मैरिज ब्यूरो से हुई शादी बनी मुसीबत! 12 दिन बाद दुल्हन फरार, 4 लाख की ठगी का आरोप
कुरुक्षेत्र। हरियाणा के कुरुक्षेत्र जिले से कथित वैवाहिक धोखाधड़ी का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। एक युवक ने आरोप लगाया है कि शादी के महज 12 दिन बाद उसकी पत्नी घर से लाखों रुपये का सामान लेकर फरार हो गई। पीड़ित का दावा है कि महिला पहले से शादीशुदा थी और इस तथ्य को छिपाने के लिए आधार कार्ड में पति की जगह पिता का नाम दर्ज कराकर दस्तावेजों में कथित हेरफेर किया गया। शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि पूरे मामले में करनाल स्थित एक मैरिज ब्यूरो और युवक की एक रिश्तेदार की भी मिलीभगत थी। युवक का कहना है कि शादी के नाम पर उससे करीब चार लाख रुपये भी वसूले गए। अदालत के निर्देश के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
मैरिज ब्यूरो के जरिए तय हुआ रिश्ता
पीड़ित, कुरुक्षेत्र के इस्माइलाबाद क्षेत्र के एक गांव का रहने वाला है। उसने अदालत को बताया कि उसकी एक रिश्तेदार ने शादी कराने का भरोसा दिलाया था। आरोप है कि पहले 3,100 रुपये पंजीकरण शुल्क लिया गया और फिर बताया गया कि संस्था कई सफल विवाह करा चुकी है। इसके बाद युवती दिखाने, शादी तय कराने और अन्य खर्चों के नाम पर लगातार पैसों की मांग की जाने लगी।
किस्तों में वसूले गए लाखों रुपये
शिकायत के अनुसार, 15 मई को आरोपी पक्ष युवक के घर पहुंचा और विवाह की तारीख तय की गई। इसके बाद दस्तावेज, रस्मों और अन्य खर्चों का हवाला देकर अलग-अलग किस्तों में 3,900 रुपये, 40 हजार रुपये, 20 हजार रुपये, 50 हजार रुपये, 33 हजार रुपये सहित कई भुगतान कराए गए। पीड़ित का आरोप है कि कुल मिलाकर उससे करीब चार लाख रुपये वसूले गए।
शादी के कुछ दिन बाद ही गायब हुई दुल्हन
योजना के अनुसार 28 मई को दोनों का विवाह संपन्न हुआ। कुछ दिन बाद महिला मायके जाने की बात कहकर चली गई और 5 जून को वापस ससुराल लौट आई। लेकिन 9 जून को वह अचानक घर से चली गई और वापस नहीं लौटी। पीड़ित का आरोप है कि महिला अपने साथ नकदी, जेवर और अन्य घरेलू सामान भी ले गई। बाद में जानकारी जुटाने पर उसे पता चला कि महिला की पहले से शादी हो चुकी थी। उसका आरोप है कि इस तथ्य को छिपाने के लिए आधार कार्ड में कथित रूप से हेरफेर किया गया था।
पैसे मांगने पर मिली धमकी
पीड़ित का कहना है कि जब वह अपने परिजनों और ग्रामीणों के साथ करनाल स्थित मैरिज ब्यूरो पहुंचा और पैसे वापस मांगे, तो आरोपियों ने रकम लौटाने से इनकार कर दिया। शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि उन्हें गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी गई।
कोर्ट के आदेश पर दर्ज हुई FIR
पीड़ित ने पहले पुलिस अधिकारियों से शिकायत की, लेकिन कार्रवाई नहीं होने पर उसने पिहोवा अदालत का रुख किया। अदालत ने उपलब्ध दस्तावेजों और पुलिस की रिपोर्ट पर विचार करते हुए इसे संज्ञेय अपराध माना और ललिता कुमारी बनाम उत्तर प्रदेश सरकार मामले में सुप्रीम कोर्ट के फैसले का हवाला देते हुए एफआईआर दर्ज करने का निर्देश दिया। इसके बाद इस्माइलाबाद थाना पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी, जालसाजी, अमानत में खयानत, जबरन वसूली, आपराधिक साजिश और धमकी सहित विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि मामले के सभी आरोपों की जांच की जा रही है। जांच के निष्कर्षों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
