‘महाभारत’ की कृपी अब नहीं रहीं, आशा सिंह जायसवाल का निधन; बेटे ने भावुक पोस्ट लिखकर दी श्रद्धांजलि
मुंबई। टीवी और फिल्म जगत की जानी-पहचानी अभिनेत्री एवं मिमिक्री आर्टिस्ट आशा सिंह जायसवाल का 22 अगस्त को मुंबई में निधन हो गया। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, वह पिछले करीब तीन महीनों से फेफड़ों के संक्रमण से जूझ रही थीं। उन्होंने रात करीब 7:30 बजे अंतिम सांस ली। उनके निधन की खबर सामने आते ही परिवार, प्रशंसकों और मनोरंजन जगत में शोक की लहर दौड़ गई। आशा सिंह जायसवाल के बेटे आकाश भारद्वाज ने सोशल मीडिया के जरिए मां के निधन की जानकारी साझा की और भावुक श्रद्धांजलि दी। अगले दिन मुंबई के विले पार्ले पश्चिम स्थित पवन हंस श्मशान घाट में उनका अंतिम संस्कार किया गया।
बेटे ने मां को बताया ‘आयरन लेडी’
मां को याद करते हुए आकाश भारद्वाज ने सोशल मीडिया पर भावुक संदेश लिखा। उन्होंने आशा को ‘आयरन लेडी’ बताते हुए कहा कि उनका काम ही उनके लिए सबसे बड़ी पहचान था। आकाश ने लोगों से उनकी मां के पुराने काम और परफॉर्मेंस को याद करने की अपील की। साथ ही उन्होंने आशा की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना करने का आग्रह किया।
‘महाभारत’ की कृपी के किरदार ने दिलाई पहचान
आशा सिंह जायसवाल ने 1970 के दशक में मनोरंजन की दुनिया में कदम रखा था। कई दशक लंबे करियर में उन्होंने फिल्मों, टेलीविजन और लाइव परफॉर्मेंस में अपनी अलग पहचान बनाई। हालांकि, उन्हें सबसे ज्यादा लोकप्रियता बी.आर. चोपड़ा के चर्चित टीवी सीरियल ‘महाभारत’ से मिली। शो में उन्होंने कृपाचार्य की बहन कृपी का किरदार निभाया था। इस भूमिका ने उन्हें टीवी दर्शकों के बीच खास पहचान दिलाई।
फिल्मों में भी निभाए यादगार किरदार
आशा सिंह जायसवाल ने अपने लंबे फिल्मी सफर में कई फिल्मों में सपोर्टिंग और कैरेक्टर रोल किए। उनके काम में ‘बाजीगर’, ‘बॉबी जासूस’, ‘दीवांगी’, ‘आग’, ‘कायदा कानून’, ‘आंसू बने अंगारे’ और ‘घर बाजार’ जैसी फिल्में शामिल रहीं। उन्होंने अलग-अलग तरह के किरदारों को पर्दे पर उतारा और हिंदी मनोरंजन जगत में लंबे समय तक सक्रिय रहीं।
अभिनय के साथ मिमिक्री में भी बनाया मुकाम
आशा सिर्फ अभिनेत्री ही नहीं थीं, बल्कि एक कुशल मिमिक्री आर्टिस्ट के तौर पर भी जानी जाती थीं। खास तौर पर दिग्गज अभिनेत्री मीना कुमारी की आवाज की मिमिक्री के लिए उन्हें पहचान मिली। वह अपने दौर की शुरुआती महिला मिमिक्री कलाकारों में गिनी जाती थीं। अभिनय और मिमिक्री के अलावा वह सामाजिक गतिविधियों से भी जुड़ी रहीं और उन्होंने आशा इवेंट्स एंड फिल्म्स की शुरुआत भी की थी।
दशकों के सफर पर लगा विराम
आशा सिंह जायसवाल ने मनोरंजन जगत में कई दशक बिताए और अलग-अलग माध्यमों में काम किया। ‘महाभारत’ की कृपी के रूप में मिली पहचान आज भी उनके प्रशंसकों के बीच याद की जाती है। उनके निधन से परिवार और करीबियों के साथ-साथ मनोरंजन जगत से जुड़े लोगों को भी गहरा सदमा पहुंचा है। उनके अभिनय और मिमिक्री की विरासत उनके पुराने कामों के जरिए दर्शकों के बीच बनी रहेगी।
