कुलसचिव को थप्पड़ मारने वाले फॉर्च्यूनर सवार गुंडे गिरफ्तार, पुलिस ने निकाली हेकड़ी, लेकिन जेल जाते वक्त भी चेहरे पर दिखी बेशरम हंसी !
बिलासपुर। छत्तीसगढ़ की न्यायधानी बिलासपुर में सड़क पर गुंडागर्दी और रसूखदारों की दबंगई का एक बेहद सनसनीखेज मामला सामने आया था, जिसमें पुलिस ने अब बड़ा एक्शन लिया है। अटल बिहारी वाजपेयी विश्वविद्यालय के कुलसचिव (प्रभारी कुलपति) डॉ. तरणीश गौतम को बीच सड़क पर सरेआम थप्पड़ जड़ने वाले सफेद फॉर्च्यूनर सवार युवकों की हेकड़ी तोरवा पुलिस ने निकाल दी है।
पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर सीधा जेल की सलाखों के पीछे भेज दिया है। हालांकि, इस पूरे घटनाक्रम में जो सबसे ज्यादा हैरान करने वाली तस्वीर सामने आई, वह यह थी कि पुलिस की गिरफ्त में आने और जेल जाने के बावजूद इन रसूखदारों के चेहरे पर रत्ती भर भी पछतावा या खौफ नहीं था, बल्कि वे बेशर्मों की तरह हंसते नजर आए।
ईगो हर्ट होने पर जड़ा था थप्पड़
घटना 23 अप्रैल 2026 (गुरुवार) सुबह करीब 9 बजे की है। डॉ. तरणीश गौतम बिना ड्राइवर के अपनी निजी कार से विश्वविद्यालय जा रहे थे। जैसे ही उनकी कार स्वास्तिक अस्पताल तोरवा पावर हाउस के पास पहुंची, आगे चल रही सफेद रंग की फॉर्च्यूनर (CG 10 AT 0017) के चालक ने ओवरटेक करने की होड़ में अचानक खतरनाक तरीके से गाड़ी के ब्रेक लगा दिए।
डॉ. गौतम ने सड़क पर की गई इस जानलेवा लापरवाही का विरोध किया। बस इसी बात पर फॉर्च्यूनर सवार युवकों का ईगो हर्ट हो गया। वे तैश में गाड़ी से नीचे उतरे और बिना कुछ सुने कुलसचिव को गंदी-गंदी गालियां देने लगे। बात इतनी बढ़ी कि उन्होंने डॉ. गौतम का कॉलर पकड़ा और उनके गाल पर जोरदार तमाचा जड़ दिया। सरेआम जान से मारने की धमकी देते हुए आरोपी अपनी लग्जरी कार में बैठकर वहां से रफूचक्कर हो गए।
पुलिस की ताबड़तोड़ कार्रवाई, जीजा की गाड़ी में गुंडागर्दी कर रहा था साला
शहर के एक बड़े अधिकारी के साथ हुई इस वारदात ने पुलिस महकमे में भी हड़कंप मचा दिया। जब बड़े अफसर सुरक्षित नहीं तो आम आदमी का क्या? इस सवाल के उठते ही तोरवा थाने में तत्काल अपराध क्रमांक 216/2026 (धारा 296, 351(3), 3(5) बीएनएस) के तहत मामला दर्ज किया गया। पुलिस ने फॉर्च्यूनर के नंबर के आधार पर आरटीओ से डिटेल खंगाली। पता चला कि गाड़ी मस्तूरी इलाके के एक व्यक्ति की है।
जब पुलिस गाड़ी मालिक तक पहुंची, तो राज खुला कि वारदात के वक्त गाड़ी उसका साला चला रहा था। पुलिस ने बिना देरी किए दोनों आरोपियों— लाखन सिंह (32), पिता कोमल सिंह और जयप्रकाश राठौर (29), पिता गणेश राम राठौर (दोनों निवासी ग्राम भदौरा, थाना मस्तूरी) को धर दबोचा। पुलिस ने उनकी फॉर्च्यूनर कार भी जब्त कर ली है।
जेल की हवा खा रहे आरोपी, पुलिस का सख्त संदेश
तोरवा पुलिस ने दोनों आरोपियों पर प्रतिबंधात्मक कार्रवाई करते हुए उन्हें न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया है। पुलिस ने साफ संदेश दिया है कि रसूख या लग्जरी गाड़ी के नशे में किसी भी नागरिक के साथ अभद्रता करने वालों पर तुरंत और कड़ी कार्रवाई होगी।
लेकिन, गिरफ्तारी के बाद भी आरोपियों के चेहरों पर तैरती वह बेशर्म हंसी सिस्टम के लिए एक बड़ा सवाल छोड़ गई है। जो अपराधी कानून के रखवालों के सामने भी हंस रहे हों, उनके हौसले किस कदर बेलगाम हो चुके हैं, इसका अंदाजा आसानी से लगाया जा सकता है। फिलहाल, पुलिस ने इनकी सारी हेकड़ी निकालकर इन्हें उस जगह पहुंचा दिया है, जहां इनकी असली जगह है।
