बिलासपुर में श्मशान घाट पर तंत्र-मंत्र के शक में युवक की बेरहमी से पिटाई, तीन आरोपियों पर पुलिस ने की कार्रवाई
बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में श्मशान घाट पर तंत्र-मंत्र किए जाने के संदेह में एक युवक के साथ मारपीट का मामला सामने आया है। कोनी थाना क्षेत्र के देवनगर स्थित श्मशान घाट में हुई इस घटना में युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और घायल युवक को उपचार के लिए सिम्स अस्पताल में भर्ती कराया। मामले में पुलिस ने तीन युवकों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत कार्रवाई की है।
श्मशान घाट में युवक की गतिविधियां लगीं संदिग्ध
मिली जानकारी के अनुसार, देवनगर स्थित श्मशान घाट में एक युवक मौजूद था। इसी दौरान वहां पहुंचे कुछ लोगों की नजर युवक पर पड़ी। उन्हें युवक की गतिविधियां संदिग्ध लगीं। लोगों को आशंका हुई कि युवक श्मशान घाट में तंत्र-मंत्र से जुड़ी गतिविधियां कर रहा है। इसी संदेह के चलते कुछ लोगों ने युवक को घेर लिया और उससे पूछताछ करने लगे।
बताया जा रहा है कि बातचीत के दौरान विवाद बढ़ गया और देखते ही देखते कुछ लोगों ने युवक के साथ मारपीट शुरू कर दी। अचानक हुए हमले में युवक को गंभीर चोटें आईं। मारपीट के कारण वह घायल हो गया और उसे तत्काल इलाज की जरूरत पड़ी। हालांकि, युवक वास्तव में वहां क्या कर रहा था और तंत्र-मंत्र किए जाने की आशंका में कितनी सच्चाई है, इसकी पुष्टि अभी नहीं हुई है।
तीन युवकों की संलिप्तता आई सामने
घटना के बाद मामले में तीन युवकों की संलिप्तता सामने आई है। इनमें उमेश सिंह ठाकुर, राजा यादव और नितेश यादव के नाम शामिल हैं। कोनी थाना पुलिस ने तीनों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए भारतीय न्याय संहिता की धारा 296, 115(2), 351(3) और 3(5) के तहत मामला दर्ज किया है।
पुलिस की कार्रवाई के बाद मामले की जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि आखिर युवक श्मशान घाट में किस उद्देश्य से मौजूद था और किन परिस्थितियों में उसके साथ मारपीट की घटना हुई। इसके साथ ही घटना में शामिल लोगों की भूमिका और विवाद की वास्तविक वजह की भी जांच की जा रही है।
सिम्स अस्पताल में घायल युवक का इलाज जारी
मारपीट में घायल युवक को पुलिस ने उपचार के लिए बिलासपुर के सिम्स अस्पताल में भर्ती कराया है। फिलहाल उसका इलाज जारी है। युवक की चोटों और घटना से जुड़े अन्य पहलुओं की जानकारी भी जुटाई जा रही है।
संदेह के आधार पर मारपीट करना बना जांच का विषय
इस घटना ने एक बार फिर कानून हाथ में लेने की प्रवृत्ति पर सवाल खड़े कर दिए हैं। किसी व्यक्ति की गतिविधियां संदिग्ध लगने या उसके तंत्र-मंत्र करने की आशंका होने पर भी उसके साथ मारपीट करना कानूनन उचित नहीं है। ऐसे मामलों में पुलिस को सूचना देकर जांच कराना जरूरी है।
फिलहाल कोनी थाना पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। जांच में सामने आने वाले तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि घटना के पीछे केवल संदेह था या कोई अन्य विवाद भी इसकी वजह बना।
