शराब घोटाले का 'ओवरटाइम' चैप्टर: 3000 गरीब कर्मचारियों के पसीने की कमाई डकार गया सिंडिकेट, 115 करोड़ का एक और बड़ा गबन

शराब घोटाले का 'ओवरटाइम' चैप्टर: 3000 गरीब कर्मचारियों के पसीने की कमाई डकार गया सिंडिकेट, 115 करोड़ का एक और बड़ा गबन

रायपुर। छत्तीसगढ़ में 3200 करोड़ रुपये के बहुचर्चित शराब घोटाले की आंच अभी ठंडी भी नहीं हुई थी कि भ्रष्टाचार की भट्टी से एक और चौंकाने वाला मामला उबलकर बाहर आ गया है। इस बार सिंडिकेट के निशाने पर शासन का खजाना तो था ही, साथ ही उन 3000 प्लेसमेंट कर्मचारियों की मेहनत भी थी जो शराब दुकानों में दिन-रात खट रहे थे। आबकारी विभाग में 115 करोड़ रुपये के इस नए 'ओवरटाइम घोटाले' ने साफ कर दिया है कि सिस्टम में दीमक किस कदर लगी हुई थी। शासन से पैसा तो निकला, लेकिन कर्मचारियों की जेब में जाने के बजाय वह सीधे अफसरों, नेताओं और सिंडिकेट के गुर्गों की तिजोरी में पहुंच गया।

कैसे बुना गया 115 करोड़ की लूट का जाल?

इस पूरे खेल की शुरुआत छत्तीसगढ़ स्टेट मार्केटिंग कॉर्पोरेशन लिमिटेड (CSMCL) के एक फैसले से हुई। प्रदेशभर की शराब दुकानों के संचालन के लिए मैनपावर सप्लाई का ठेका पांच अलग-अलग कंपनियों को दिया गया। कागजों पर व्यवस्था एकदम पारदर्शी थी। दुकानों में करीब 3000 कर्मचारी तैनात किए गए। इन कर्मचारियों से तय समय से ज्यादा काम लिया गया और फिर कंपनियों ने ओवरटाइम का मोटा बिल बनाकर शासन के पाले में डाल दिया।

शासन ने फाइलों को मंजूरी दी और पिछले तीन सालों के भीतर 115 करोड़ रुपये का भारी-भरकम भुगतान कंपनियों के खातों में कर दिया। लेकिन असली 'खेला' यहीं से शुरू हुआ। शासन से जो पैसा कर्मचारियों के पसीने की कीमत के रूप में आया था, उसे उन तक पहुँचने ही नहीं दिया गया। मैनपावर कंपनियों को सिर्फ एक 'फ्रंट' की तरह इस्तेमाल किया गया और पर्दे के पीछे बैठे सिंडिकेट ने इस पूरी रकम की बंदरबांट कर ली।

Read More 17 करोड़ के सर्पदंश घोटाले में बड़ा प्रश्न: फर्जी पोस्टमार्टम से भुगतान तक किस-किस ने निभाई भूमिका?

ईडी की रेड और 28.8 लाख कैश ने खोले राज

इस अभेद्य माने जाने वाले नेक्सस का भंडाफोड़ तब हुआ जब प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने शराब घोटाले की जड़ों को खोदना शुरू किया। 29 नवंबर 2023 को ईडी ने 'ईगल हंटर सॉल्यूशंस लिमिटेड' (मैनपावर सप्लाई करने वाली पांच कंपनियों में से एक) के वित्तीय प्रबंधन का काम देखने वाले दो कर्मचारियों— अभिषेक सिंह और तिजाऊ राम निर्मलकर के ठिकानों पर दबिश दी।

Read More प्रेम विवाह का विरोध या कानून हाथ में? महिला ने लगाए अपहरण और दुष्कर्म के गंभीर आरोप, 14 दिन तक फरार रहे दो आरोपी गिरफ्तार

इस छापेमारी में दोनों के पास से 28.8 लाख रुपये नकद बरामद हुए। जब जांच एजेंसी ने शिकंजा कसा, तो दोनों टूट गए। उन्होंने जो उगला, उसने आबकारी विभाग के बड़े चेहरों को बेनकाब कर दिया। पूछताछ में कबूल किया गया कि यह नकद रकम आबकारी अधिकारी नवीन प्रताप तोमर तक पहुंचाने के लिए रखी गई थी। यह उस बड़े कमीशन का सिर्फ एक छोटा सा हिस्सा था, जो ऊपर तक बांटा जाना था।

EOW की एंट्री: अब रडार पर कई सफेदपोश

ईडी ने अपनी तफ्तीश और सबूतों का पूरा प्रतिवेदन आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (EOW) को सौंप दिया है। इस इनपुट के आधार पर EOW ने अब एक नया केस दर्ज कर कार्रवाई तेज कर दी है। सोमवार को दोनों आरोपियों (अभिषेक और तिजाऊ) को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया गया।

सूत्रों की मानें तो इस 115 करोड़ के ओवरटाइम खेल की पटकथा भी उसी मास्टरमाइंड सिंडिकेट ने लिखी थी, जिसने 3200 करोड़ के शराब घोटाले को अंजाम दिया था। इस मामले की अहम कड़ियों में शामिल शराब कारोबारी अनवर ढेबर और आबकारी अधिकारी नवीन प्रताप तोमर पहले ही सलाखों के पीछे पहुँच चुके हैं।

क्या है इसका असल मायने?

यह घोटाला सिर्फ आंकड़ों या वित्तीय अनियमितता का मामला नहीं है, बल्कि यह उन हजारों प्लेसमेंट कर्मचारियों के साथ हुआ एक क्रूर धोखा है, जिन्हें मामूली वेतन पर रखा गया था। उन्होंने ओवरटाइम किया, लेकिन उनके हिस्से का निवाला सिंडिकेट के सफेदपोश छीन ले गए। अब ईओडब्ल्यू की रडार पर वे सभी पांच कंपनियां और उनसे जुड़े आबकारी अफसर हैं। आने वाले दिनों में इस 'ओवरटाइम सिंडिकेट' के कुछ और बड़े और चौंकाने वाले चेहरे बेनकाब हो सकते हैं।

Tags:

Latest News

रायपुर में बेखौफ बदमाशों का आतंक! कारोबारी की कार तोड़ी, बीच सड़क की मारपीट और सोने की चेन लूटने का आरोप रायपुर में बेखौफ बदमाशों का आतंक! कारोबारी की कार तोड़ी, बीच सड़क की मारपीट और सोने की चेन लूटने का आरोप
प्रेम विवाह का विरोध या कानून हाथ में? महिला ने लगाए अपहरण और दुष्कर्म के गंभीर आरोप, 14 दिन तक फरार रहे दो आरोपी गिरफ्तार
छत्तीसगढ़ पुलिस विभाग में 129 अफसरों का तबादला: 37 ASP और 92 DSP को मिली नई पोस्टिंग, देखें आदेश
महाराष्ट्र में बढ़ी सख्ती! पुणे के बाद अब मुंबई में भी 15 दिन के लिए BNSS की धारा 163 लागू
त्रिपुरा पुलिस के मुखिया की मौत से हड़कंप! मुख्यालय में गोली लगने के बाद मिला शव, आखिर क्या हुआ अनुराग धनखड़ के साथ?
संसद मार्च के दौरान बढ़ा तनाव: संसद भवन की ओर बढ़े CJP कार्यकर्ता, धर्मेंद्र प्रधान ने अमित शाह से की मुलाकात; जानिए दिनभर के बड़े घटनाक्रम
सर्पदंश नहीं, साजिश से मिली मौत की फाइलें! 17 करोड़ के मुआवजा घोटाले में रोज नए खुलासे, डॉक्टर से लेकर बाबुओं तक की गिरफ्तारी
CG Crime News: जगदलपुर में ATM उखाड़ ले गए बदमाश, नहीं निकाल पाए कैश, सड़क पर छोड़कर फरार, CCTV खंगाल रही पुलिस
17 करोड़ के सर्पदंश घोटाले में बड़ा प्रश्न: फर्जी पोस्टमार्टम से भुगतान तक किस-किस ने निभाई भूमिका?
बारात आई, मंडप सजा... लेकिन दुल्हन नहीं हुई विदा! पुलिस ने ऐन मौके पर रोकी शादी, जाने क्या है मामला
Meerut Murder Case: प्रेमिका से पीछा छुड़ाने की खौफनाक साजिश! ड्रिप में कथित जहर, फिर सल्फास... पुलिस ने खोला पूरा राज
बिहार में फिर मिला कोरोना का मामला: भागलपुर में 65 वर्षीय बुजुर्ग संक्रमित, दो डोज लेने के बावजूद रिपोर्ट पॉजिटिव; स्वास्थ्य विभाग सतर्क