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अमित बघेल को सुप्रीम कोर्ट से झटका, FIR रद्द कराने की याचिका खारिज
रायपुर। जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी (JCP) के फरार प्रदेश अध्यक्ष अमित बघेल को सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका लगा है। सनातन धर्म के आस्था प्रतीकों के खिलाफ कथित तौर पर घृणित बयान देने के मामले में उनके खिलाफ दर्ज FIR को रद्द कराने की याचिका को देश की सर्वोच्च अदालत ने खारिज कर दिया है।
सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले की सुनवाई के दौरान बघेल को कड़ी फटकार लगाते हुए कहा, "आपको अपनी जुबान पर लगाम रखना चाहिए था, कोई राहत नहीं दी जा सकती।" बघेल ने धारा 32 के तहत यह याचिका दायर की थी, जिसे सुप्रीम कोर्ट ने सख्त टिप्पणी के साथ खारिज कर दिया।
अमित बघेल पर आरोप है कि उन्होंने झूलेलाल जी, अग्रसेन महाराज, और दीन दयाल उपाध्याय जैसे पूज्यनीय हस्तियों के खिलाफ आपत्तिजनक बयान दिए थे। इस मामले में रायपुर के देवेंद्र नगर और कोतवाली थानों में FIR दर्ज है। बयानबाजी के बाद से ही बघेल कई महीनों से फरार हैं और पुलिस उनकी तलाश में जुटी है।
सुप्रीम कोर्ट में बघेल की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता सिद्धार्थ दवे और अभिनव गर्ग ने पैरवी की, जबकि राज्य का पक्ष उप महाधिवक्ता रवि शर्मा ने रखा। सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले के बाद, रायपुर पुलिस अब फरार आरोपी की गिरफ्तारी के लिए तेज़ी से दबिश देने की तैयारी में जुट गई है
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मणिशंकर पांडेय National Jagat Vision के संस्थापक, मालिक एवं मुख्य संपादक हैं। वे निष्पक्ष, सटीक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता के लिए प्रतिबद्ध हैं। उनका उद्देश्य देश-दुनिया की सच्ची और विश्वसनीय खबरें पाठकों तक पहुँचाना है।
