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- प्रदेश में धान खरीदी बंद, बिक्री से वंचित किसान पहुंचे कलेक्ट्रेट, धान खरीदने की लगाई गुहार
प्रदेश में धान खरीदी बंद, बिक्री से वंचित किसान पहुंचे कलेक्ट्रेट, धान खरीदने की लगाई गुहार
राष्ट्रीय जगत विजन। बिलासपुर जिला के अंतर्गत दर्जनों की संख्या में कई गांवों से आकर किसानों ने धान नहीं बिक्री होने के संदर्भ में कलेक्टर को ज्ञापन सौंपे हैं। जिसमें धान बिक्री नहीं होनी की बढ़ी वजह, गलत भौतिक सत्यापन, गलती एंट्री, और तय समयसीमा के भीतर टोकन नहीं काटना जैसी कई समस्याएं हैं।
दो लाख बीस हजार के कर्ज में हैं किसान
तखतपुर ब्लॉक के नंगोई ग्राम निवासी किसान भानू प्रकाश शर्मा ने बताया कि उनका धान का पंजीयन धान उपार्जन केंद्र ग्राम नगोई में किया गया था। परिवार की भूमिस्वामी हक की जमीन 12 एकड़ 36 डिसमील है, जिसमें 255.20 क्विटल धान का विक्रय के लिए पंजीयन किया गया था, और बतौर किसान मुझे सोसायटी से खाद बीज एवं नगद के रूप में 2,20,742/- (दो लाख बीस हजार सात सौ ब्यालीस रूपये) का कर्ज भी दिया गया। जिसका भौतिक सत्यापन 25जनवरी 2026 को नोडल अधिकारी शशी किरण पाटले द्वारा किया गया था, जिनके द्वारा त्रुटिवश 255.20 क्विंटल की बजाए 46.80 क्विंटल कर दिया गया। काफी मशक्कत के बाद 255.20 क्विटल करने में सफल रहा। लेकिन टोकन नहीं कटने से धन बेचने से वंचित हो गए।
बिक्री के आस लगा रहें गुहार किसान
छत्तीसगढ़ प्रदेश में 31 जनवरी को ही धान खरीदी की बंद हो चुकी हैं । ऐसे में बिलासपुर जिला के कई गांवों से किसान अपनी धान बिक्री की समस्या को लेकर आ रहे हैं और कलेक्टर को धान खरीदने की गुहार लगा रहें हैं। लेकिन कलेक्टर आश्वासन दिया जा रहा है।
हर मंडी में 30-40 किसान नहीं बेच पाए धान
सूत्रों की माने तो प्रदेश के लगभग सभी मंडियों में 30-40 किसानों द्वारा अभी भी धान नहीं बेच गया है।कारण गलत भौतिक सत्यापन,गलत एंट्री, कम टोकन काटना और धन खरीदने का तिथि को कम करना जैसे कई कारण है। मिली जानकारी के अनुसार 27 लाख पंजीकृत किसानों में से अभी भी दो लाख किसानों की धन नहीं खरीदी हो पाई है। ऐसे में सवाल उठता है कि सरकार फिर से वंचित किसानों की धान खरीदेगी?
