Weather Change Health Tips: सुबह उठते ही गला सूखना और खांसी क्यों होती है? बदलते मौसम में ऐसे रखें सेहत का ख्याल
मानसून के खत्म होने और सर्दियों की शुरुआत के बीच मौसम तेजी से बदलता है। कभी तेज धूप, तो कुछ देर बाद बादल और ठंडी हवा- तापमान और नमी में होने वाले ये बदलाव शरीर को भी प्रभावित कर सकते हैं। इस दौरान कई लोगों को सुबह उठते ही गले में सूखापन, खराश, खांसी या जुकाम जैसी शिकायत होने लगती है। हालांकि, हर बार इन लक्षणों की वजह केवल मौसम में बदलाव नहीं होती। रात में मुंह से सांस लेना, कमरे की सूखी हवा, एलर्जी, वायरल संक्रमण या शरीर में पानी की कमी भी सुबह गला सूखने का कारण बन सकती है। इसलिए लक्षण लगातार बने रहें तो सिर्फ मौसम को इसकी वजह मानकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
सुबह उठते ही गला सूखने और खांसी की वजह क्या है?
रात में लंबे समय तक पानी न पीने के कारण सुबह हल्का गला सूखना सामान्य हो सकता है। इसके अलावा अगर सोते समय नाक बंद होने के कारण मुंह से सांस लेनी पड़े, तो गले की नमी कम हो सकती है। बदलते मौसम में हवा के तापमान और नमी में बदलाव से भी कुछ लोगों में गले की संवेदनशीलता बढ़ सकती है। अगर इसके साथ छींक, नाक बहना या आंखों में पानी आने जैसे लक्षण हैं, तो एलर्जी भी एक संभावित कारण हो सकती है। वहीं खांसी, बुखार और शरीर में दर्द जैसे लक्षण संक्रमण की ओर इशारा कर सकते हैं।
गले की खराश में क्या करें?
हल्की खराश या गले में सूखापन महसूस होने पर पर्याप्त मात्रा में पानी पीना मददगार हो सकता है। जरूरत के अनुसार गुनगुने तरल पदार्थ भी लिए जा सकते हैं। कमरे का तापमान बहुत ज्यादा गर्म या ठंडा न रखें और अगर हवा बहुत सूखी है, तो कमरे में उचित नमी बनाए रखने पर ध्यान दें। भाप लेने से कुछ लोगों को नाक बंद होने या गले की परेशानी में अस्थायी राहत मिल सकती है, लेकिन बहुत गर्म भाप से जलने का खतरा रहता है, इसलिए सावधानी जरूरी है।
कब डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए?
अगर खांसी लगातार बनी रहे या उसके साथ सांस लेने में परेशानी, तेज बुखार, सीने में दर्द, घरघराहट या हालत बिगड़ने जैसे लक्षण दिखाई दें, तो डॉक्टर से जांच कराना जरूरी है। संक्रमण की आशंका होने पर छोटे बच्चों, बुजुर्गों या कमजोर प्रतिरक्षा वाले लोगों के संपर्क में अतिरिक्त सावधानी बरतना भी उचित है।
बदलते मौसम में खानपान कैसा रखें?
मौसम बदलने के दौरान संतुलित और पौष्टिक भोजन लेना जरूरी है। घर का ताजा भोजन प्राथमिकता दें और पर्याप्त पानी पीते रहें। डाइट में फल, सब्जियां, दालें, साबुत अनाज और पर्याप्त प्रोटीन शामिल करें। अदरक, हल्दी, जीरा और अजवाइन जैसे मसालों का इस्तेमाल स्वाद और सामान्य खानपान के हिस्से के तौर पर किया जा सकता है, लेकिन इन्हें किसी बीमारी का इलाज समझकर अधिक मात्रा में इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। बहुत ज्यादा तला-भुना, अत्यधिक प्रोसेस्ड और पैकेज्ड भोजन सीमित करना भी बेहतर है।
सिर्फ मौसम को जिम्मेदार न मानें
सुबह गला सूखना कभी-कभार सामान्य हो सकता है, लेकिन अगर यह समस्या रोज हो रही है या लंबे समय से बनी हुई है, तो इसके पीछे एलर्जी, नाक से जुड़ी समस्या, एसिड रिफ्लक्स, डिहाइड्रेशन या अन्य कारण भी हो सकते हैं। ऐसे में खुद से दवा लेने के बजाय डॉक्टर से कारण की जांच कराना बेहतर है।
