अशोकधाम में आस्था के बीच मातम! सावन सोमवार पर भगदड़ से 7 श्रद्धालुओं की मौत, 14 घायल; अचानक बढ़ी भीड़ बनी मुसीबत

अशोकधाम में आस्था के बीच मातम! सावन सोमवार पर भगदड़ से 7 श्रद्धालुओं की मौत, 14 घायल; अचानक बढ़ी भीड़ बनी मुसीबत

लखीसराय। सावन के पावन सोमवार पर बिहार के लखीसराय से बेहद दर्दनाक खबर सामने आई है। अशोकधाम मंदिर के पास भारी भीड़ के बीच भगदड़ जैसी स्थिति बन गई, जिसमें कम से कम 7 श्रद्धालुओं की मौत हो गई। हादसे में कई अन्य लोग घायल हुए हैं। प्रशासन के मुताबिक घायलों की संख्या करीब 14 बताई जा रही है। घटना के बाद मंदिर परिसर और आसपास के इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया है।

सावन सोमवार पर उमड़ा था आस्था का सैलाब
सोमवार को सावन का तीसरा सोमवार होने के साथ नाग पंचमी भी थी। इसी वजह से सुबह से ही अशोकधाम में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ जुटने लगी थी। बड़ी संख्या में लोग भगवान शिव का जलाभिषेक करने के लिए मंदिर की ओर पहुंच रहे थे। इसी दौरान मंदिर के आसपास श्रद्धालुओं की संख्या अचानक बढ़ गई और भीड़ का दबाव बढ़ने लगा। शुरुआती जानकारी के अनुसार, अशोकधाम हॉल्ट रेलवे स्टेशन के आसपास भी बड़ी संख्या में लोग मौजूद थे। दो ट्रेनों के आने से भी भीड़ अचानक बढ़ने की बात प्रशासनिक स्तर पर सामने आई है।

बैरिकेडिंग टूटी और बिगड़ गए हालात
प्रत्यक्षदर्शियों और शुरुआती रिपोर्टों के मुताबिक, भीड़ के दबाव के बीच बैरिकेडिंग का एक हिस्सा टूट गया। इसके बाद लोग एक-दूसरे पर गिरने लगे और कुछ ही देर में भगदड़ जैसी स्थिति पैदा हो गई। कई श्रद्धालु जमीन पर गिर पड़े और उनके ऊपर दूसरे लोग गिरते चले गए। अचानक मची अफरा-तफरी में लोगों को संभलने तक का मौका नहीं मिला।

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बिजली के पोल को लेकर भी सामने आई जानकारी
घटना के कारणों को लेकर शुरुआती रिपोर्टों में अलग-अलग बातें सामने आ रही हैं। कुछ रिपोर्टों के अनुसार, आसपास बिजली का पोल या तार गिरने के बाद करंट फैलने की आशंका अथवा उसकी अफवाह से लोगों में घबराहट पैदा हुई। वहीं प्रशासन ने भीड़ के अचानक बढ़ने और बैरिकेडिंग टूटने को हादसे की अहम परिस्थितियों में बताया है। हादसे की वास्तविक वजह क्या थी, यह जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।

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मौके पर पहुंचा प्रशासन, अस्पताल में भर्ती कराए गए घायल
हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस और जिला प्रशासन की टीमें मौके पर पहुंचीं। राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया गया और घायल श्रद्धालुओं को उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया। लखीसराय के जिला प्रशासन के मुताबिक मृतकों की संख्या 7 तक पहुंच गई है, जबकि घायल श्रद्धालुओं का इलाज कराया जा रहा है। घटना के बाद प्रशासन ने पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है।

सात मौतों से दहला लखीसराय
जिस जगह सुबह ‘हर-हर महादेव’ के जयकारे गूंज रहे थे, वहां हादसे के बाद चीख-पुकार सुनाई देने लगी। धार्मिक उत्साह के बीच हुई इस त्रासदी ने श्रद्धालुओं की सुरक्षा और बड़े धार्मिक आयोजनों में भीड़ प्रबंधन को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

क्यों खास है अशोकधाम?
लखीसराय का अशोकधाम इंद्रदमनेश्वर महादेव मंदिर के नाम से भी जाना जाता है। सावन के दौरान यहां बड़ी संख्या में शिवभक्त पहुंचते हैं और भगवान शिव का जलाभिषेक करते हैं। सावन सोमवार के मौके पर यहां श्रद्धालुओं की संख्या सामान्य दिनों की तुलना में काफी बढ़ जाती है।

अब सबसे बड़ा सवाल, भीड़ प्रबंधन में कहां हुई चूक?
हादसे के बाद सबसे बड़ा सवाल यही है कि जब सावन सोमवार पर भारी भीड़ जुटने का अनुमान था, तो श्रद्धालुओं की आवाजाही और भीड़ के दबाव को नियंत्रित करने की व्यवस्था पर्याप्त थी या नहीं। प्रशासन की जांच के बाद ही यह साफ होगा कि भगदड़ की नौबत क्यों आई और सुरक्षा व्यवस्था में किस स्तर पर चूक हुई। फिलहाल पूरे इलाके में राहत-बचाव अभियान और घायलों के उपचार पर प्रशासन का फोकस है।

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