अच्छी नींद के लिए रात की दिनचर्या में करें ये बदलाव, सुबह उठेंगे ज्यादा तरोताजा
आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में नींद से जुड़ी परेशानियां तेजी से बढ़ रही हैं। काम का तनाव, देर रात तक मोबाइल या लैपटॉप चलाना, अनियमित खानपान और सोने-जागने का बदला हुआ समय नींद की गुणवत्ता को प्रभावित कर सकता है। पर्याप्त नींद न मिलने से अगले दिन थकान, चिड़चिड़ापन और एकाग्रता में कमी महसूस हो सकती है। अच्छी नींद केवल शरीर को आराम देने के लिए ही जरूरी नहीं है, बल्कि यह मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य के लिए भी महत्वपूर्ण है। अगर आपकी नींद बार-बार खराब हो रही है, तो रात की कुछ आदतों में बदलाव करके इसे बेहतर बनाने में मदद मिल सकती है।
रोज एक तय समय पर सोने की कोशिश करें
नींद बेहतर करने के लिए सबसे जरूरी है कि सोने और जागने का समय लगभग तय रखा जाए। रोज अलग-अलग समय पर सोने से शरीर की प्राकृतिक घड़ी यानी बॉडी क्लॉक प्रभावित हो सकती है। कोशिश करें कि सप्ताहांत में भी सोने और उठने का समय बहुत ज्यादा न बदले। नियमित दिनचर्या शरीर को सही समय पर नींद के लिए तैयार करने में मदद कर सकती है।
सोने से पहले स्क्रीन टाइम कम करें
बिस्तर पर जाने के बाद मोबाइल चलाना या देर रात तक टीवी और लैपटॉप देखना नींद में बाधा डाल सकता है। स्क्रीन की रोशनी और लगातार मिलने वाली जानकारी दिमाग को एक्टिव रख सकती है। इसलिए सोने से कुछ समय पहले मोबाइल, टीवी और कंप्यूटर से दूरी बनाने की कोशिश करें। इसकी जगह किताब पढ़ना, हल्का संगीत सुनना या शांत गतिविधि करना बेहतर विकल्प हो सकता है।
रात में चाय-कॉफी का सेवन कम करें
चाय और कॉफी में मौजूद कैफीन शरीर को लंबे समय तक एक्टिव रख सकता है। खासकर शाम के बाद ज्यादा कैफीन लेने से कुछ लोगों को रात में नींद आने में परेशानी हो सकती है। अगर आपको नींद से जुड़ी समस्या रहती है, तो शाम और रात में चाय, कॉफी तथा कैफीन वाले दूसरे पेय कम करने की कोशिश करें।
सोने से पहले बहुत ज्यादा खाना न खाएं
रात में बहुत ज्यादा या भारी भोजन करने से पेट में असहजता हो सकती है, जिससे नींद प्रभावित हो सकती है। कोशिश करें कि सोने से ठीक पहले भारी खाना न खाएं। अगर रात में कुछ खाने की जरूरत महसूस हो तो हल्का भोजन लेना बेहतर हो सकता है।
दिन में शरीर को एक्टिव रखें
दिनभर बिल्कुल निष्क्रिय रहने के बजाय अपनी क्षमता के अनुसार वॉकिंग, योग, साइकिलिंग या दूसरी शारीरिक गतिविधियों को दिनचर्या में शामिल करें। नियमित शारीरिक गतिविधि नींद की गुणवत्ता बेहतर करने में मदद कर सकती है। हालांकि, सोने से ठीक पहले बहुत तेज या कठिन एक्सरसाइज करने से कुछ लोगों में उल्टा नींद आने में देरी हो सकती है।
कमरे का माहौल रखें आरामदायक
सोने के लिए कमरा शांत, अंधेरा और आरामदायक होना चाहिए। कमरे का तापमान भी ऐसा रखें जिसमें आपको सहज महसूस हो। बिस्तर का इस्तेमाल मुख्य रूप से सोने के लिए करने की आदत भी नींद की दिनचर्या को बेहतर बनाने में मदद कर सकती है।
दिन में लंबी झपकी लेने से बचें
अगर दिन में लंबे समय तक सोते हैं, तो रात में नींद आने में परेशानी हो सकती है। खासकर देर शाम की झपकी रात की नींद को प्रभावित कर सकती है। अगर दिन में आराम की जरूरत हो तो छोटी झपकी लेना कुछ लोगों के लिए बेहतर विकल्प हो सकता है।
तनाव कम करने की कोशिश करें
तनाव और लगातार चलने वाले विचार भी नींद में बाधा डाल सकते हैं। सोने से पहले कुछ मिनट गहरी सांस लेने, ध्यान करने, हल्का संगीत सुनने या किताब पढ़ने जैसी शांत गतिविधियां की जा सकती हैं। सोने से पहले अगले दिन के जरूरी काम लिख लेना भी कुछ लोगों को मानसिक रूप से रिलैक्स महसूस कराने में मदद कर सकता है।
कब डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए?
कभी-कभार नींद खराब होना सामान्य हो सकता है, लेकिन अगर लंबे समय तक समस्या बनी रहे तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। खासकर अगर:
- बार-बार रात में नींद खुलती हो
- बहुत जल्दी नींद खुलने के बाद दोबारा नींद न आती हो
- पर्याप्त समय सोने के बावजूद दिनभर अत्यधिक थकान रहती हो
- रात में तेज खर्राटे आते हों
- सोते समय सांस रुकने या हांफने जैसी समस्या होती हो
- नींद की परेशानी रोजमर्रा के काम और मूड को प्रभावित कर रही हो
ऐसी स्थिति में डॉक्टर से सलाह लेना बेहतर है। बिना डॉक्टर की सलाह के नींद की दवाएं लेना उचित नहीं है। डॉक्टर नींद खराब होने के कारण को समझकर उचित उपचार या सलाह दे सकते हैं।
