छात्रों को परीक्षा से वंचित रखने का आरोप

AE और EE की भूमिका संदिग्ध 
सूत्रों और रिपोर्ट कहती है कि  संबंधित जोनों के तत्कालीन सहायक अभियंता (AE) और कार्यपालन अभियंता (EE) ने श्रमिकों की उपस्थिति और वाउचरों का पर्याप्त सत्यापन किए बिना हस्ताक्षर कर भुगतान की प्रक्रिया पूरी की। इसी वजह से अब केवल ठेकेदार ही नहीं, बल्कि भुगतान की अनुमति देने वाले अधिकारियों की भूमिका भी सवालों के घेरे में है। आरोप यह भी है कि विभाग के कुछ वरिष्ठ अधिकारियों ने कार्रवाई से बचाने के लिए जांच रिपोर्ट को लंबे समय से लंबित रखा हुआ है।

Read More जगदलपुर नगर निगम की बड़ी लापरवाही: बाढ़ पीड़ितों के लिए आया राशन सड़ा, 200 परिवारों तक नहीं पहुंची राहत सामग्री

कार्यपालक निदेशक बोले- फाइल मंगाकर होगी समीक्षा
विद्युत कंपनी के कार्यपालक निदेशक एके अम्बस्ट ने कहा कि जांच रिपोर्ट फिलहाल मानव संसाधन विभाग के पास है। उन्होंने बताया कि संबंधित अनुबंध करने वाले अधिकारियों के स्तर पर कार्रवाई की जानी है। अगर मामला उनके कार्यालय तक पहुंचता है, तो दोषी ठेकेदारों को ब्लैकलिस्ट करने सहित आवश्यक कार्रवाई के लिए प्रस्ताव भेजा जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि पूरे मामले की फाइल मंगाकर समीक्षा की जाएगी।

Tags:

Latest News

धमतरी में निवेश के नाम पर बड़ा खेल, 81 लाख की ठगी समेत करोड़ों का खुलासा धमतरी में निवेश के नाम पर बड़ा खेल, 81 लाख की ठगी समेत करोड़ों का खुलासा
कोरबा में दर्दनाक हादसा: नहर में बहे युवक की चौथे दिन मिली लाश
मिर्जापुर: द मूवी की OTT पर धमाकेदार एंट्री, प्राइम वीडियो पर रिलीज हुई फिल्म; फिर दिखेगा कालीन भैया और गुड्डू पंडित का भौकाल
सुकेश केस में नोरा फतेही की बढ़ी मुश्किलें! 2 नवंबर को कोर्ट में होना होगा पेश, सरकारी गवाह के तौर पर दर्ज होगा बयान
उज्जैन में खड़े हनुमान मंदिर को लेकर नया विवाद, आधी रात को प्रतिमा की गहराई जांचने पहुंची तकनीकी टीम
हाईवे पर सफर करने वालों के लिए बड़ी खबर! ओवरस्पीडिंग चालान पर गडकरी का बड़ा ऐलान
वोट बचाओ, देश बचाओ’ रैली में छत्तीसगढ़ की हुंकार, दीपक बैज ने सरकार पर साधा निशाना
छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट को मिलेंगे छह नए न्यायाधीश, सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने दी मंजूरी
रायपुर में गांजा तस्करी का भंडाफोड़, महिला समेत 3 आरोपी गिरफ्तार; 7.50 लाख का गांजा जब्त
रायपुर में त्योहारों पर सुरक्षा का कड़ा पहरा, बाजारों में पुलिस की बढ़ेगी पेट्रोलिंग
भाजपा को बड़ा झटका: छत्तीसगढ़ विधायक का निधन, 78 साल की उम्र में ली अंतिम सांस
जेल में था निरीक्षक, विभाग ने सुने बिना थमा दिया बर्खास्तगी का फरमान, हाई कोर्ट ने किया निरस्त