मरवाही में हाथियों की आहट से ग्रामीण सतर्क, 7 जगह फसलों को नुकसान… वन विभाग ने बढ़ाई निगरानी
पेंड्रा। मरवाही वन क्षेत्र में एक बार फिर हाथियों की मौजूदगी से ग्रामीणों की चिंता बढ़ गई है। मंगलवार 8 सितंबर की सुबह मरवाही वन परिक्षेत्र के सिवनी वृत्त स्थित घुसरिया बीट में दो हाथियों को विचरण करते देखा गया। सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम सक्रिय हो गई और हाथियों की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए निगरानी बढ़ा दी गई। शुरुआती जानकारी के अनुसार हाथियों ने घुसरिया और कुम्हारी इलाके में कई स्थानों पर खेतों में खड़ी फसलों को नुकसान पहुंचाया है। हालांकि राहत की बात यह है कि अभी तक किसी मकान को नुकसान पहुंचने या जनहानि की सूचना नहीं है।
मध्यप्रदेश की तरफ से पहुंचे दोनों हाथी
वन विभाग के मुताबिक दोनों हाथी मध्यप्रदेश के जतहरी वन क्षेत्र से होते हुए मरवाही की सीमा में पहुंचे हैं। मंगलवार सुबह करीब 9:40 बजे दोनों हाथियों की लोकेशन घुसरिया परिसर के कक्ष क्रमांक 2051 में दर्ज की गई। इसके बाद से विभाग की टीम उनके मूवमेंट पर लगातार नजर बनाए हुए है, ताकि हाथियों के रिहायशी इलाकों की ओर बढ़ने की स्थिति में समय रहते ग्रामीणों को सतर्क किया जा सके।
सात जगहों पर फसलों को नुकसान
हाथियों के विचरण के दौरान घुसरिया में दो स्थानों और कुम्हारी में पांच स्थानों पर फसलों को नुकसान पहुंचने की जानकारी सामने आई है। हाथियों ने खेतों में पहुंचकर खड़ी फसलों को रौंद दिया। वन विभाग की टीम नुकसान का आकलन कर रही है। हाथियों ने किसी घर को नुकसान नहीं पहुंचाया है और न ही किसी व्यक्ति के घायल होने या मौत की सूचना सामने आई है।
इन इलाकों की ओर बढ़ सकता है झुंड
वन विभाग के अनुसार दोनों हाथियों की स्थिति सामान्य है। उनके आगे मरवाही परिसर, सिवनी परिसर, नाका परिसर और सचराटोला की दिशा में बढ़ने की संभावना जताई जा रही है। इसी को देखते हुए संबंधित इलाकों में वन अमले को सतर्क किया गया है और हाथियों के संभावित रास्तों पर निगरानी रखी जा रही है।
ग्रामीणों को जंगल से दूर रहने की सलाह
हाथियों की मौजूदगी को देखते हुए वन विभाग ने आसपास के ग्रामीणों से विशेष सावधानी बरतने की अपील की है। ग्रामीणों को जंगल की ओर अकेले नहीं जाने, हाथियों का पीछा नहीं करने और उन्हें देखने के लिए भीड़ नहीं लगाने की समझाइश दी जा रही है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि हाथियों के करीब जाना या उन्हें परेशान करना बेहद खतरनाक हो सकता है। वन अमला लगातार हाथियों के मूवमेंट को ट्रैक कर रहा है। ग्रामीणों से अपील की गई है कि यदि हाथियों की मौजूदगी दिखाई दे तो तुरंत वन विभाग को सूचना दें और सुरक्षित दूरी बनाए रखें।
