पानी पीकर भी क्यों रहती है कमजोरी? शरीर में इन 5 Electrolytes की कमी पड़ सकती है भारी

पानी पीकर भी क्यों रहती है कमजोरी? शरीर में इन 5 Electrolytes की कमी पड़ सकती है भारी

गर्मी में पसीना ज्यादा निकलने के बाद या घंटों मेहनत करने के बाद शरीर थका-थका महसूस हो तो ज्यादातर लोग सबसे पहले पानी पीते हैं। पानी पीना जरूरी है, लेकिन कुछ परिस्थितियों में शरीर से सिर्फ पानी ही नहीं निकलता, बल्कि उसके साथ कई जरूरी मिनरल्स भी कम हो सकते हैं। ऐसे में केवल पानी पीना हर स्थिति में पर्याप्त नहीं होता।

दरअसल, शरीर में मौजूद कुछ खनिज Electrolytes के रूप में काम करते हैं। ये शरीर के फ्लूड बैलेंस को बनाए रखने के साथ नसों और मांसपेशियों की सामान्य गतिविधियों में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इसलिए हाइड्रेशन का मतलब सिर्फ शरीर में पानी पहुंचाना नहीं, बल्कि जरूरत के अनुसार इलेक्ट्रोलाइट बैलेंस बनाए रखना भी है।

Electrolytes क्या होते हैं और शरीर में क्यों जरूरी हैं?
इलेक्ट्रोलाइट्स ऐसे मिनरल्स होते हैं जो शरीर के तरल पदार्थों में घुलकर विद्युत आवेश पैदा करते हैं। शरीर के लिए प्रमुख इलेक्ट्रोलाइट्स में सोडियम, पोटैशियम, कैल्शियम, मैग्नीशियम और क्लोराइड शामिल हैं।

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इनका शरीर में अलग-अलग काम होता है। सोडियम शरीर के तरल पदार्थों और सामान्य ब्लड वॉल्यूम के संतुलन में भूमिका निभाता है। पोटैशियम नसों और मांसपेशियों के सामान्य कामकाज के लिए जरूरी है।

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कैल्शियम मांसपेशियों के संकुचन और हड्डियों से जुड़े कई कार्यों में महत्वपूर्ण है, जबकि मैग्नीशियम शरीर की अनेक जैव-रासायनिक प्रक्रियाओं और ऊर्जा उत्पादन में भूमिका निभाता है। क्लोराइड भी शरीर के फ्लूड और एसिड-बेस बैलेंस को बनाए रखने में मदद करता है।

कब शरीर से तेजी से कम हो सकते हैं इलेक्ट्रोलाइट्स?
सामान्य दिनचर्या में संतुलित आहार और पर्याप्त तरल पदार्थों से अधिकांश स्वस्थ लोगों को जरूरी इलेक्ट्रोलाइट्स मिल जाते हैं। इसलिए हर दिन इलेक्ट्रोलाइट ड्रिंक पीना जरूरी नहीं है। लेकिन कुछ परिस्थितियों में शरीर से पानी के साथ इलेक्ट्रोलाइट्स भी ज्यादा मात्रा में बाहर निकल सकते हैं, जैसे:

बहुत ज्यादा पसीना आने पर

  • लंबे समय तक एक्सरसाइज या भारी शारीरिक मेहनत करने पर
  • उल्टी या दस्त होने पर
  • तेज बुखार के दौरान
  • लंबे समय तक पर्याप्त भोजन और तरल न लेने पर
  • कुछ दवाओं के इस्तेमाल के दौरान

ऐसे मामलों में डिहाइड्रेशन के साथ इलेक्ट्रोलाइट असंतुलन का खतरा भी बढ़ सकता है।

सिरदर्द, ऐंठन और कमजोरी को नजरअंदाज न करें
इलेक्ट्रोलाइट बैलेंस बिगड़ने पर कुछ लोगों में कमजोरी, थकान, सिरदर्द, चक्कर, मांसपेशियों में ऐंठन या ध्यान केंद्रित करने में परेशानी जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं। हालांकि, इन लक्षणों को देखकर सीधे इलेक्ट्रोलाइट की कमी मान लेना सही नहीं है। नींद पूरी न होना, कम खाना, लो ब्लड प्रेशर, डिहाइड्रेशन, संक्रमण और कई दूसरी स्वास्थ्य समस्याएं भी इसकी वजह हो सकती हैं। अगर उल्टी या दस्त के साथ बहुत ज्यादा कमजोरी, लगातार चक्कर, पेशाब कम होना, अत्यधिक सुस्ती, भ्रम या बेहोशी जैसी समस्या हो रही है, तो इसे सामान्य थकान समझकर घर पर इलाज करने के बजाय तुरंत चिकित्सकीय सलाह लेनी चाहिए।

क्या पानी की जगह इलेक्ट्रोलाइट ड्रिंक लेना सही है?
जरूरी नहीं। इलेक्ट्रोलाइट ड्रिंक को पानी से ज्यादा बेहतर मानना भी सही नहीं है। अगर आप सामान्य दिनचर्या में पर्याप्त पानी पी रहे हैं, संतुलित भोजन कर रहे हैं और शरीर से अत्यधिक पसीना या तरल पदार्थ नहीं निकल रहा, तो अलग से इलेक्ट्रोलाइट ड्रिंक की जरूरत आमतौर पर नहीं होती। वहीं उल्टी या दस्त जैसी स्थिति में शरीर से पानी और लवण दोनों की कमी हो सकती है। ऐसी स्थिति में डॉक्टर की सलाह के अनुसार ORS (Oral Rehydration Solution) महत्वपूर्ण हो सकता है। ORS और सामान्य स्पोर्ट्स या इलेक्ट्रोलाइट ड्रिंक को एक जैसा नहीं समझना चाहिए।

इन लोगों को खुद से इलेक्ट्रोलाइट सप्लीमेंट नहीं लेना चाहिए
किडनी या हृदय से जुड़ी बीमारी वाले लोगों को बिना डॉक्टर की सलाह के इलेक्ट्रोलाइट सप्लीमेंट या बड़ी मात्रा में इलेक्ट्रोलाइट ड्रिंक लेने से बचना चाहिए। कुछ दवाएं भी शरीर में सोडियम और पोटैशियम जैसे मिनरल्स के स्तर को प्रभावित कर सकती हैं। अगर किसी व्यक्ति को बार-बार मांसपेशियों में ऐंठन, कमजोरी, चक्कर या डिहाइड्रेशन की शिकायत होती है, तो खुद से लगातार इलेक्ट्रोलाइट पाउडर लेने के बजाय इसके कारण की जांच कराना ज्यादा जरूरी है।

शरीर के लिए जरूरी 5 Electrolytes

  • सोडियम: शरीर में फ्लूड बैलेंस और नसों-मांसपेशियों के सामान्य काम में महत्वपूर्ण।
  • पोटैशियम: मांसपेशियों, नसों और दिल की सामान्य कार्यप्रणाली में भूमिका।
  • कैल्शियम: हड्डियों के साथ मांसपेशियों के सामान्य संकुचन के लिए जरूरी।
  • मैग्नीशियम: ऊर्जा उत्पादन और कई जैव-रासायनिक प्रक्रियाओं में शामिल।
  • क्लोराइड: शरीर के तरल पदार्थ और एसिड-बेस बैलेंस में भूमिका निभाता है।

तो कितना पानी पिएं और कब लें इलेक्ट्रोलाइट?
इसका कोई एक जवाब सभी लोगों पर लागू नहीं होता। सामान्य दिनों में प्यास के अनुसार पर्याप्त तरल लेना और संतुलित आहार करना आमतौर पर पर्याप्त होता है। लेकिन लंबे समय तक व्यायाम, अत्यधिक गर्मी में मेहनत, बहुत ज्यादा पसीना, उल्टी या दस्त जैसी परिस्थितियों में शरीर की जरूरत बदल सकती है। यानी हाइड्रेशन सिर्फ पानी की बोतल खत्म करने का नाम नहीं है। शरीर में तरल पदार्थ और जरूरी इलेक्ट्रोलाइट्स का संतुलन भी महत्वपूर्ण है। हालांकि, बिना जरूरत इलेक्ट्रोलाइट सप्लीमेंट लेना भी सही तरीका नहीं है।

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