लगातार 20 महीने गैरहाजिर, नोटिस का भी नहीं दिया जवाब, संविदा व्याख्याता की सेवा समाप्त
गौरेला-पेंड्रा-मरवाही: जिले में शासकीय कार्य के प्रति लापरवाही और अनुशासनहीनता पर शिक्षा विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। स्वामी आत्मानंद शासकीय अंग्रेजी माध्यम विद्यालय, पेण्ड्रा में पदस्थ व्याख्याता (अंग्रेजी) पायल कौशले की संविदा सेवा तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दी गई है। लगातार अनुपस्थित रहने और विभागीय नोटिस का जवाब नहीं देने के बाद जिला शिक्षा अधिकारी ने यह कार्रवाई की है।
जानकारी के अनुसार, पायल कौशले की नियुक्ति जिला स्तरीय चयन एवं प्रबंधन समिति के माध्यम से व्याख्याता (अंग्रेजी) के अनारक्षित पद पर संविदा आधार पर की गई थी। विद्यालय के प्राचार्य की रिपोर्ट के मुताबिक, वे 20 दिसंबर 2024 से 16 अगस्त 2026 तक लगातार ड्यूटी से अनुपस्थित रहीं। इसके बाद 17 अगस्त को वे विद्यालय पहुंचीं, लेकिन अगले ही दिन यानी 18 अगस्त से फिर बिना पूर्व सूचना के स्कूल से गायब हो गई।
नोटिस के बाद भी नहीं दिया जवाब

लगातार अनुपस्थिति को लेकर विद्यालय प्रबंधन ने 25 अगस्त 2026 को पायल कौशले को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा था। इसके बावजूद आदेश जारी होने तक उनकी ओर से नोटिस का कोई जवाब प्रस्तुत नहीं किया गया। विभाग ने इसे गंभीरता से लेते हुए उनके खिलाफ कार्रवाई की प्रक्रिया आगे बढ़ाई।
कर्तव्य के प्रति मानी गई लापरवाही
जिला शिक्षा अधिकारी ने आदेश में कहा है कि लगातार बिना सूचना अनुपस्थित रहना और नोटिस का जवाब नहीं देना कर्तव्य के प्रति लापरवाही एवं अनुशासनहीनता की श्रेणी में आता है। संविदा नियुक्ति से संबंधित छत्तीसगढ़ शासन के सामान्य प्रशासन विभाग के प्रावधानों के तहत शासकीय कार्य में रुचि नहीं रखने और नियमित रूप से कर्तव्य का निर्वहन नहीं करने पर संविदा सेवा समाप्त की जा सकती है।
इसी प्रावधान के तहत जिला शिक्षा अधिकारी ने पायल कौशले की संविदा सेवा तत्काल प्रभाव से समाप्त करते हुए उन्हें सेवा से पृथक कर दिया है।
