ऐसे छोटे मोटे हादसे होते रहते हैं... जो उखाड़ना है उखाड़ लो: बिना सुरक्षा उपकरण काम कर रहे ऑपरेटर की करंट से मौत, अफसरों का ग्रामीणों से विवाद; सदमे में मृतक के भाई को हार्ट अटैक
बिलासपुर। सकरी डिवीजन के कुरेली सब स्टेशन में जरूरी सुरक्षा उपकरणों के अभाव में काम कर रहे ऑपरेटर अमन साहू की करंट लगने से जान चली गई। हादसे के अगले दिन दोपहर में जब बिजली विभाग के अफसर घटनास्थल पर पहुंचे, तो ग्रामीणों ने देरी से आने का कारण पूछा। इस पर कार्यपालन यंत्री (ईई) मिलिंद पांडेय भड़क गए और बोले- "जिले का अधिकारी हूँ, मेरे पास बहुत काम है। ऐसे छोटे-छोटे हादसे होते रहते हैं।" अधिकारी की इस बेरुखी और उसके बाद हुए हंगामे के बीच सदमे में आकर मृतक के छोटे भाई को हार्ट अटैक आ गया। अब ग्रामीणों ने ठेकेदार और अफसरों पर केस दर्ज करने की मांग को लेकर मोर्चा खोल दिया है।
बिना ग्लव्स और गमबूट के काम, लिखित में कबूली लापरवाही की बात
कुरेली और ढनढन गांव के लोगों के मुताबिक, 31 अक्टूबर की रात अमन साहू ड्यूटी पर था। सब स्टेशन में काम करने वाले ऑपरेटरों के लिए न तो दस्ताने थे, न गमबूट, टॉर्च या सीढ़ी जैसे बुनियादी कुचालक सुरक्षा उपकरण मौजूद थे। बिजली के करंट की चपेट में आने से अमन की मौत हो गई। घटना के बाद विभागीय अधिकारी ने लिखित में एक पत्र लिखकर यह माना है कि अधिकारी और ठेकेदार प्रशांत चटर्जी सब स्टेशन में जरूरत के हिसाब से सुरक्षा उपकरण मुहैया नहीं कराते हैं।
अमन अपने पीछे पत्नी भारती साहू और दो बच्चों को बेसहारा छोड़ गया है।
रात में मौत, दोपहर 1 बजे पहुंचे अफसर; कहा- जाहिल-गंवारों को परेशान करो
हादसा रात में ही हो गया था, लेकिन ईई मिलिंद पांडेय, एई लव माथुर, कनिष्ठ यंत्री दीप्ति जायसवाल और तकनीकी सहायक चेतनानंद दुबे अगले दिन दोपहर 1 बजे पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों के साथ घटना स्थल पर पहुंचे। परिजनों और ग्रामीणों ने जब सवाल किया कि आने में इतनी देरी क्यों हुई , तो ईई पांडेय भड़क गए और ग्रामीणों को उल्टा सीधा बोलने लगे जब ग्रामीणों ने उनके इस बात पर एतराज जताया, तो उन्होंने अपने मातहतों को निर्देश देते हुए कहा- इन जाहिल-गंवार लोगों को ठीक करना है, इनके बिजली कनेक्शन की जांच करो, ये ज्यादा नेतागिरी दिखा रहे हैं।
अफसर की धमकी- जेल भिजवा दूंगा
छोटे भाई को आया कार्डियक अरेस्ट
जब परिजनों ने आरोप लगाया है कि बिना सुरक्षा उपकरणों के काम लेने के कारण ईई सहित सभी अफसर और ठेकेदार इस अमन की मौत के दोषी हैं, तो पांडेय ने गालियां देते हुए कहा- जो उखाड़ना है उखाड़ लो, मेरा कुछ नहीं कर पाओगे। अधिकारी हूं, जेल भिजवा दूंगा।
अधिकारी के ऐसे शब्दों को सुनकर वहां का माहौल पूरी तरह गरम हो गया। जिसके बाद गुस्साए लोगों ने मृतक का शव उठने नहीं दिया, जिससे वहां विवाद और झड़प की स्थिति बन गई। और गहमागहमी के बीच अमन का छोटा भाई नवीन साहू बेसुध होकर जमीन पर गिर पड़ा। उसे तुरंत सकरी के न्यू वंदना अस्पताल ले जाया गया। वहां डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे कार्डियक अरेस्ट (हार्ट अटैक) आने की पुष्टि की और इलाज शुरू किया।
उल्टे ग्रामीणों पर ही करा दिया अपराध दर्ज
अपनी लापरवाही से एक युवक की जान जाने के बाद बिजली विभाग के अफसरों ने अपनी गलती मानने के बजाय उल्टे स्थानीय ग्रामीणों के खिलाफ ही पुलिस में अपराध दर्ज करा दिया। अब कुरेली और ढनढन के ग्रामीणों ने तखतपुर विधायक डॉ. धर्मजीत सिंह, भाजपा नेता संतोष कौशिक, घनश्याम कौशिक के नेतृत्व में बिलासपुर रेंज के आईजी, कलेक्टर और हिर्री थाना प्रभारी को ज्ञापन सौंपा है।
पिछले दो माह में 13 हादसे।
तखतपुर क्षेत्र में अमन साहू की मौत विद्युत विभाग की लापरवाही का पहला मामला नहीं है मिली जानकारी के अनुसार तखतपुर क्षेत्र में पिछले दो माह में 13 ऐसे गंभीर हादसे हुए हैं जिसमें लोगों की जान गई है।
ग्रामीणों की मांगें....
- मृतक अमन साहू के परिजनों को तुरंत 25 लाख रुपए की आर्थिक सहायता दी जाए।
- परिवार के एक आश्रित सदस्य को सरकारी नौकरी मिले।
- ईई मिलिंद पांडेय, एई लव माथुर, कनिष्ठ यंत्री दीप्ति जायसवाल, तकनीकी सहायक चेतनानंद दुबे और ठेकेदार प्रशांत चटर्जी पर गैर इरादतन हत्या का मामला दर्ज किया जाए।
- मृतक के छोटे भाई के मामले में भी हत्या के प्रयास का केस दर्ज हो।
- संबंधितों के खिलाफ कार्रवाई नहीं हुई तो ग्रामीण उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।
