बाल सुधार गृह में रेप आरोपी की संदिग्ध मौत, फांसी के फंदे पर मिली लाश, एक महीने पहले चौकीदार की हुई थी हत्या
बिलासपुर : बिलासपुर के बाल सुधार गृह में एक बार फिर सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं । दुष्कर्म के आरोप में संप्रेक्षण गृह लाए गए 18 वर्षीय युवक शुभम अघरिया की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई । मंगलवार सुबह उसकी लाश फांसी के फंदे पर लटकी मिली । घटना के बाद पूरे संप्रेक्षण गृह में हड़कंप मच गया । प्रारंभिक जांच में पुलिस आत्महत्या की आशंका जता रही है, लेकिन मौत के पीछे की वास्तविक वजह जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही स्पष्ट होगी । मामले में मजिस्ट्रियल जांच भी कराई जा रही है ।
15 अगस्त को ही पहुंचा था संप्रेक्षण गृह
मृतक शुभम रायगढ़ जिले के धर्मजयगढ़ क्षेत्र के किरमिडांड गांव का रहने वाला था । उस पर एक नाबालिग लड़की से दुष्कर्म का आरोप था । रायगढ़ पुलिस ने उसे 14 अगस्त को गिरफ्तार किया था । अगले दिन अदालत में पेश किए जाने के बाद उसे 15 अगस्त को बिलासपुर के संप्रेक्षण गृह भेजा गया था । यानी संप्रेक्षण गृह में आए अभी महज कुछ ही दिन हुए थे और इसी दौरान उसकी मौत हो गई ।
परिजनों से फोन पर हुई थी बात
पुलिस के अनुसार संप्रेक्षण गृह आने के बाद शुभम तनाव में बताया जा रहा था । घटना से एक दिन पहले उसने परिजनों से फोन पर बातचीत भी की थी । बताया जा रहा है कि वह लगातार परिजनों से बाहर निकालने की जिद कर रहा था । हालांकि उसके तनाव में होने की बात सामने आने के बावजूद संप्रेक्षण गृह के भीतर उसकी मौत कैसे हुई, यह अब जांच का बड़ा सवाल बन गया है ।
सुबह बाथरूम जाने निकला, फिर मिली लाश
जानकारी के मुताबिक सोमवार रात खाना खाने के बाद शुभम सो गया था । मंगलवार सुबह चौकीदार ने संप्रेक्षण गृह में रह रहे बच्चों को जगाया । इसके बाद शुभम बाथरूम जाने के लिए निकला । कुछ देर बाद उसकी लाश फंदे पर लटकी मिलने से हड़कंप मच गया । सूचना मिलते ही सरकंडा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की । पुलिस ने संप्रेक्षण गृह के चौकीदार समेत वहां मौजूद कर्मचारियों और अन्य बच्चों से पूछताछ की है । घटनास्थल की जांच के साथ ही मौत से जुड़े हर पहलू को खंगाला जा रहा है ।
मौत ने खड़े किए सुरक्षा पर बड़े सवाल
बाल सुधार गृह को किशोरों के लिए सुरक्षित और निगरानी वाला स्थान माना जाता है । ऐसे में यहां एक निरुद्ध युवक का फांसी के फंदे पर लटका मिलना कई गंभीर प्रश्न खड़े करता है । आखिर उसे ऐसी स्थिति तक पहुंचने से क्यों नहीं रोका जा सका? निगरानी व्यवस्था कितनी मजबूत थी? घटना के समय कर्मचारियों की ड्यूटी और सुरक्षा व्यवस्था कैसी थी? इन सभी के जवाब जांच के बाद सामने आएंगे ।
एक महीने पहले चौकीदार की हत्या से मचा था हड़कंप
बिलासपुर के इसी बाल सुधार गृह की सुरक्षा व्यवस्था पर पहले भी प्रश्न उठ चुके हैं। 13 जुलाई को नाइट चौकीदार नरेंद्र कुमार खांडे की हत्या कर दी गई थी । घटना में बाल सुधार गृह में निरुद्ध चार नाबालिगों पर चौकीदार को बंधक बनाकर उसकी हत्या करने और फरार होने का आरोप लगा था । चारों अलग-अलग जिलों से थे। घटना के बाद पुलिस ने कई टीमें बनाकर फरार किशोरों की तलाश की थी और बाद में उनकी गिरफ्तारी की गई । चौकीदार हत्याकांड के महज एक महीने बाद अब संप्रेक्षण गृह में दुष्कर्म के आरोपी युवक की संदिग्ध मौत ने एक बार फिर सुरक्षा व्यवस्था को कठघरे में खड़ा कर दिया है ।
जांच के बाद खुलेगा मौत का राज
सरकंडा थाना प्रभारी प्रदीप आर्या के अनुसार शुभम को 15 अगस्त को रायगढ़ से बिलासपुर लाया गया था । प्रारंभिक जांच में उसके मानसिक तनाव में होने की जानकारी सामने आई है । हालांकि पुलिस हर पहलू से जांच कर रही है । पोस्टमार्टम रिपोर्ट और मजिस्ट्रियल जांच के निष्कर्ष सामने आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि यह आत्महत्या थी या इसके पीछे कोई और वजह थी ।
बाल सुधार गृह में लगातार सामने आ रही गंभीर घटनाओं ने अब सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था को लेकर प्रशासन के सामने कई बड़े प्रश्न खड़े कर दिए हैं।
