उबला पानी कब बन जाता है खतरनाक? ये 3 गलतियां लोग रोज करते हैं

संक्रमण और बीमारियों से बचने के लिए उबला हुआ पानी पीना आज कई लोगों की रोज़मर्रा की ज़रूरत बन गया है. सेहत के प्रति बढ़ती जागरूकता के चलते कई लोग इसे सुरक्षित और शुद्ध मानकर नियमित रूप से इस्तेमाल करते हैं. घरों में बच्चों से लेकर बुज़ुर्गों तक, उबला पानी पीने की सलाह दी जाती है, ताकि संक्रमण और पेट से जुड़ी परेशानियों से बचा जा सके. बदलती लाइफस्टाइल, पानी की गुणवत्ता को लेकर चिंता और बीमारियों से बचाव की सोच ने उबले पानी को ज़रूरी बना दिया है. लेकिन अक्सर लोग यह मान लेते हैं कि एक बार पानी उबाल लेने के बाद वह हर हाल में सुरक्षित ही रहेगा. यही सोच कई बार परेशानी की वजह बन जाती है.

सही जानकारी न होने पर की गई छोटी-छोटी गलतियां उबले पानी को भी सेहत के लिए नुकसानदायक बना सकती हैं. ऐसे में यह जानना ज़रूरी हो जाता है कि किन गलतियों के कारण उबला पानी खतरनाक बन सकता है. आइए समझते हैं उन आदतों के बारे में, जिनसे उबले पानी की गुणवत्ता प्रभावित हो सकती है.

उबला पानी किन गलतियों से खतरनाक बन जाता है?
डॉ. बताते हैं कि कई लोग पानी उबालने के बाद उसे लंबे समय तक खुला छोड़ देते हैं, जिससे उसमें दोबारा बैक्टीरिया पनपने का खतरा बढ़ सकता है. वहीं, कुछ लोग उबले पानी को साफ बर्तन की जगह किसी भी उपलब्ध कंटेनर में भरकर रख देते हैं, जो संक्रमण की वजह बन सकता है. इसके अलावा, बार-बार उबले पानी को दोबारा गर्म करना भी एक आम गलती है. ऐसा करने से पानी की गुणवत्ता प्रभावित हो सकती है और कुछ हानिकारक तत्व बढ़ सकते हैं.

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कई बार लोग कई घंटे या पूरे दिन पहले उबाले गए पानी को बिना ढके इस्तेमाल करते रहते हैं, जिससे पेट दर्द, उल्टी, दस्त या गैस जैसी समस्याएं हो सकती हैं. कमजोर इम्यून सिस्टम वाले लोगों, बच्चों और बुज़ुर्गों में इसका असर जल्दी दिखाई दे सकता है. सही तरीके का पालन न करने पर उबला पानी फायदा देने की बजाय सेहत के लिए जोखिम बन सकता है.

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कैसे करें बचाव?
उबले पानी को सुरक्षित रखने के लिए कुछ आसान बातों का ध्यान रखना ज़रूरी है. पानी उबालने के बाद उसे हमेशा साफ और ढके हुए बर्तन में ही रखें. कोशिश करें कि जरूरत के अनुसार ही पानी उबालें, ताकि उसे लंबे समय तक स्टोर न करना पड़े. एक ही पानी को बार-बार गर्म करने से बचें और हर बार ताजा उबला पानी इस्तेमाल करें.

पानी रखने वाले बर्तन को रोज साफ करें और उसमें हाथ या गिलास डालते समय स्वच्छता का ध्यान रखें. अगर पानी कई घंटों से रखा है और उसमें गंध या स्वाद में बदलाव लगे, तो उसे इस्तेमाल न करें. इन छोटी-छोटी सावधानियों से उबला पानी सुरक्षित रहेगा और सेहत को नुकसान से बचाया जा सकेगा.

लेखक के विषय में

मनीशंकर पांडेय Picture

मणिशंकर पांडेय National Jagat Vision के संस्थापक, मालिक एवं मुख्य संपादक हैं। वे निष्पक्ष, सटीक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता के लिए प्रतिबद्ध हैं। उनका उद्देश्य देश-दुनिया की सच्ची और विश्वसनीय खबरें पाठकों तक पहुँचाना है।

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