9 लाख का पौधरोपण घोटाला: 22.5 हेक्टेयर में 22,500 पौधे लगाने का दावा, 3 महीने में ही सूख गए; कैंपा मद के भारी खर्च पर उठे सवाल

9 लाख का पौधरोपण घोटाला: 22.5 हेक्टेयर में 22,500 पौधे लगाने का दावा, 3 महीने में ही सूख गए; कैंपा मद के भारी खर्च पर उठे सवाल

व्यवस्था पर सवाल: पीपरछेड़ी जलाशय व्यपवर्तन की क्षतिपूर्ति के नाम पर गुरजीभाठा में कागजी हरियाली

रायपुर। देवभोग के मैनपुर विकासखंड अंतर्गत वन विभाग द्वारा पीपरछेड़ी जलाशय व्यपवर्तन की क्षतिपूर्ति के नाम पर बड़े फर्जीवाड़े का संदेह है। माहुलकोट बीट के गुरजीभाठा ऑरेंज एरिया में कैंपा मद से करीब 9 लाख रुपए खर्च कर 22.5 हेक्टेयर जमीन पर 22,500 पौधे लगाने का बड़ा दावा किया गया था। लेकिन पौधरोपण के महज तीन महीने के भीतर ही अधिकांश पौधे सूखने लगे हैं। सरकारी रिकॉर्ड में 9 लाख रुपए की राशि खर्च होना दिखाया गया है, लेकिन जमीनी स्तर पर पौधों के संरक्षण और सिंचाई की कोई व्यवस्था नहीं की गई है, जिससे पूरी कार्यप्रणाली और खर्च किए गए फंड पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।

वन विभाग के दस्तावेजों के अनुसार, पीपरछेड़ी जलाशय निर्माण के दौरान हुए पर्यावरणीय नुकसान की भरपाई के लिए यह क्षतिपूर्ति पौधरोपण किया गया था। योजना का मुख्य उद्देश्य हरियाली बढ़ाना और पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखना था। इसके तहत माहुलकोट बीट के गुरजीभाठा क्षेत्र के 22.5 हेक्टेयर इलाके को चुना गया। विभागीय दावों के अनुसार, इस पूरे क्षेत्र में मिश्रित प्रजातियों के 22 हजार 500 पौधे लगाए गए हैं। इस पूरी प्रक्रिया में कैंपा (CAMPA) मद से लगभग 9 लाख रुपए खर्च किए गए। लेकिन मौके पर स्थिति वन विभाग के दावों के ठीक उलट है। जिन पौधों को 3 महीने पहले लगाया गया था, वे अब उचित देखभाल और पानी के अभाव में सूखकर नष्ट हो रहे हैं।

Read More सेंधमारी कर शराब दुकान में घुसे चोर, ब्रांडेड शराब की बोतलों समेत नकदी पर किया हाथ साफ, पुलिस ने दर्ज किया केस

असिंचित क्षेत्र में बिना पानी की व्यवस्था के खर्च कर दिए 9 लाख

Read More विवादित कारोबारी दीपक टंडन के 'होटल वेलकम श्री' पर निगम का डंडा, लाखों के टैक्स बकाए पर हुई सिलिंग की कार्रवाई 

इस पूरे मामले में बड़ी विभागीय लापरवाही सामने आई है जिस गुरजीभाठा क्षेत्र में 22,500 पौधे लगाए गए, वह पूरी तरह से असिंचित है। 9 लाख रुपए की भारी-भरकम राशि खर्च करने के बावजूद पौधों को जीवित रखने के लिए सिंचाई का कोई बुनियादी ढांचा या नियमित पानी की व्यवस्था नहीं की गई। नियमानुसार, किसी भी पौधरोपण अभियान में शुरुआती दौर में पौधों के जीवित रहने के लिए नियमित सिंचाई और सुरक्षा (फेंसिंग) सबसे जरूरी होती है। लेकिन ऐसा प्रतीत होता है कि अधिकारियों ने केवल गड्ढे खोदकर और पौधे गाड़कर रस्म अदायगी कर दी है। नियमित सिंचाई के अभाव में कैंपा मद से खर्च की गई 9 लाख की राशि के दुरुपयोग का आरोप लग रहा है।

22.5 हेक्टेयर के दावे पर संदेह, भौतिक सत्यापन की जरूरत

वन विभाग ने कागजों में साढ़े 22 हेक्टेयर क्षेत्र में पौधरोपण का आंकड़ा दर्ज कर लिया है, लेकिन स्थानीय स्तर पर जीवित पौधों का प्रतिशत बेहद कम नजर आ रहा है। यदि मौके पर लगाए गए पौधों की वास्तविक संख्या और विभागीय रिकॉर्ड में दर्ज 22,500 के आंकड़े का मिलान किया जाए, तो भारी अंतर सामने आ सकता है। नियमित निगरानी के अभाव में 9 लाख रुपए की राशि का अपेक्षित लाभ पर्यावरण को नहीं मिल रहा है।

 एसडीओ का  तर्क 

पौधों के सूखने और सिंचाई व्यवस्था की कमी पर जब वन विभाग के एसडीओ राजेंद्र सोरी का बयान सामने आया, तो उनका तर्क था- "गुरजीभाठा क्षेत्र की मिट्टी की अच्छी है। गर्मी के दिनों में पौधों को बचाने के लिए सिंचाई की व्यवस्था की जाएगी।" हालांकि, यह बयान सवालों के घेरे में है क्योंकि पौधे शुरुआती 3 महीने में ही सूखने लगे हैं, जबकि गर्मी का मौसम अभी दूर है।

कैंपा मद के भुगतान दस्तावेजों पर सवाल 

जांच का एक मुख्य बिंदु यह भी है कि 9 लाख रुपये का भुगतान किस आधार पर किया गया। 22,500 पौधों की खरीदी, गड्ढे की खुदाई और मजदूरी के नाम पर बने मस्टर रोल (दस्तावेज) सवालों के घेरे में हैं। अगर बिना सिंचाई व्यवस्था के बिल पास किए गए हैं, तो इसमें शामिल अधिकारियों और एजेंसियों की भूमिका संदिग्ध है।

करीब 9 लाख रुपये की लागत से हुए इस पौधरोपण में यदि शुरुआती दौर में ही पौधे सूखने लगे हैं, तो यह सीधे तौर पर सरकारी राशि की बर्बादी है। सूत्रों के अनुसार, आने वाले दिनों में इस मामले को लेकर उच्चाधिकारियों से शिकायत की तैयारी है, जिसके बाद गुरजीभाठा में लगाए गए पौधों की गिनती और खर्च हुए 9 लाख रुपयों के दस्तावेजों की विभागीय जांच शुरू हो सकती है।

Tags:

Latest News

9 लाख का पौधरोपण घोटाला: 22.5 हेक्टेयर में 22,500 पौधे लगाने का दावा, 3 महीने में ही सूख गए; कैंपा मद के भारी खर्च पर उठे सवाल 9 लाख का पौधरोपण घोटाला: 22.5 हेक्टेयर में 22,500 पौधे लगाने का दावा, 3 महीने में ही सूख गए; कैंपा मद के भारी खर्च पर उठे सवाल
कोटा के जल संसाधन विभाग,निर्माण के नाम पर भारी गड़बड़ी: फाइलों से गायब हुआ 'काजवे' शब्द; कूटरचना पर पर्दा डालकर आरोपी को दिया संरक्षण....
छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में शासकीय पैरवी के लिए नए विधि अधिकारियों और पैनल लॉयर्स की नियुक्ति, देखे लिस्ट 
एक साल में करीब 47 अपचारी बालक फरार, अब दीवारों पर कंटीले तारों की घेराबंदी, खिड़की, दरवाजे और रोशनदान भी किए जा रहे मजबूत
दीपावली पर नहीं चलेगी बाजारों में मनमानी, सड़क पर टेंट-सामान लगाया तो बढ़ेगी मुश्किलें  
शिक्षिका से छेड़खानी में दोषी शिक्षक बर्खास्त, कोर्ट की सजा के बाद विभाग ने की कार्रवाई
छत्तीसगढ़ में वन विभाग में बड़ा फेरबदल, 102 वनक्षेत्रपालों के तबादले
निर्माण कार्यों में तेजी लाने PWD ने किए 91 उप अभियंताओं के तबादले
शिक्षकों के डेटा पर किसकी नजर? साइबर ठगों के निशाने पर पूरा शिक्षक वर्ग
बिलासा एयरपोर्ट पर खड़ा रहेगा अलायंस एयर का विमान, दिल्ली से आएगी इंजीनियरों की टीम
धान बेचने जा रहे किसानों के लिए जरूरी खबर, अब OTP से नहीं होगा सत्यापन
पिकअप के गुप्त चेंबर में छिपे थे 4 करोड़ रुपये, आधी रात पुलिस की कार्रवाई से मचा हड़कंप