बार-बार उसी किले पर जाने की जिद, फोन पर दूसरे युवक का जिक्र... केतन केस में बड़ा खुलासा
पुणे। महाराष्ट्र के चर्चित केतन अग्रवाल मौत मामले में जांच आगे बढ़ने के साथ कई नए और सनसनीखेज दावे सामने आ रहे हैं। जिस घटना को शुरुआत में एक दुर्घटना माना जा रहा था, अब वह कथित तौर पर हत्या और साजिश के एंगल से जांच के दायरे में आ गई है। लोहागढ़ किले की गहरी खाई में गिरने से जान गंवाने वाले 26 वर्षीय केतन अग्रवाल की मौत को लेकर दर्ज एफआईआर में ऐसे कई आरोप दर्ज किए गए हैं, जिन्होंने पूरे मामले को और उलझा दिया है।
परिजनों का दावा है कि सगाई के बाद से ही केतन को अपनी मंगेतर सिया गोयल के व्यवहार को लेकर संदेह होने लगा था। उसने कई बार परिवार के लोगों से यह सवाल किया था कि क्या सिया के बारे में पूरी जानकारी जुटाई गई है। शिकायत में यह भी कहा गया है कि सिया बातचीत के दौरान अक्सर चेतन चौधरी नाम के युवक का जिक्र करती थी, जिससे केतन असहज महसूस करता था।
सगाई के बाद बढ़ी थीं शंकाएं
एफआईआर के मुताबिक, फरवरी 2026 में केतन और सिया की सगाई हुई थी। दोनों परिवारों की सहमति से रिश्ता तय हुआ था और सगाई के बाद दोनों की मुलाकातें भी बढ़ गई थीं। हालांकि समय बीतने के साथ केतन ने अपने परिजनों के सामने कुछ चिंताएं जाहिर करनी शुरू कर दी थीं। शिकायत में कहा गया है कि सिया का फोन अक्सर व्यस्त रहता था और वह बार-बार चेतन चौधरी नामक व्यक्ति का उल्लेख करती थी। इसके अलावा सिया लगातार लोहागढ़ किला घूमने जाने की जिद करती थी। परिजनों के अनुसार दोनों पहले भी कई बार वहां जा चुके थे, इसलिए एक ही जगह बार-बार जाने की जिद उन्हें असामान्य लग रही थी।
जन्मदिन के बहाने बनाई गई थी ट्रिप?
परिवार का आरोप है कि घटना से एक दिन पहले सिया ने केतन को फोन कर अपने जन्मदिन के अवसर पर लोहागढ़ चलने का आग्रह किया था। शुरुआत में केतन की मां ने इस यात्रा पर आपत्ति जताई थी, लेकिन बार-बार अनुरोध किए जाने के बाद परिवार ने अनुमति दे दी। 18 जून की सुबह केतन घर से निकला और रास्ते में सिया से मिलने के बाद दोनों लोहागढ़ के लिए रवाना हो गए। कुछ घंटों बाद परिवार को वह फोन कॉल मिला जिसने सब कुछ बदल दिया।
10:45 बजे आई हादसे की खबर
एफआईआर के अनुसार सुबह करीब 10:45 बजे सिया की मां ने फोन कर बताया कि केतन खाई में गिर गया है। सूचना मिलते ही परिजन घटनास्थल पहुंचे, जहां पुलिस और स्थानीय लोग बचाव कार्य में लगे हुए थे। बाद में अस्पताल में डॉक्टरों ने केतन को मृत घोषित कर दिया। शुरुआत में इसे दुर्घटना माना गया, लेकिन अंतिम संस्कार के बाद परिवार दोबारा घटनास्थल पर पहुंचा। परिजनों का दावा है कि मौके का निरीक्षण करने के बाद उन्हें लगा कि वहां से किसी व्यक्ति का अचानक फिसलकर गिरना आसान नहीं है। इसी आधार पर उन्होंने घटना पर गंभीर सवाल उठाए।
हत्या और साजिश के आरोप
केतन के पिता विशाल अग्रवाल द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत में आरोप लगाया गया है कि सिया गोयल और चेतन चौधरी ने मिलकर पूरी साजिश रची। शिकायत के अनुसार दोनों ने कथित रूप से केतन को लोहागढ़ किले की चट्टान से धक्का देकर मौत के घाट उतारा। इन्हीं आरोपों के आधार पर पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की हत्या और आपराधिक साजिश से जुड़ी धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
अब किन पहलुओं की जांच कर रही पुलिस?
जांच एजेंसियां मोबाइल कॉल रिकॉर्ड, चैट, लोकेशन डेटा और सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही हैं। पुलिस यह जानने की कोशिश कर रही है कि घटना के समय मौके पर कौन मौजूद था, आरोपियों के बीच किस तरह का संपर्क था और क्या किसी साजिश के सबूत मिलते हैं। फिलहाल, मामला जांच के अधीन है और पुलिस का कहना है कि सभी पहलुओं की पड़ताल के बाद ही मौत की वास्तविक परिस्थितियों को लेकर अंतिम निष्कर्ष सामने आएगा।
