Surajpur Elephant Attack: सड़क पर आया ‘कबरा-काना’, कार को कई बार पलटा; तमोर पिंगला में हाथी की दहशत से ग्रामीण परेशान
सूरजपुर। तमोर पिंगला अभयारण्य से लगे गांवों में एक बार फिर हाथी की दहशत बढ़ गई है। आज सुबह ग्राम भेलकच के पास उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब क्षेत्र में घूम रहे ‘कबरा-काना’ हाथी ने एक कार पर हमला कर दिया। हाथी ने वाहन को नुकसान पहुंचाने के साथ उसे कई बार पलट दिया। घटना के बाद आसपास के ग्रामीणों में डर का माहौल है।
अचानक कार के सामने आया हाथी, फिर शुरू हुआ हमला
बताया जा रहा है कि भेलकच निवासी त्रिलोचन सिंह अपनी इको गाड़ी से जा रहे थे। इसी दौरान हाथी अचानक सड़क पर सामने आ गया। इससे पहले कि चालक कुछ समझ पाता, हाथी ने वाहन पर हमला कर दिया। हाथी के हमले से कार क्षतिग्रस्त हो गई और मौके पर कुछ देर के लिए अफरा-तफरी की स्थिति बन गई। ग्रामीणों के मुताबिक, हाथी के आक्रामक व्यवहार को देखते हुए लोग मौके से दूरी बनाकर रहे।
कई दिनों से इलाके में घूम रहा ‘कबरा-काना’
स्थानीय लोगों का कहना है कि यह हाथी पिछले कई दिनों से तमोर पिंगला क्षेत्र के आसपास सक्रिय है। इससे पहले भी हाथी द्वारा आबादी वाले इलाकों में पहुंचकर घरों को नुकसान पहुंचाने की घटनाएं सामने आ चुकी हैं।अब वाहन को निशाना बनाए जाने के बाद ग्रामीणों को आशंका है कि हाथी दोबारा गांव की ओर बढ़ सकता है। खासकर सुबह और शाम के समय लोग खेतों और सड़कों पर निकलने से भी डर रहे हैं।
घरों के बाद अब वाहन पर हमला, बढ़ी चिंता
ग्रामीणों के अनुसार हाथी की लगातार मौजूदगी के कारण क्षेत्र में मानव-हाथी संघर्ष का खतरा बढ़ता जा रहा है। पहले घरों को नुकसान पहुंचने के बाद अब सड़क पर वाहन पर हमला होने से लोगों की चिंता और बढ़ गई है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते हाथी की गतिविधियों पर प्रभावी निगरानी नहीं रखी गई तो भविष्य में कोई बड़ा हादसा भी हो सकता है।
वन विभाग की निगरानी पर ग्रामीणों ने उठाए सवाल
ग्रामीणों ने वन विभाग की कार्यप्रणाली को लेकर भी नाराजगी जताई है। उनका आरोप है कि हाथी की लगातार मौजूदगी की जानकारी होने के बावजूद संवेदनशील इलाकों में निगरानी और सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नजर नहीं आ रहे हैं। लोगों ने मांग की है कि हाथी की लोकेशन पर लगातार नजर रखी जाए, गांवों के आसपास गश्त बढ़ाई जाए और ग्रामीणों को समय रहते अलर्ट किया जाए।
तमोर पिंगला क्षेत्र में बढ़ा मानव-हाथी संघर्ष का खतरा
यह पूरा मामला गुरु घासीदास-तमोर पिंगला टाइगर रिजर्व के तमोर पिंगला क्षेत्र से जुड़ा है। हाथी के आबादी वाले क्षेत्रों के करीब लगातार घूमने से मानव-वन्यजीव संघर्ष की स्थिति बन रही है। फिलहाल, ग्रामीणों की सबसे बड़ी चिंता यही है कि ‘कबरा-काना’ अगला निशाना किसे बनाएगा। ऐसे में वन विभाग के सामने हाथी को सुरक्षित तरीके से आबादी से दूर रखने के साथ ग्रामीणों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की चुनौती है।
