लापता पति के अपहरण की आशंका, पत्नी पहुँच गई हाई कोर्ट, पुलिस अधिकारियों को नोटिस जारी
बिलासपुर : पति के अचानक लापता होने और उसके अपहरण की आशंका को लेकर पत्नी ने हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। मामले की सुनवाई करते हुए हाई कोर्ट की डिवीजन बेंच ने पुलिस को लापता व्यक्ति की तलाश में मोबाइल नंबर से जुड़ी जानकारी और कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर) जुटाने के निर्देश दिए हैं। कोर्ट ने पुलिस अधिकारियों को नोटिस जारी कर इस दिशा में कार्रवाई करने के निर्देश दिए है।
16 सितंबर 2026 को जस्टिस नरेंद्र कुमार व्यास और जस्टिस सुधीर कुमार की डिवीजन बेंच में पूजा कुम्हार की याचिका पर सुनवाई हुई। याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता राजीव कुमार दुबे ने पक्ष रखा। उन्होंने कोर्ट को बताया कि पूजा कुम्हार के पति रामप्रसाद कुम्हार लापता हैं। पत्नी को आशंका है कि उनका अपहरण किया गया है।
भाई के केस में मदद करने पर मिल रही थी धमकी
याचिका में बताया गया कि रामप्रसाद का भाई रामनारायण अपनी सास की हत्या के आरोप में जेल में बंद है। रामप्रसाद अपने भाई के मामले में मदद के लिए लगातार कोर्ट जा रहे थे और जेल में उससे मुलाकात भी कर रहे थे। इसी बात को लेकर भाई के ससुराल पक्ष के लोग नाराज थे। आरोप है कि ससुराल पक्ष के लोग रामप्रसाद को लगातार अपने भाई के मामले से अलग रहने और उसकी मदद नहीं करने के लिए कह रहे थे। याचिकाकर्ता के अनुसार, उसे धमकी भी दी जा रही थी। रामनारायण के ससुराल पक्ष के लोग उसके खिलाफ हैं।
कोर्ट ने सीडीआर जुटाने कहा
मामले में याचिकाकर्ता ने पति के अपहरण के साथ किसी अनहोनी की आशंका भी जताई है। पत्नी की ओर से रखी गई आशंका और परिस्थितियों को देखते हुए डिवीजन बेंच ने पुलिस अधिकारियों को मोबाइल नंबर से संबंधित उपलब्ध जानकारी और कॉल डिटेल रिकॉर्ड हासिल करने का निर्देश दिया है। कोर्ट के निर्देश का उद्देश्य रामप्रसाद कुम्हार की आखिरी ज्ञात लोकेशन और मोबाइल से जुड़ी गतिविधियों का पता लगाना है, ताकि उसकी तलाश को आगे बढ़ाया जा सके। पुलिस और संबंधित जांच एजेंसी को इस दिशा में जानकारी जुटाकर कार्रवाई करने कहा गया है।
