सड़क की बदहाली पर अनोखा विरोध! धमतरी में गड्ढों के बीच दीये जलाकर अधिकारियों को जगाने निकली छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना
धमतरी। सड़क पर गड्ढे इतने कि सफर करना मुश्किल और धूल इतनी कि रास्ता तक नजर न आए! धमतरी की बदहाल सड़कों के खिलाफ छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना ने सिहावा रोड पर दीये जलाकर अनोखा विरोध प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने सड़क की दुर्दशा को लेकर जिम्मेदार अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों पर सवाल उठाते हुए कहा कि आम जनता रोजाना परेशानी झेल रही है, लेकिन सड़क सुधारने के नाम पर सिर्फ बारिश के बाद निर्माण का भरोसा दिया जा रहा है।
गड्ढों में सड़क तलाश रही जनता, सिहावा रोड पर दीये जलाकर विरोध
धमतरी की सड़कों की हालत को लेकर छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना ने सिहावा रोड पर प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने सड़क पर दीये जलाकर बदहाल व्यवस्था के प्रति अपना आक्रोश जाहिर किया। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि सड़कों पर गड्ढों की भरमार है। हालात ऐसे हैं कि यह समझना मुश्किल हो गया है कि सड़क पर गड्ढे हैं या गड्ढों के बीच कहीं सड़क बची भी है। उनका आरोप है कि रोजाना इन गड्ढों के कारण दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता है और राहगीरों को परेशानी उठानी पड़ रही है।
बड़ी गाड़ियों के गुजरते ही धूल का गुबार, दोपहिया चालकों की मुश्किलें बढ़ीं
छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना के कार्यकर्ताओं ने सिहावा रोड की स्थिति पर विशेष रूप से नाराजगी जताई। उनका कहना था कि जब भी इस मार्ग से कोई बड़ा वाहन गुजरता है, तो सड़क पर धूल का ऐसा गुबार उठता है कि दोपहिया वाहन चालकों का दिखाई देना तक मुश्किल हो जाता है। प्रदर्शनकारियों के मुताबिक, धूल के कारण सड़क से गुजरने वाले लोगों के कपड़े तक खराब हो जाते हैं। उनका दावा है कि धमतरी शहर की अन्य सड़कों पर भी कुछ ऐसे ही हालात बने हुए हैं।
गिट्टी डालकर सड़क सुधारने का दावा या बढ़ रही परेशानी?
कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि जिम्मेदार अधिकारी और जनप्रतिनिधि बारिश खत्म होने के बाद सड़क निर्माण की बात कहते हैं। वहीं, सड़क पर गिट्टी डालने की मौजूदा व्यवस्था से समस्या दूर होने के बजाय सड़क की हालत और खराब हो रही है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि सड़क सुधार के नाम पर किए जा रहे ऐसे प्रयासों से आम लोगों को राहत नहीं मिल रही है। हालांकि, सड़क निर्माण और मरम्मत को लेकर संबंधित विभाग का पक्ष इस खबर में उपलब्ध नहीं है।
धूल के गुबार में गुम हो रही रोशनी, दीये जलाकर जताया आक्रोश
सिहावा रोड पर दीये जलाने के पीछे प्रदर्शनकारियों ने प्रतीकात्मक संदेश भी दिया। कार्यकर्ताओं का कहना था कि सड़क पर उड़ती धूल इतनी ज्यादा है कि खंभों पर लगी लाइट तक दिखाई नहीं देती। ऐसे में दीये जलाकर उन्होंने अधिकारियों और नेताओं को जगाने तथा धूल से घिरे अंधेरे को उजाले में बदलने का संदेश देने की कोशिश की। उनके मुताबिक, यह प्रदर्शन सिर्फ सड़क के गड्ढों के खिलाफ नहीं, बल्कि उस परेशानी के खिलाफ भी है जिसे शहर के लोग रोजाना झेल रहे हैं।
सड़क सुधार की मांग, आखिर कब मिलेगी धमतरी के लोगों को राहत?
छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना के इस प्रदर्शन ने धमतरी की सड़कों के रखरखाव और मरम्मत को लेकर सवाल खड़े किए हैं। गड्ढों, धूल और खराब सड़क से जुड़ी परेशानियों को लेकर कार्यकर्ताओं ने जिम्मेदारों का ध्यान आकर्षित करने की कोशिश की। अब बड़ा सवाल यही है कि सड़कों की मरम्मत को लेकर किए जा रहे दावों पर कब अमल होगा और धमतरी के लोगों को कब राहत मिलेगी? फिलहाल प्रदर्शनकारियों ने दीये जलाकर अपनी नाराजगी जाहिर की है, लेकिन सड़क सुधार को लेकर संबंधित विभाग की ओर से ठोस कार्रवाई की जानकारी सामने आना बाकी है।
