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Iron Ring Astrology: क्या लोहे की अंगूठी सच में कम करती है शनि का प्रकोप? जानिए ज्योतिष में क्या कहा गया
Saturn Remedies: शनि देव को न्याय, कर्म और अनुशासन का देवता माना जाता है. ज्योतिष शास्त्र में शनि की स्थिति अगर अनुकूल हो तो व्यक्ति को मेहनत का फल, स्थिरता और सम्मान मिलता है, लेकिन जब शनि अशुभ प्रभाव में होते हैं तो जीवन में बाधाएं, संघर्ष, देरी और मानसिक दबाव बढ़ सकता है. ऐसे में लोग शनि के प्रकोप को शांत करने के लिए कई उपाय करते हैं, जिनमें लोहे की अंगूठी पहनना सबसे आम उपायों में से एक है. लेकिन सवाल यही है क्या वाकई लोहे की अंगूठी शनि का प्रभाव कम करती है? आइए, ज्योतिष के नजरिए से इसे विस्तार से समझते हैं.
शनि और लोहे का क्या है संबंध?
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, हर धातु का संबंध किसी न किसी ग्रह से होता है. लोहे पर शनि देव का आधिपत्य माना गया है. कहा जाता है कि जब हम लोहे की अंगूठी धारण करते हैं, तो यह शनि की ऊर्जा को आकर्षित और संतुलित करने का काम करती है. यह शरीर में शनि के नकारात्मक प्रभाव को सोख लेती है और व्यक्ति को मानसिक व शारीरिक शांति प्रदान करती है.
किन लोगों के लिए है यह सबसे ज्यादा फायदेमंद?
- लोहे की अंगूठी पहनना हर किसी के लिए बुरा नहीं होता, लेकिन कुछ विशेष स्थितियों में यह रामबाण की तरह काम करती है.
- साढ़ेसाती और ढैय्या: जो लोग शनि की साढ़ेसाती या ढैय्या के कठिन दौर से गुजर रहे हैं, उनके लिए यह सुरक्षा कवच की तरह है.
- काम में बाधा: यदि आपके बनते हुए काम बिगड़ रहे हैं या जीवन में बहुत ज्यादा संघर्ष बढ़ गया है, तो यह लाभकारी हो सकती है.
- राहु-केतु का दोष: शनि के साथ-साथ यह अंगूठी राहु और केतु के बुरे प्रभावों को भी कम करने में मदद करती है.
सही उंगली का चुनाव है जरूरी
ज्योतिष के जानकारों के मुताबिक, लोहे की अंगूठी को हमेशा मध्यमा उंगली में ही पहनना चाहिए. इसके पीछे एक ठोस वजह है. हाथ की मध्यमा उंगली के नीचे वाला हिस्सा ‘शनि पर्वत’ कहलाता है. जब आप इस उंगली में अंगूठी पहनते हैं, तो धातु का सीधा संपर्क शनि पर्वत से होता है, जिससे ग्रह की सकारात्मक ऊर्जा सक्रिय हो जाती है.
लोहे की अंगूठी पहनने के बड़े फायदे
- नकारात्मक ऊर्जा से बचाव: यह आसपास की बुरी नजर और निगेटिव एनर्जी को आपसे दूर रखती है.
- मानसिक एकाग्रता: शनि अनुशासन के देवता हैं, इसलिए इसे पहनने से व्यक्ति के फोकस और निर्णय लेने की क्षमता में सुधार होता है.
- दुर्घटनाओं से सुरक्षा: माना जाता है कि शनि की कृपा से आकस्मिक दुर्घटनाओं का खतरा टल जाता है.
पहनने से पहले रखें इन बातों का ध्यान
- घोड़े की नाल का लोहा: ज्योतिष में काले घोड़े की नाल से बनी अंगूठी को सबसे सही माना गया है.
- शनिवार का दिन: इसे किसी भी शनिवार के दिन सूर्यास्त के बाद धारण करना सबसे शुभ होता है.
- शुद्धिकरण: पहनने से पहले अंगूठी को कच्चे दूध या गंगाजल से शुद्ध जरूर कर लें.
Disclaimer: इस खबर में दी गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं और ज्योतिष शास्त्र की जानकारियों पर आधारित है. राष्ट्रीय जगत विज़न इसकी पुष्टि नहीं करता है.
लेखक के विषय में
मणिशंकर पांडेय National Jagat Vision के संस्थापक, मालिक एवं मुख्य संपादक हैं। वे निष्पक्ष, सटीक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता के लिए प्रतिबद्ध हैं। उनका उद्देश्य देश-दुनिया की सच्ची और विश्वसनीय खबरें पाठकों तक पहुँचाना है।
