रायपुर में नकली पनीर की बड़ी खेप जब्त 1200 किलो धीमा जहर मिला कैंसर का सीधा खतरा

रायपुर में नकली पनीर की बड़ी खेप जब्त 1200 किलो धीमा जहर मिला कैंसर का सीधा खतरा

रायपुर के लोग सावधान हो जाएं। आप जो पनीर बहुत चाव से खा रहे हैं वह धीमा जहर हो सकता है। रायपुर के भाठागांव में नकली पनीर बनाने वाली एक फैक्ट्री पर   औषधि प्रशासन विभाग ने रविवार को यह बड़ी कार्रवाई की। मौके से 1200 किलो नकली पनीर जब्त किया गया है। यह मामला सिर्फ मिलावट तक सीमित नहीं है। यह सिस्टम की नाकामी और भ्रष्टाचार का भी बहुत बड़ा सबूत है। इसी फैक्ट्री से ठीक तीन महीने पहले भी 1700 किलो नकली पनीर जब्त कर नष्ट किया गया था। इसके बाद भी यह फैक्ट्री बिना किसी डर के धड़ल्ले से चल रही थी। यह पनीर दूध से नहीं बल्कि पाम ऑइल और खतरनाक एसिड जैसी चीजों से बन रहा था। इसे खाने से कैंसर और लिवर खराब होने का सीधा और बड़ा खतरा है।

पाम ऑइल और खतरनाक केमिकल से तैयार हो रहा था जहर

यह फैक्ट्री भाठागांव के केसरी बगीचा इलाके में मौजूद है। इसका पूरा नाम मेसर्स केएलपी डेयरी एंड प्रोडक्ट्स है। रविवार को जब टीम ने अचानक छापा मारा तो अंदर का नजारा देखकर अधिकारी भी हैरान रह गए। वहां असली दूध की जगह पाम ऑइल स्टीम्ड दूध पावडर और एसिटिक एसिड का इस्तेमाल हो रहा था। इन्ही केमिकल से नकली पनीर बनाया जा रहा था। यह सब इंसानी सेहत के लिए बेहद जानलेवा है। इस डेयरी का मुख्य संचालक आदर्श पराशर है। विभाग को रायपुर शहर में नकली पनीर की सप्लाई का पक्का इनपुट मिला था। इसके बाद पूरी तैयारी के साथ कार्रवाई की गई। रविवार का दिन जानबूझकर चुना गया ताकि संचालक और कर्मचारियों को किसी भी छापे का शक न हो।

सिस्टम पर उठे सवाल पुरानी जब्ती के बाद कैसे खुला ताला

इस पूरे मामले में सबसे बड़ा सवाल मौजूदा सिस्टम पर उठ रहा है। जनवरी महीने में भी इसी जगह पर प्रशासन ने छापा मारा था। उस वक्त भी 1700 किलो नकली पनीर मिला था जिसे बाद में नष्ट कर दिया गया था। सबसे बड़ा सवाल यही है कि इतनी बड़ी कार्रवाई के बाद भी फैक्ट्री दोबारा कैसे चालू हो गई। क्या इसमें किसी बड़े अधिकारी की मिलीभगत है। यह एक बहुत बड़ा जांच का विषय बन गया है। मौके पर मौजूद फैक्ट्री के मैनेजर अभिषेक पराशर से जब अधिकारियों ने पूछताछ की तो वह गोलमोल जवाब देता रहा। उसका कहना था कि फैक्ट्री पिछले छह साल से इसी जगह पर चल रही है। हैरानी की बात यह है कि इसका लाइसेंस जुलाई 2025 में ही मिला था।

12 घंटे में 700 किलो नकली पनीर की बड़े पैमाने पर तैयारी

यह नकली पनीर की फैक्ट्री एक बहुत सुनसान इलाके में किराए की जगह पर चलाई जा रही थी। बिल्डिंग के नीचे गोदाम और फैक्ट्री दोनों का संचालन हो रहा था। अंदर बड़ी संख्या में मजदूर काम करते मिले। कुछ मजदूर पनीर बनाने में लगे थे तो कुछ उसकी धड़ाधड़ पैकिंग कर रहे थे। कड़ी पूछताछ में यह बात सामने आई कि ये सभी मजदूर मध्यप्रदेश के भिंड और मुरैना जिले के रहने वाले हैं। उनके रहने की व्यवस्था भी फैक्ट्री के ऊपर बने कमरों में की गई थी। यहां हर 12 घंटे के भीतर 700 किलो तक नकली पनीर तैयार किया जा रहा था। यही जानलेवा नकली पनीर रायपुर के अलग अलग बाजारों होटलों और आपके घरों तक आसानी से पहुंच रहा था।

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 4 साल में लिवर खराब कैंसर का भी सीधा खतरा

यह नकली पनीर आपकी और आपके परिवार की सेहत के लिए कितना बड़ा खतरा है यह जानना बहुत जरूरी है। शहर के जाने माने गैस्ट्रोएंट्रोलॉजिस्ट डॉ कुलदीप सोलंकी का कहना है कि यह पनीर बहुत ज्यादा खतरनाक है। इसे खाने से शरीर में तुरंत अपच और दस्त की शिकायत शुरू हो जाती है। थोड़े समय बाद यह कोलेस्ट्रॉल और दिल की गंभीर बीमारियों का कारण बन जाता है। अगर आप लगातार इस नकली पनीर का सेवन कर रहे हैं तो आपका लिवर पूरी तरह डैमेज हो जाएगा। डॉ सोलंकी के मुताबिक सामान्य तौर पर लिवर सिरोसिस जैसी गंभीर बीमारी होने में 25 से 30 साल लग जाते हैं। लेकिन यह मिलावटी पनीर खाने से सिर्फ 4 साल में ही लिवर सिरोसिस हो सकता है। इसके अलावा पेट का कैंसर पेंक्रियाज का कैंसर और बड़ी आंत का कैंसर होने का भी सीधा खतरा बना रहता है। लोग अनजाने में अपने बच्चों को यह जहर खिला रहे हैं।

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 अधिकारियों ने कही लाइसेंस रद्द कर कड़ी कार्रवाई की बात

खाद्य और औषधि प्रशासन के सहायक आयुक्त डोमेंद्र ध्रुव ने पूरे मामले पर जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इस बार बहुत कड़ी कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने खुद माना कि पुरानी कार्रवाई के बाद भी फैक्ट्री का दोबारा चलना जांच का विषय है। इस बार फैक्ट्री का लाइसेंस पूरी तरह रद्द किया जा रहा है। उन्होंने रायपुर के किसी भी स्थानीय अधिकारी की मिलीभगत से साफ इनकार किया। उनका कहना है कि यह कार्रवाई राज्य स्तर पर गठित विशेष टीम ने की है। अधिकारियों ने बताया कि एसजे डेयरी नाम की एक अन्य जगह पर भी जल्द कार्रवाई की जाएगी। 

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