रोज 5-7 KM दौड़ने और हेल्दी डाइट के बावजूद क्यों पड़ा हार्ट में स्टेंट? डॉक्टर ने बताई नींद से जुड़ी अहम बात
रोजाना एक्सरसाइज करना, संतुलित खान-पान लेना और अपनी फिटनेस का ध्यान रखना दिल की सेहत के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। लेकिन क्या सिर्फ इतना करने से हार्ट डिजीज का खतरा पूरी तरह खत्म हो जाता है? जवाब है, नहीं। हृदय स्वास्थ्य पर उम्र, जेनेटिक्स, ब्लड प्रेशर, कोलेस्ट्रॉल, डायबिटीज, धूम्रपान, तनाव, नींद और जीवनशैली के कई दूसरे पहलुओं का असर पड़ता है।
हाल ही में डॉक्टर द्वारा साझा किए गए एक केस ने इस बात पर ध्यान खींचा कि एक व्यक्ति नियमित रूप से कई किलोमीटर दौड़ता था और उसकी डाइट भी संतुलित थी, इसके बावजूद 45 साल की उम्र में उसे दो बार कोरोनरी स्टेंट की जरूरत पड़ी। डॉक्टर के मुताबिक, इस व्यक्ति की जीवनशैली में एक बड़ी कमी उसकी नींद की अवधि और स्ट्रेसफुल रूटीन से जुड़ी थी। हालांकि, किसी एक व्यक्ति में स्टेंट की जरूरत पड़ने का कारण केवल कम नींद को मान लेना सही नहीं होगा। इसके पीछे कोरोनरी आर्टरी डिजीज के कई जोखिम कारक हो सकते हैं।
डॉक्टर ने शेयर किया 45 साल के व्यक्ति का केस
डॉ. ने एक वीडियो में 45 वर्षीय व्यक्ति का केस साझा किया। उनके मुताबिक, व्यक्ति नियमित रूप से करीब 5 से 6 किलोमीटर दौड़ता था और अपने खान-पान का भी ध्यान रखता था। इसके बावजूद उसे दो अलग-अलग मौकों पर कोरोनरी स्टेंट की जरूरत पड़ी। डॉक्टर के अनुसार, इस व्यक्ति की दिनचर्या में नींद का पैटर्न ठीक नहीं था। वह रोजाना लगभग 5 से 6 घंटे ही सोता था और उसका काम भी काफी तनावपूर्ण था। यह केस इस बात की ओर ध्यान दिलाता है कि फिट दिखना और नियमित एक्सरसाइज करना महत्वपूर्ण जरूर है, लेकिन हृदय स्वास्थ्य का आकलन केवल इन्हीं दो चीजों से नहीं किया जा सकता।
क्या सिर्फ एक्सरसाइज और डाइट काफी नहीं?
व्यायाम और संतुलित भोजन हार्ट हेल्थ के लिए बेहद जरूरी हैं, लेकिन इनके साथ पर्याप्त नींद और तनाव का प्रबंधन भी महत्वपूर्ण है। नींद के दौरान शरीर कई सामान्य रिकवरी प्रक्रियाओं से गुजरता है। लगातार कम या खराब गुणवत्ता वाली नींद शरीर के तनाव से जुड़े सिस्टम, ब्लड प्रेशर और मेटाबॉलिक हेल्थ पर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकती है। लंबे समय तक नींद की समस्या रहने पर हृदय संबंधी जोखिम भी बढ़ सकता है। इसलिए अगर कोई व्यक्ति रोज जिम करता है या दौड़ता है, लेकिन रात में लगातार पर्याप्त नींद नहीं लेता और अत्यधिक तनाव में रहता है, तो उसकी पूरी हेल्थ प्रोफाइल को ध्यान में रखना जरूरी है।
सिर्फ कितने घंटे नहीं, नींद का पैटर्न भी महत्वपूर्ण
डॉ. ने नियमित नींद के समय पर भी जोर दिया। स्वस्थ वयस्कों के लिए आमतौर पर कम से कम 7 घंटे की नींद लेने की सलाह दी जाती है। सिर्फ नींद की अवधि ही नहीं, बल्कि सोने और जागने का समय भी नियमित रखना उपयोगी हो सकता है। उदाहरण के लिए, अगर कोई व्यक्ति एक दिन रात 10 बजे सोता है, अगले दिन आधी रात और फिर उसके अगले दिन रात 1 बजे सोता है, तो ऐसी लगातार बदलती दिनचर्या नींद की गुणवत्ता और सर्केडियन रिदम को प्रभावित कर सकती है। हालांकि, हर व्यक्ति की नींद की जरूरत और दिनचर्या अलग हो सकती है।
रिसर्च में भी सामने आया है नींद और हार्ट हेल्थ का कनेक्शन
नींद और हृदय स्वास्थ्य के बीच संबंध को लेकर वैज्ञानिक शोध किए गए हैं। अपर्याप्त या अनियमित नींद को कुछ अध्ययनों में ब्लड प्रेशर, तनाव से जुड़े हार्मोन और हृदय संबंधी जोखिमों में बदलाव के साथ जोड़ा गया है। कुछ शोधों में लगातार अनियमित नींद के पैटर्न को हृदय संबंधी बीमारी के बढ़े हुए जोखिम से संबंधित पाया गया है। लेकिन यहां यह समझना जरूरी है कि ऐसे अध्ययन संबंध (association) दिखा सकते हैं; वे यह साबित नहीं करते कि कम नींद अकेले किसी व्यक्ति में हार्ट अटैक या स्टेंट की सीधी वजह है।
हार्ट को स्वस्थ रखने के लिए इन बातों का रखें ध्यान
दिल की सेहत के लिए केवल दौड़ने या डाइट पर निर्भर रहने के बजाय पूरी जीवनशैली पर ध्यान देना चाहिए:
- नियमित शारीरिक गतिविधि करें।
- संतुलित और पौष्टिक भोजन लें।
- पर्याप्त और नियमित नींद लेने की कोशिश करें।
- लगातार तनाव को मैनेज करने के तरीके अपनाएं।
- ब्लड प्रेशर और कोलेस्ट्रॉल की समय-समय पर जांच कराएं।
- डायबिटीज होने पर ब्लड शुगर को नियंत्रित रखें।
- धूम्रपान और तंबाकू से दूरी बनाएं।
- परिवार में कम उम्र में हृदय रोग का इतिहास हो तो डॉक्टर से जोखिम का आकलन कराएं।
फिटनेस के बावजूद हार्ट रिस्क हो सकता है
इस केस से यह समझना जरूरी है कि फिटनेस हार्ट डिजीज से पूरी तरह सुरक्षा की गारंटी नहीं देती। कोई व्यक्ति नियमित रूप से एक्सरसाइज करता हो, फिर भी उसे जेनेटिक कारणों, हाई कोलेस्ट्रॉल, हाई ब्लड प्रेशर, डायबिटीज, धूम्रपान, तनाव या अन्य कारणों से हृदय संबंधी समस्या हो सकती है। इसलिए एक्सरसाइज और हेल्दी डाइट के साथ पर्याप्त नींद, तनाव प्रबंधन और समय-समय पर स्वास्थ्य जांच को भी जीवनशैली का हिस्सा बनाना जरूरी है।
डिस्क्लेमर: यह लेख सामान्य स्वास्थ्य जानकारी के लिए है और किसी व्यक्ति के व्यक्तिगत केस का निदान नहीं है। कम नींद को अकेले हार्ट डिजीज या स्टेंट की सीधी वजह नहीं माना जा सकता। सीने में दर्द या दबाव, सांस लेने में परेशानी, अचानक पसीना, चक्कर या दर्द का हाथ/जबड़े तक फैलना जैसे लक्षण हों तो तुरंत चिकित्सा सहायता लें।
