Jharkhand High Court: SC-ST केस में जवाब देने में देरी पड़ी भारी, हेमंत सोरेन पर 10 हजार जुर्माना क्यों लगा?
रांची। प्रवर्तन निदेशालय (ED) के अधिकारियों के खिलाफ SC-ST एक्ट के तहत दर्ज प्राथमिकी को चुनौती देने वाली याचिका पर झारखंड हाईकोर्ट में सुनवाई के दौरान अदालत ने जवाब दाखिल करने में देरी पर नाराजगी जताई। कोर्ट ने हेमंत सोरेन की ओर से अधिक समय मांगे जाने पर 10 हजार रुपये का जुर्माना लगाया और जवाब दाखिल करने के लिए चार सप्ताह का समय दिया। मामले की अगली सुनवाई 2 नवंबर 2026 को होगी।
ED अधिकारियों ने FIR रद्द करने की मांग की है
यह मामला ED के तत्कालीन अधिकारियों के खिलाफ दर्ज SC-ST एक्ट की FIR से जुड़ा है। उपलब्ध रिपोर्ट के अनुसार, अधिकारियों में कपिल राज और देवव्रत झा समेत अन्य नाम शामिल हैं। ED अधिकारियों ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर उनके खिलाफ दर्ज प्राथमिकी और उससे जुड़ी कार्रवाई को चुनौती दी है। रिपोर्टों के मुताबिक, हेमंत सोरेन की ओर से ED की कार्रवाई के दौरान उत्पीड़न और मानसिक प्रताड़ना के आरोप लगाए गए थे। इन्हीं आरोपों के आधार पर SC-ST एक्ट के तहत प्राथमिकी दर्ज होने की बात सामने आई थी। वहीं, ED अधिकारियों की ओर से FIR को चुनौती दी गई है।
छह सप्ताह का समय मांगने पर कोर्ट ने लगाया जुर्माना
आज सुनवाई में हेमंत सोरेन की ओर से जवाब दाखिल करने के लिए छह सप्ताह का समय मांगा गया। कोर्ट ने इतनी लंबी अवधि देने से इनकार करते हुए चार सप्ताह का समय दिया और 10 हजार रुपये का जुर्माना लगाया। रिपोर्ट के अनुसार, जुर्माने की राशि JHALSA में जमा कराने का निर्देश दिया गया है। अदालत का यह रुख जवाब दाखिल करने में लगातार हो रही देरी के संदर्भ में सामने आया।
पहले भी चल रही है इस मामले में कानूनी प्रक्रिया
ED अधिकारियों के खिलाफ FIR को चुनौती देने वाला मामला पहले से हाईकोर्ट में लंबित है। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार, अदालत इस मामले में संबंधित पक्षों से जवाब मांग चुकी है और आगे की सुनवाई के लिए समय निर्धारित किया गया है। यह मामला हेमंत सोरेन और ED अधिकारियों के बीच चल रही अलग-अलग कानूनी कार्यवाहियों से संबंधित है। हाल के दिनों में सोरेन से जुड़े अन्य मामलों की भी झारखंड की अदालतों में सुनवाई हुई है। हालांकि, उन्हें इस FIR मामले से अलग-अलग कानूनी कार्यवाही के रूप में देखना जरूरी है।
अब 2 नवंबर को होगी अगली सुनवाई
हाईकोर्ट ने जवाब दाखिल करने के लिए चार सप्ताह का समय देते हुए मामले की अगली सुनवाई 2 नवंबर 2026 को निर्धारित की है। अब अगली सुनवाई में संबंधित पक्षों की ओर से दाखिल जवाब और अदालत के सामने रखी जाने वाली दलीलों पर आगे की प्रक्रिया तय होगी।
