हाईकोर्ट का अल्टीमेटम, 7 दिन में किसान का नाम राजस्व रिकॉर्ड में दर्ज करो, वरना कार्रवाई तय

हाईकोर्ट का अल्टीमेटम, 7 दिन में किसान का नाम राजस्व रिकॉर्ड में दर्ज करो, वरना कार्रवाई तय

बिलासपुर : अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) और नायब तहसीलदार के आदेश के बावजूद किसान का नाम राजस्व रिकॉर्ड में दर्ज नहीं करने के मामले में छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है । कोर्ट ने हल्का पटवारी नंबर 3, तहसील पथरिया को आदेश दिया है कि आदेश की प्रति प्राप्त होने के सात दिनों के भीतर नामांतरण की कार्रवाई पूरी कर किसान का नाम राजस्व रिकॉर्ड में दर्ज किया जाए ।हाई कोर्ट ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि निर्धारित समय सीमा में आदेश का पालन नहीं किया गया या अनुपालन रिपोर्ट पेश नहीं की गई, तो संबंधित पटवारी के खिलाफ निलंबन, विभागीय जांच और अनुशासनात्मक कार्रवाई के आदेश दिए जा सकते हैं ।

एसडीओ के आदेश के बाद भी नहीं हुआ नामांतरण

मामला मुंगेली जिले के ग्राम दाड़गांव निवासी पवन कुमार भास्कर की भूमि से जुड़ा है । याचिकाकर्ता ने हाई कोर्ट में दायर याचिका में बताया कि खसरा नंबर 239/1 की 0.876 हेक्टेयर और खसरा नंबर 355/1 की 0.071 हेक्टेयर भूमि के नामांतरण का मामला राजस्व न्यायालय के समक्ष विचाराधीन था । मामले में अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व), पथरिया ने 18 नवंबर 2024 को याचिकाकर्ता के पक्ष में नामांतरण का आदेश पारित किया था । इसके बाद नायब तहसीलदार पथरिया ने 30 मई 2025 को संबंधित पटवारी को राजस्व रिकॉर्ड में आवश्यक सुधार कर किसान का नाम दर्ज करने के निर्देश दिए ।

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ज्ञापन जारी होने के बाद भी कार्रवाई लंबित

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नामांतरण आदेश के पालन के लिए नायब तहसीलदार कार्यालय की ओर से 10 जून 2025 को हल्का पटवारी नंबर-3 को बाकायदा ज्ञापन भी जारी किया गया । इसके बावजूद याचिकाकर्ता के अनुसार पटवारी ने नामांतरण की प्रक्रिया पूरी नहीं की और लंबे समय तक उसका नाम राजस्व रिकॉर्ड में दर्ज नहीं किया गया । राजस्व अधिकारियों के आदेश के बावजूद कार्रवाई नहीं होने पर किसान को आखिरकार हाई कोर्ट की शरण लेनी पड़ी ।

सात दिन में आदेश का पालन करने के निर्देश

मामले की सुनवाई जस्टिस ए के प्रसाद की सिंगल बेंच में हुई । याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता अमन कुमार केशरवानी ने पक्ष रखा । हाई कोर्ट ने आदेशों के बावजूद नामांतरण की कार्रवाई लंबित रखे जाने पर नाराजगी जताते हुए संबंधित पटवारी को निर्देश दिया कि हाई कोर्ट के आदेश की प्रति प्राप्त होने के सात दिनों के भीतर 30 मई 2025 के नामांतरण आदेश और 10 जून 2025 के ज्ञापन का पालन सुनिश्चित किया जाए ।

कलेक्टर करेंगे निगरानी

कोर्ट ने मुंगेली कलेक्टर को पूरे मामले की निगरानी करने और अधीनस्थ राजस्व अधिकारियों से आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए हैं । संबंधित पटवारी को आदेश के अनुपालन की रिपोर्ट 10 दिनों के भीतर रजिस्ट्रार (न्यायिक) के समक्ष प्रस्तुत करने को कहा गया है ।

पालन नहीं किया तो होगी कड़ी कार्रवाई

हाई कोर्ट ने अपने आदेश में साफ किया है कि यदि निर्धारित समय में नामांतरण आदेश का पालन नहीं किया गया अथवा अनुपालन रिपोर्ट प्रस्तुत नहीं की गई, तो संबंधित पटवारी के खिलाफ निलंबन, विभागीय जांच और अनुशासनात्मक कार्रवाई के आदेश दिए जा सकते हैं ।

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