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I-PAC रेड मामले में ममता बनर्जी पर ED के कई आरोप, सुप्रीम कोर्ट ने कहा – “हम करेंगे जांच”
नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने आज पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के खिलाफ ईडी द्वारा दायर याचिका की सुनवाई की। ईडी का आरोप है कि ममता बनर्जी और बंगाल सरकार ने I-PAC कार्यालय और उसके डायरेक्टर प्रतिक जैन के घर पर छापेमारी में हस्तक्षेप किया और जांच में बाधा डाली।
सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई की बिंदुवार जानकारी
- सुनवाई की बेंच में जस्टिस प्रशांत कुमार मिश्रा और जस्टिस विपुल पंचोली शामिल थे।
- ईडी ने आरोप लगाया कि I-PAC ऑफिस में आपत्तिजनक सामग्री मिली थी और घटनास्थल पर अधिकारियों के काम में बाधा पहुंचाई गई।
- ईडी की ओर से पैरवी करते हुए सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि “यह घटना बहुत चिंताजनक पैटर्न दिखाती है। यदि ऐसे कामों को बढ़ावा मिला तो राज्य सरकारों को लगेगा कि वे किसी भी जगह घुस सकते हैं और अवैध तरीके से कब्जा कर सकते हैं।”
ममता बनर्जी की दलील
मुख्यमंत्री की ओर से पैरवी कर रहे वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल ने कहा कि ममता बनर्जी द्वारा सभी उपकरण ले जाने का आरोप झूठा और पूर्वाग्रहपूर्ण है। उनका कहना था कि यह केवल पूर्वाग्रह पैदा करने का प्रयास है और पंचनामा इसकी पुष्टि करता है।
सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा?
जस्टिस प्रशांत कुमार मिश्रा ने सिब्बल की दलील पर कहा कि “आपका दावा विरोधाभासी है। यदि ईडी का इरादा जब्त करने का होता तो वे करते, लेकिन ऐसा कुछ नहीं हुआ। हमें इस मामले की जांच करनी होगी और आप हमें नोटिस जारी करने से नहीं रोक सकते।” सुप्रीम कोर्ट ने मामले की गंभीरता को देखते हुए आगे की जांच की अनुमति देने का संकेत दिया और कहा कि सभी तथ्यों की निष्पक्ष जांच होगी।
लेखक के विषय में
मणिशंकर पांडेय National Jagat Vision के संस्थापक, मालिक एवं मुख्य संपादक हैं। वे निष्पक्ष, सटीक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता के लिए प्रतिबद्ध हैं। उनका उद्देश्य देश-दुनिया की सच्ची और विश्वसनीय खबरें पाठकों तक पहुँचाना है।
