जांजगीर-चांपा में दोहरे हत्याकांड का बड़ा फैसला: शराब में कीटनाशक मिलाकर पिलाने वाले आरोपी को दो बार उम्रकैद
जांजगीर-चांपा। छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा जिले में शराब के नाम पर मौत बांटने वाले आरोपी को आखिरकार अदालत ने कड़ी सजा सुनाई है। शराब में कीटनाशक मिलाकर दो लोगों की जान लेने के सनसनीखेज मामले में प्रधान सत्र न्यायाधीश जयदीप गर्ग की अदालत ने आरोपी रामगोपाल खुंटे को दोषी करार देते हुए दो बार आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही अदालत ने आरोपी पर कुल 20 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। जुर्माना नहीं भरने की स्थिति में उसे 6-6 महीने का अतिरिक्त सश्रम कारावास भुगतना होगा। इस फैसले को दोहरे हत्याकांड के मामले में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
शराब में मिलाया था जानलेवा कीटनाशक
पूरा मामला जांजगीर-चांपा जिले के नवागढ़ थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम भठली का है। अभियोजन पक्ष के मुताबिक आरोपी रामगोपाल खुंटे शराब बेचने का काम करता था। उसके घर से लगभग 100 मीटर की दूरी पर सुंदरलाल कुर्रे का मकान था। सुंदरलाल के घर पर लोगों का आना-जाना लगा रहता था। इस बात को लेकर आरोपी उससे नाराज रहता था। इसी विवाद के चलते दोनों के बीच पहले भी कहासुनी हो चुकी थी।
अभियोजन के अनुसार, 6 मार्च 2025 की शाम करीब 7 बजे आरोपी ने इस नाराजगी के चलते खौफनाक वारदात को अंजाम दिया। उसने देशी शराब की 180 एमएल की शीशी में कीटनाशक मिला दिया और उसे लेकर सुंदरलाल कुर्रे के घर पहुंच गया।
बताया गया कि जब आरोपी ने सुंदरलाल को शराब पीने के लिए दी तो उसने मना कर दिया। इसके बाद आरोपी ने घर की परछी में बैठे सीताराम लहरे और रोहित कुमार तेंदुलकर को वही शराब पीने के लिए दे दी। दोनों को इस बात का अंदाजा भी नहीं था कि जिस शराब को वे पी रहे हैं, उसमें जानलेवा जहर मिला हुआ है।
शराब पीते ही बिगड़ी दोनों की तबीयत
शराब पीने के कुछ ही समय बाद सीताराम लहरे और रोहित कुमार तेंदुलकर की तबीयत अचानक बिगड़ने लगी। उनकी हालत गंभीर होने पर परिजनों और आसपास के लोगों ने उन्हें अस्पताल पहुंचाया, लेकिन वहां डॉक्टरों ने दोनों को मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद गांव में हड़कंप मच गया। दो लोगों की अचानक मौत से मामला संदिग्ध हो गया और पुलिस ने जांच शुरू की।
फॉरेंसिक रिपोर्ट ने खोला मौत का राज
पुलिस ने मामले की गंभीरता से जांच करते हुए आरोपी के घर की तलाशी ली। इस दौरान वहां से अलग-अलग प्रकार की कीटनाशक दवाइयों के डिब्बे बरामद किए गए। इसके बाद मृतकों के विसरा को जांच के लिए न्यायिक विज्ञान प्रयोगशाला (FSL), बिलासपुर भेजा गया।
फॉरेंसिक जांच रिपोर्ट में मृतकों के विसरा में कार्बामेट समूह का कीटनाशक फेनोबुकार्ब पाया गया। इसके अलावा इथाइल और मिथाइल अल्कोहल की भी पुष्टि हुई। इस वैज्ञानिक जांच ने शराब में कीटनाशक मिलाए जाने की अभियोजन की कहानी को महत्वपूर्ण आधार दिया।
प्रत्यक्षदर्शी नहीं, फिर भी 19 गवाहों से साबित हुआ अपराध
इस मामले की सुनवाई के दौरान एक महत्वपूर्ण बात यह रही कि घटना का कोई प्रत्यक्षदर्शी मौजूद नहीं था। इसके बावजूद अभियोजन पक्ष ने अदालत में कुल 19 गवाहों के बयान दर्ज कराए। गवाहों के बयानों, पुलिस द्वारा जब्त की गई सामग्री, घटनाक्रम से जुड़े परिस्थितिजन्य साक्ष्यों और फॉरेंसिक रिपोर्ट को अदालत के सामने प्रस्तुत किया गया।
सभी साक्ष्यों और परिस्थितियों का परीक्षण करने के बाद अदालत ने आरोपी के खिलाफ अपराध प्रमाणित माना। इसके बाद प्रधान सत्र न्यायाधीश जयदीप गर्ग ने आरोपी रामगोपाल खुंटे (34 वर्ष), निवासी ग्राम भठली, थाना नवागढ़, जिला जांजगीर-चांपा को भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 103(1) के तहत दोहरे हत्याकांड का दोषी ठहराया।
अदालत ने आरोपी को दो बार आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही 20 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। जुर्माना अदा नहीं करने पर 6-6 महीने का अतिरिक्त सश्रम कारावास भुगतना होगा।
इस फैसले के बाद गांव में हुई दो मौतों के मामले में न्यायिक प्रक्रिया का महत्वपूर्ण पड़ाव पूरा हुआ है। शराब में कीटनाशक मिलाकर दो लोगों की जान लेने वाले आरोपी को अदालत ने सख्त सजा सुनाई है।
