जल संसाधन विभाग में मचा घमासान, संविदा नियुक्ति और वित्तीय अफसरों की कमी से कामकाज ठप
रायपुर: छत्तीसगढ़ के जल संसाधन विभाग में इन दिनों जबरदस्त अंदरूनी खींचतान चल रही है। प्रमुख अभियंता पद पर संविदा नियुक्ति के बाद से ही विभाग में असमंजस की स्थिति बनी हुई है। वहीं अहम वित्तीय अधिकारी की गैरमौजूदगी से कामकाज पर ब्रेक लगने का डर सता रहा है। इस खींचतान से विभाग के वरिष्ठ अधिकारी भी नाराज बताए जा रहे हैं। उनका मानना है कि इसका सीधा असर विभागीय कामकाज पर पड़ेगा। प्रभारी प्रमुख अभियंता को लेकर भी तस्वीर अभी साफ नहीं है।
दरअसल विभाग के कई अहम पदों पर संविदा पर अधिकारी बैठे हैं। प्रमुख अभियंता की संविदा नियुक्ति के बाद से ही वित्तीय अधिकारी को लेकर कोई स्पष्टता नहीं है। इस मामले में नियमित वरिष्ठ अफसरों में भी उहापोह की स्थिति बनी हुई है। राज्य शासन ने वित्तीय फैसले लेने के संबंध में कोई स्पष्ट आदेश जारी नहीं किया है। इस बात को लेकर वरिष्ठ अधिकारियों में काफी नाराजगी है और विभाग में जमकर चर्चा हो रही है। जानकारी के अनुसार इंजी इन चीफ की नियुक्ति से पहले प्रभारी प्रमुख अभियंता के तौर पर वरिष्ठतम अंचल अधिकारी डीके भुणेकर को नियुक्त किया गया था। अब विभाग में यह असमंजस है कि प्रमुख अभियंता की कुर्सी पर कौन बैठेगा।
अहम पदों पर संविदा अधिकारी
जल संसाधन विभाग में प्रमुख अभियंता के अलावा कई अन्य शीर्ष पदों पर भी संविदा अधिकारी तैनात हैं। इनमें प्रशासना सलाहकार और सोई बिल्डिंग जैसे पदों पर भी अधिकारी संविदा पर नियुक्त हैं। चौंकाने वाली बात यह है कि डैम सेफ्टी सेल को भी संविदा अधिकारी के हवाले कर दिया गया है। इसके अलावा प्राक्कलिन समिति में भी करीब चार से पांच अधिकारी संविदा पर काम कर रहे हैं।
विभागीय अफसरों का कहना है कि अधीनस्थ और वित्तीय अधिकारी स्पष्ट नहीं होने से मैदानी कामकाज प्रभावित होगा। उनका यह भी मानना है कि संविदा पर नियुक्त इंजीनियर किसी भी स्थिति में वित्तीय फैसले नहीं ले सकते। इससे विभागीय फैसलों में कई तकनीकी अड़चनें आने की आशंका है।
