घर हो या दफ्तर, हर मुश्किल होगी आसान, महिलाओं के लिए वरदान से कम नहीं मां दुर्गा के ये 5 मंत्र

नई दिल्ली। आज की आधुनिक जीवनशैली में महिलाएं एक साथ कई भूमिकाएं निभाती हैं। ऐसे में कभी-कभी मानसिक थकान और आत्मविश्वास की कमी महसूस होना स्वाभाविक है। हिंदू धर्म में मां दुर्गा को शक्ति, साहस और धैर्य का प्रतीक माना गया है। प्राचीन ग्रंथों में कुछ ऐसे मंत्रों का वर्णन है, जिनका नियमित जाप महिलाओं के भीतर की सुप्त ऊर्जा को जागृत कर सकता है और उन्हें हर चुनौती से लड़ने की शक्ति प्रदान करता है।

शक्ति और मानसिक शांति के लिए 5 दिव्य मंत्र
1. भय से मुक्ति का मंत्र

मंत्र: "ॐ दुं दुर्गायै नमः"

Read More Mauni Amavasya 2026: मौनी अमावस्या के दिन करें ये उपाय, मिलेगी पृत दोष से मुक्ति!

प्रभाव: यह मां दुर्गा का बीज मंत्र है। यह आपके मन से अनजाने डर और असुरक्षा की भावना को खत्म करता है। जब भी आप किसी कठिन परिस्थिति में हों, इसका मानसिक जाप आपको तुरंत सुरक्षा का अनुभव कराएगा।

Read More Kitchen Vastu Tips: रसोई की इस दिशा में रखें मिट्टी का घड़ा, कभी खाली नहीं होगी तिजोरी

2. आत्मविश्वास और आत्म-सम्मान के लिए

मंत्र: "या देवी सर्वभूतेषु शक्ति-रूपेण संस्थिता। नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः॥"

प्रभाव: यह मंत्र महिला की आंतरिक शक्ति का सम्मान करता है। यह आपको एहसास दिलाता है कि आप स्वयं शक्ति का रूप हैं। इसके जाप से आत्म-सम्मान (Self-esteem) में वृद्धि होती है।

3. जीवन में शुभता और संतुलन के लिए

मंत्र: "सर्वमंगल मांगल्ये शिवे सर्वार्थ साधिके। शरण्ये त्र्यम्बके गौरी नारायणी नमोस्तुते॥"

प्रभाव: यह मंत्र जीवन के हर क्षेत्र में सफलता और मंगल लाने वाला है। यह मानसिक तनाव को कम कर मन को शांत और संतुलित रखने में मदद करता है।

4. एकाग्रता और फोकस बढ़ाने के लिए

मंत्र: "ॐ ह्रीं दुं दुर्गायै नमः"

प्रभाव: यह मंत्र उन महिलाओं के लिए विशेष रूप से लाभकारी है जो करियर और घर के बीच तालमेल बिठाने में मुश्किल महसूस करती हैं। यह एकाग्रता बढ़ाता है और भ्रम की स्थिति को दूर करता है।

5. साहस और नेतृत्व क्षमता के लिए (दुर्गा गायत्री)

मंत्र: "ॐ कात्यायनाय विद्महे कन्याकुमारी धीमहि तन्नो दुर्गि प्रचोदयात्॥"

प्रभाव: मां कात्यायनी संघर्षों को जीतने की शक्ति देती हैं। यह मंत्र नेतृत्व के गुणों को निखारता है और आपको सही निर्णय लेने की क्षमता प्रदान करता है।

जाप करने की सरल विधि

  • इन मंत्रों का जाप सुबह स्नान के बाद या रात को सोने से पहले शांत स्थान पर बैठकर करें।
  • मंत्रों को पढ़ते समय अपना ध्यान अपनी सांसों और मंत्र की ध्वनि पर केंद्रित करें।
  • नियमितता (Consistency) सबसे जरूरी है; इसे अपनी दैनिक दिनचर्या का हिस्सा बनाएं।

लेखक के विषय में

मनीशंकर पांडेय Picture

मणिशंकर पांडेय National Jagat Vision के संस्थापक, मालिक एवं मुख्य संपादक हैं। वे निष्पक्ष, सटीक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता के लिए प्रतिबद्ध हैं। उनका उद्देश्य देश-दुनिया की सच्ची और विश्वसनीय खबरें पाठकों तक पहुँचाना है।

More News

तेज रफ्तार बनी मौत का कारण: बाइक रेसिंग के दौरान नाले में गिरा नाबालिग, मौके पर गई जान

राज्य